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Charkhi Dadri News: फसल भुगतान धोखाधड़ी मामले में मुख्य आरोपी समेत दो गिरफ्तार
Fri, 31 Jul 2026 02:00 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Fri, 31 Jul 2026 02:00 AM IST
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चरखी दादरी। थाना बौंद कलां पुलिस ने किसानों से करीब 6 करोड़ 50 लाख रुपये की फसल भुगतान धोखाधड़ी के मामले में कार्रवाई की है। पुलिस ने इस बहुचर्चित मामले के मुख्य आरोपी शंकर लाल और प्रवीन उर्फ पिंटू को गिरफ्तार किया है।
दोनों निवासी बौंद कलां हैं और उन्हें चार दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है। पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में जांच चल रही है। इसमें सामने आया कि आरोपियों ने वर्ष 2024 से 5 अप्रैल 2026 के बीच किसानों से फसलें खरीदीं। उन्होंने गेहूं, धान और अन्य फसलों का भुगतान नहीं किया।
आरोप है कि किसानों की फसल बेचकर करीब 6.50 करोड़ रुपये का गबन किया गया। इसके बाद आरोपी अपने परिवार सहित फरार हो गए थे। पुलिस प्रवक्ता योगेश कुमार ने बताया कि गांव नीमड़ी निवासी नंबरदार लीलाराम की शिकायत पर मामला दर्ज हुआ।
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शिकायत में कहा गया कि अनेक किसानों ने शंकर लाल और उसके परिवार को वर्षों से विश्वास पर फसलें बेची थीं। आरोपियों का बौंद कलां और कलानौर अनाज मंडी में आढ़त का कारोबार था।
लंबे समय से व्यापारिक संबंध होने के कारण किसान उन्हें उधार पर भी फसल दे देते थे। शिकायत के अनुसार, वर्ष 2024 से अप्रैल 2026 तक आरोपियों ने करोड़ों रुपये की फसल का भुगतान नहीं किया। जब किसानों ने बकाया राशि मांगी तो आरोपियों ने धान मिलों से भुगतान अटकने का बहाना बनाया। वे लगातार टालते रहे और जल्द भुगतान का आश्वासन देते रहे।
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दोनों निवासी बौंद कलां हैं और उन्हें चार दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है। पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में जांच चल रही है। इसमें सामने आया कि आरोपियों ने वर्ष 2024 से 5 अप्रैल 2026 के बीच किसानों से फसलें खरीदीं। उन्होंने गेहूं, धान और अन्य फसलों का भुगतान नहीं किया।
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आरोप है कि किसानों की फसल बेचकर करीब 6.50 करोड़ रुपये का गबन किया गया। इसके बाद आरोपी अपने परिवार सहित फरार हो गए थे। पुलिस प्रवक्ता योगेश कुमार ने बताया कि गांव नीमड़ी निवासी नंबरदार लीलाराम की शिकायत पर मामला दर्ज हुआ।
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शिकायत में कहा गया कि अनेक किसानों ने शंकर लाल और उसके परिवार को वर्षों से विश्वास पर फसलें बेची थीं। आरोपियों का बौंद कलां और कलानौर अनाज मंडी में आढ़त का कारोबार था।
लंबे समय से व्यापारिक संबंध होने के कारण किसान उन्हें उधार पर भी फसल दे देते थे। शिकायत के अनुसार, वर्ष 2024 से अप्रैल 2026 तक आरोपियों ने करोड़ों रुपये की फसल का भुगतान नहीं किया। जब किसानों ने बकाया राशि मांगी तो आरोपियों ने धान मिलों से भुगतान अटकने का बहाना बनाया। वे लगातार टालते रहे और जल्द भुगतान का आश्वासन देते रहे।