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Charkhi Dadri News: सिंचाई के लिए पानी की जरूरत नहीं, विभाग ने मांगा 600 क्यूसिक नहरी पानी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Mon, 20 Apr 2026 11:20 PM IST
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जिले से गुजरते नहर।
- फोटो : 1
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चरखी दादरी। इस बार सिंचाई के लिए पानी की जरूरत न होने पर विभाग ने 600 क्यूसिक नहरी पानी का इंडेंट भेजा है। मेन हेड से तीन दिन देरी से सोमवार को पानी छोड़ दिया गया है। इस बार जिले को 17 अप्रैल को पानी मिलना था लेकिन अब मंगलवार को जिले की मेन लोहारू कैनाल में पहुंच जाएगा। इस समय जलघर खाली हैं। जिले में 60 से ज्यादा जलघर हैं। जिले का करीब 60 प्रतिशत कृषि क्षेत्र नहरी पानी पर ही निर्भर करता है।
168 गांवों में होती है जलापूर्ति
जिले के 168 गांवों में जलघरों के जरिये पेयजल आपूर्ति की जाती है। सभी जलघर नहरों से ही भरे जाते हैं। शहर के अलावा गांव घसोला, मंदोला, कलियाणा,जावा, चांगरोड़, दातोली, ढाणी फोगाट, चिड़िया, पांडवान, जावा, पालड़ी, मिसरी, बौंद कलां, अचीना, रानीला, इमलोटा, चरखी, पैंतावास, झोझू कलां मंदोला, घिकाड़ा,सांवड़, सांजरवास आदि जलघरों में नहरों से ही पानी भरा जाता है।
68 जोहड़ नहरों से जुड़े
जिले की मेन बधवाना, मैहड़ा, बौंद कलां डिस्ट्रीब्यूट्री व लोहारू कैनाल प्रमुख हैं। जिले में 68 से ज्यादा जोहड़ विभिन्न नहरों से जुड़े हुए हैं। जिला की नहरी पानी की बारी 24 दिन मेंं आती है। पिछली बारी में पर्याप्त मात्रा में पानी मिला था। आने वाले गर्मी सीजन को देखते हुए इस बार सभी जोहड़ व जलघर पानी से लबालब करने की जरूरत है। आने वाले दिनों में पानी की खपत दिन प्रतिदिन बढ़ने वाली है। करीब 68 जोहड़ नहरों के जरिए भरे जाते हैं।
600 क्यूसिक पानी की मांग की
रबी की फसलों की कटाई हो चुकी है ऐसे में इस बार सिंचाई के लिए पानी की जरूरत नहीं है। इस बार तो केवल जलघर व तालाब भरने में भी पानी की खपत होनी है। सिंचाई विभाग ने पानी की कम जरूरत को देखते हुए 600 क्यूसिक की मांग की है जबकि इससे पहले हर बार 900 क्यूसिक पानी की मांग की जाती रही है। मंगलवार को जिले की नहरों में पानी पहुंच जाएगा जो 16 दिन तक चलेगा। विदित रहे गर्मी सीजन में पानी की खपत ज्यादा होती है। जलघर नहरी पानी पर भी निर्भर हैं। इस समय गांवों में पेयजल संकट बना हुआ है। गांव चिड़िया के ग्रामीण तो पेयजल संकट पर पंचायत भी कर चुके हैं।
वर्सन:
इस बार 600 क्यूसिक पानी की मांग है। पीछे मेन हेड से पानी छोड़ दिया गया है। जलघरों को प्राथमिकता से भरा जाएगा। 16 दिन के लिए पानी मिला है तब तक सभी जलघर भर दिए जाएंगे। नहरी पानी की कमी नहीं रहने दी जाएगी।- सतेंद्र कुमार, कार्यकारी अभियंता, सिंचाई विभाग।
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168 गांवों में होती है जलापूर्ति
जिले के 168 गांवों में जलघरों के जरिये पेयजल आपूर्ति की जाती है। सभी जलघर नहरों से ही भरे जाते हैं। शहर के अलावा गांव घसोला, मंदोला, कलियाणा,जावा, चांगरोड़, दातोली, ढाणी फोगाट, चिड़िया, पांडवान, जावा, पालड़ी, मिसरी, बौंद कलां, अचीना, रानीला, इमलोटा, चरखी, पैंतावास, झोझू कलां मंदोला, घिकाड़ा,सांवड़, सांजरवास आदि जलघरों में नहरों से ही पानी भरा जाता है।
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68 जोहड़ नहरों से जुड़े
जिले की मेन बधवाना, मैहड़ा, बौंद कलां डिस्ट्रीब्यूट्री व लोहारू कैनाल प्रमुख हैं। जिले में 68 से ज्यादा जोहड़ विभिन्न नहरों से जुड़े हुए हैं। जिला की नहरी पानी की बारी 24 दिन मेंं आती है। पिछली बारी में पर्याप्त मात्रा में पानी मिला था। आने वाले गर्मी सीजन को देखते हुए इस बार सभी जोहड़ व जलघर पानी से लबालब करने की जरूरत है। आने वाले दिनों में पानी की खपत दिन प्रतिदिन बढ़ने वाली है। करीब 68 जोहड़ नहरों के जरिए भरे जाते हैं।
600 क्यूसिक पानी की मांग की
रबी की फसलों की कटाई हो चुकी है ऐसे में इस बार सिंचाई के लिए पानी की जरूरत नहीं है। इस बार तो केवल जलघर व तालाब भरने में भी पानी की खपत होनी है। सिंचाई विभाग ने पानी की कम जरूरत को देखते हुए 600 क्यूसिक की मांग की है जबकि इससे पहले हर बार 900 क्यूसिक पानी की मांग की जाती रही है। मंगलवार को जिले की नहरों में पानी पहुंच जाएगा जो 16 दिन तक चलेगा। विदित रहे गर्मी सीजन में पानी की खपत ज्यादा होती है। जलघर नहरी पानी पर भी निर्भर हैं। इस समय गांवों में पेयजल संकट बना हुआ है। गांव चिड़िया के ग्रामीण तो पेयजल संकट पर पंचायत भी कर चुके हैं।
वर्सन:
इस बार 600 क्यूसिक पानी की मांग है। पीछे मेन हेड से पानी छोड़ दिया गया है। जलघरों को प्राथमिकता से भरा जाएगा। 16 दिन के लिए पानी मिला है तब तक सभी जलघर भर दिए जाएंगे। नहरी पानी की कमी नहीं रहने दी जाएगी।- सतेंद्र कुमार, कार्यकारी अभियंता, सिंचाई विभाग।

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