{"_id":"69a08c9b51b113421609cbb5","slug":"demand-for-salary-and-permanent-recruitment-from-the-government-fatehabad-news-c-127-1-ftb1010-149286-2026-02-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"Fatehabad News: सरकार से वेतन और स्थायी भर्ती की मांग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Fatehabad News: सरकार से वेतन और स्थायी भर्ती की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Thu, 26 Feb 2026 11:40 PM IST
विज्ञापन
फतेहाबाद। मांगों को लेकर प्रदर्शन करते सफाई कर्मचारी। संवाद
विज्ञापन
फतेहाबाद। ऑल सफाई कामगार संघर्ष समिति के बैनर तले सफाई कर्मचारियों ने रोष प्रदर्शन कर अपनी मांगें रखीं और जिला उपायुक्त के माध्यम से मुख्यमंत्री नायब सैनी के नाम ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शन की अध्यक्षता नगर पालिका कर्मचारी संघ के जिला प्रधान विजय ढाका और ग्रामीण कर्मचारी संघ के जिला प्रधान सुनील कुमार ने संयुक्त रूप से की।
इस अवसर पर राज्य वरिष्ठ उप प्रधान रमेश तोषामड़, पूर्व प्रधान बेगराज और इकाई प्रधान नरेश राणा ने बताया कि मुख्यमंत्री ने 24 नवंबर 2024 को जींद रैली में सफाई कर्मचारियों का वेतन 26-27 हजार रुपये करने की घोषणा की थी, लेकिन यह आज तक पूरी नहीं हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकांश कर्मचारी डीएससी समाज से आते हैं, बावजूद इसके सरकार उनकी अनदेखी कर रही है।
संघर्ष समिति ने हाईकोर्ट आदेश के अनुसार 31 दिसंबर 2025 तक सभी कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने, ग्रामीण क्षेत्रों में 26 हजार और शहरी क्षेत्रों में 27 हजार मासिक वेतन एरियर सहित लागू करने, ठेका प्रथा बंद कर नई पक्की भर्ती सृजित करने, ड्यूटी दौरान मृत्यु होने पर बीमा, अतिरिक्त सहायता और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग की। इस मौके पर ओमप्रकाश लोट, वीरू रत्ती, अनिल चौहान, हरपाल सिंह सहित कई अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।
Trending Videos
इस अवसर पर राज्य वरिष्ठ उप प्रधान रमेश तोषामड़, पूर्व प्रधान बेगराज और इकाई प्रधान नरेश राणा ने बताया कि मुख्यमंत्री ने 24 नवंबर 2024 को जींद रैली में सफाई कर्मचारियों का वेतन 26-27 हजार रुपये करने की घोषणा की थी, लेकिन यह आज तक पूरी नहीं हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकांश कर्मचारी डीएससी समाज से आते हैं, बावजूद इसके सरकार उनकी अनदेखी कर रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
संघर्ष समिति ने हाईकोर्ट आदेश के अनुसार 31 दिसंबर 2025 तक सभी कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने, ग्रामीण क्षेत्रों में 26 हजार और शहरी क्षेत्रों में 27 हजार मासिक वेतन एरियर सहित लागू करने, ठेका प्रथा बंद कर नई पक्की भर्ती सृजित करने, ड्यूटी दौरान मृत्यु होने पर बीमा, अतिरिक्त सहायता और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग की। इस मौके पर ओमप्रकाश लोट, वीरू रत्ती, अनिल चौहान, हरपाल सिंह सहित कई अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।