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Charkhi Dadri News: शहरवासियों को प्रतिदिन पेयजल सप्लाई के लिए करना होगा जून तक इंतजार
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Thu, 23 Apr 2026 01:44 AM IST
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शहर के चंपापुरी स्थित जलघर।
- फोटो : 1
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चरखी दादरी। शहरवासियों को रोजाना पेयजल सप्लाई के लिए अभी और इंतजार करना पड़ेगा। विभागीय पेयजल प्रोजेक्ट के अधूरा रहने के चलते अब जून माह तक ही इसके पूरा होने की उम्मीद जताई जा रही है। इससे पहले जनवरी और फिर अप्रैल तक काम पूरा होने के दावे किए गए थे लेकिन अब समयसीमा फिर बढ़ा दी गई है। ऐसे में गर्मी के मौसम में भी लोगों को राहत मिलती नजर नहीं आ रही। नए प्रोजेक्ट से शहर की पेयजल क्षमता 23 एमएलडी होने जा रही है।
एक दिन छोड़कर मिल रही सप्लाई
इस समय शहर में एक दिन छोड़कर पेयजल सप्लाई हो रही है। जिससे निर्धारित मानकों के अनुसार प्रति व्यक्ति 135 लीटर पानी उपलब्ध नहीं हो पा रहा। पेयजल प्रोजेक्ट के तहत पाइप लाइन बिछाने का काम बाकी है। इस प्रोजेक्ट पर 115 करोड़ रुपये खर्च होने हैं।
23 में से 18 एमएलडी पेयजल आपूर्ति शुरू
विभाग ने शहर में कुल 23 में से 18 एमएलडी पेयजल की आपूर्ति ही शुरू की है। कुल आपूर्ति 23 एमएलडी की जानी है। विभाग अधिकारियों का दावा है कि इस बार गर्मी सीजन में शहर में पेयजल संकट नहीं रहेगा। पानी का दबाव भी बढ़ेगा। इस प्रोजेक्ट से नगर में 6.50 एमएलडी पेयजल क्षमता बढ़नी है जबकि पहले से कुल पेयजल क्षमता 16.50 एमएलडी है। नए प्रोजेक्ट के तहत नए घिकाड़ा जलघर की क्षमता 4.50 एमएलडी की जा रही है। शहर के मुख्य एवं पुराने जलघर चंपापुरी की क्षमता पहले 5 एमएलडी थी अब 2 और बढ़कर 07 एमएलडी हो गई है। इसी प्रकार शहर के ही तीसरे कपूरी जलघर की क्षमता 11.50 एमएलडी है।
दस साल से पेयजल संकट
फिलहाल शहर में दस साल से एक दिन छोड़कर आपूर्ति की जा रही है जिससे पानी की पूर्ति नहीं हो पा रही है। शहरवासियों को इस बार भी गर्मी सीजन में पेयजल संकट से राहत मिलना मुश्किल होगा। शहर में दो दशक से पानी का संकट बना हुआ है। इस अवधि में पेयजल क्षमता मेंं सुधार नहीं हुआ जबकि आवासीय बस्ती बढ़ती गई। पानी की खपत भी बढ़ती गई।
जलघरों की बढ़ाई क्षमता
अब विभाग ने पेयजल आपूर्ति को दुरुस्त करने की दिशा में काम शुरू कर रखा है। इस प्रोजेक्ट के तहत नगर के दोनों जलघरों की स्टोरेज क्षमता बढ़ाई गई है। शहर में दो जलघर हैं जो गांव रामनगर व चंपापुरी में बने हुए हैं। इन दोनों जलघरों की क्षमता बढ़ाई गई है। चंपापुरी जलघर में चार टैंक हैं जिनकी क्षमता बढ़ा दी गई है। रामनगर जलघर में दो स्टोरेज टैंक बने हुए हैं इनकी क्षमता 11.50 एमएलड की गई है।
तीसरे जलघर बन रहा
विभाग ने शहर के लिए तीसरा जलघर तीन किलोमीटर दूर गांव घिकाड़ा में बनाया है। विभाग इस जलघर को अपग्रेड कर रहा है। इसकी पेयजल क्षमता 4.50 एमएलडी की गई है। यह जलघर शहर के करीब 30 प्रतिशत क्षेत्र में सप्लाई करेगा। इसी प्रकार विभाग साथ-साथ इन तीनों जलघरों में 10 दिन में पानी भरने की योजना पर भी काम कर रहा है ताकि 16 दिन नहरों में पानी चलने पर समय रहते इनको भरा जा सके। ये तीनों प्रोजेक्ट पूरे होने के बाद नगर की कुल पेयजल क्षमता 23 एमएलडी होनी है।
