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Charkhi Dadri News: राशन डिपो दिलाने के नाम पर की लाखों की धोखाधड़ी, चौथा आरोपी गिरफ्तार
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Wed, 03 Jun 2026 11:09 PM IST
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भिवानी। जिला अनुसंधान इकाई ने राशन डिपो खुलवाने के नाम पर लाखों रुपये की धोखाधड़ी करने के मामले में मंगलवार को फरार चल रहे चौथे आरोपी जितेंद्र निवासी गौतम बुद्ध नगर, उत्तर प्रदेश को फरीदाबाद से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश किया जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
चरखी दादरी निवासी विनोद ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि आरोपियों ने नव आदर्श महिला समिति के नाम से रेडक्रॉस सोसाइटी के पास एक कार्यालय खोला हुआ था। आरोपियों द्वारा लोगों को बताया जाता था कि गांवों में राशन डिपो की दुकान खोलने के लिए 25,000 रुपये जमा करवाने होंगे तथा उन्हें 20,000 रुपये प्रतिमाह वेतन दिया जाएगा।
शिकायतकर्ता के अनुसार राशन डिपो लेने वाले व्यक्तियों को गांवों और शहरों में राशन कार्ड बनाने का कार्य भी दिया जाना था। इसके अलावा आरोपियों द्वारा 20 गांवों पर एक सुपरवाइजर नियुक्त किया जाता था जिसके लिए 50,000 रुपये लिए जाते थे। वहीं जिला स्तर पर मुख्य सुपरवाइजर नियुक्त करने के नाम पर एक लाख रुपये वसूले जाते थे।
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उन्होंने बताया कि आरोपियों ने लोगों से पैसे लेने के बाद न तो राशन उपलब्ध कराया और न ही राशन डिपो खोले। इस प्रकार आरोपियों ने लोगों से लाखों रुपये की धोखाधड़ी की। पुलिस के अनुसार मामले की जांच के दौरान जिला अनुसंधान इकाई के जांच अधिकारी नरेश कुमार ने इस मामले में फरार चल रहे चौथे आरोपी को मंगलवार को फरीदाबाद से गिरफ्तार कर लिया।
चरखी दादरी निवासी विनोद ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि आरोपियों ने नव आदर्श महिला समिति के नाम से रेडक्रॉस सोसाइटी के पास एक कार्यालय खोला हुआ था। आरोपियों द्वारा लोगों को बताया जाता था कि गांवों में राशन डिपो की दुकान खोलने के लिए 25,000 रुपये जमा करवाने होंगे तथा उन्हें 20,000 रुपये प्रतिमाह वेतन दिया जाएगा।
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शिकायतकर्ता के अनुसार राशन डिपो लेने वाले व्यक्तियों को गांवों और शहरों में राशन कार्ड बनाने का कार्य भी दिया जाना था। इसके अलावा आरोपियों द्वारा 20 गांवों पर एक सुपरवाइजर नियुक्त किया जाता था जिसके लिए 50,000 रुपये लिए जाते थे। वहीं जिला स्तर पर मुख्य सुपरवाइजर नियुक्त करने के नाम पर एक लाख रुपये वसूले जाते थे।
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उन्होंने बताया कि आरोपियों ने लोगों से पैसे लेने के बाद न तो राशन उपलब्ध कराया और न ही राशन डिपो खोले। इस प्रकार आरोपियों ने लोगों से लाखों रुपये की धोखाधड़ी की। पुलिस के अनुसार मामले की जांच के दौरान जिला अनुसंधान इकाई के जांच अधिकारी नरेश कुमार ने इस मामले में फरार चल रहे चौथे आरोपी को मंगलवार को फरीदाबाद से गिरफ्तार कर लिया।