वर्सन:
विभाग जून माह तक नगर में प्रतिदिन पेयजल सप्लाई शुरू कर देगा। गर्मी सीजन में पेयजल की किल्लत नहीं आने दी जाएगी। विभाग जल्द ही पेयजल प्रोजेक्ट को पूरा करवाएगा। -मोहनलाल, एसडीओ, जनस्वास्थ्य विभाग
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एक दिन छोड़कर मिल रही सप्लाई
इस समय शहर में एक दिन छोड़कर पेयजल सप्लाई हो रही है। जिससे निर्धारित मानकों के अनुसार प्रति व्यक्ति 135 लीटर पानी उपलब्ध नहीं हो पा रहा। पेयजल प्रोजेक्ट के तहत पाइप लाइन बिछाने का काम बाकी है। इस प्रोजेक्ट पर 115 करोड़ रुपये खर्च होने हैं।
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23 में से 18 एमएलडी पेयजल आपूर्ति शुरू
विभाग ने शहर में कुल 23 में से 18 एमएलडी पेयजल की आपूर्ति ही शुरू की है। कुल आपूर्ति 23 एमएलडी की जानी है। विभाग अधिकारियों का दावा है कि इस बार गर्मी सीजन में शहर में पेयजल संकट नहीं रहेगा। पानी का दबाव भी बढ़ेगा। इस प्रोजेक्ट से नगर में 6.50 एमएलडी पेयजल क्षमता बढ़नी है जबकि पहले से कुल पेयजल क्षमता 16.50 एमएलडी है। नए प्रोजेक्ट के तहत नए घिकाड़ा जलघर की क्षमता 4.50 एमएलडी की जा रही है। शहर के मुख्य एवं पुराने जलघर चंपापुरी की क्षमता पहले 5 एमएलडी थी अब 2 और बढ़कर 07 एमएलडी हो गई है। इसी प्रकार शहर के ही तीसरे कपूरी जलघर की क्षमता 11.50 एमएलडी है।
दस साल से पेयजल संकट
फिलहाल शहर में दस साल से एक दिन छोड़कर आपूर्ति की जा रही है जिससे पानी की पूर्ति नहीं हो पा रही है। शहरवासियों को इस बार भी गर्मी सीजन में पेयजल संकट से राहत मिलना मुश्किल होगा। शहर में दो दशक से पानी का संकट बना हुआ है। इस अवधि में पेयजल क्षमता मेंं सुधार नहीं हुआ जबकि आवासीय बस्ती बढ़ती गई। पानी की खपत भी बढ़ती गई।
जलघरों की बढ़ाई क्षमता
अब विभाग ने पेयजल आपूर्ति को दुरुस्त करने की दिशा में काम शुरू कर रखा है। इस प्रोजेक्ट के तहत नगर के दोनों जलघरों की स्टोरेज क्षमता बढ़ाई गई है। शहर में दो जलघर हैं जो गांव रामनगर व चंपापुरी में बने हुए हैं। इन दोनों जलघरों की क्षमता बढ़ाई गई है। चंपापुरी जलघर में चार टैंक हैं जिनकी क्षमता बढ़ा दी गई है। रामनगर जलघर में दो स्टोरेज टैंक बने हुए हैं इनकी क्षमता 11.50 एमएलड की गई है।
तीसरे जलघर बन रहा
विभाग ने शहर के लिए तीसरा जलघर तीन किलोमीटर दूर गांव घिकाड़ा में बनाया है। विभाग इस जलघर को अपग्रेड कर रहा है। इसकी पेयजल क्षमता 4.50 एमएलडी की गई है। यह जलघर शहर के करीब 30 प्रतिशत क्षेत्र में सप्लाई करेगा। इसी प्रकार विभाग साथ-साथ इन तीनों जलघरों में 10 दिन में पानी भरने की योजना पर भी काम कर रहा है ताकि 16 दिन नहरों में पानी चलने पर समय रहते इनको भरा जा सके। ये तीनों प्रोजेक्ट पूरे होने के बाद नगर की कुल पेयजल क्षमता 23 एमएलडी होनी है।
वर्सन:
विभाग जून माह तक नगर में प्रतिदिन पेयजल सप्लाई शुरू कर देगा। गर्मी सीजन में पेयजल की किल्लत नहीं आने दी जाएगी। विभाग जल्द ही पेयजल प्रोजेक्ट को पूरा करवाएगा। -मोहनलाल, एसडीओ, जनस्वास्थ्य विभाग

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