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Fatehabad News: जलभराव और फसल खराबे पर किसानों में रोष, उचित मुआवजा देने की उठी मांग
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Sun, 15 Mar 2026 11:17 PM IST
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फतेहाबाद। गांव खाराखेड़ी में आयोजित बैठक में भाग लेते किसानस्त्रोत : संघ
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फतेहाबाद। अखिल भारतीय किसान सभा की बैठक में जलभराव और फसल खराबे की गंभीर स्थिति पर किसानों ने चिंता जताते हुए उचित मुआवजा देने की मांग उठाई। इस दौरान खाराखेड़ी इकाई की जनरल बॉडी बैठक में 15 सदस्यीय ग्राम कमेटी का गठन किया गया। इसमें सर्वसम्मति से मुकेश कुमार को प्रधान चुना गया।
बैठक किसान रामचंद्र की अध्यक्षता में संपन्न हुई, जबकि संचालन मुकेश कुमार राड ने किया। बैठक में मुख्य वक्ता के रूप में जिला प्रधान कामरेड विष्णुदत्त शर्मा और सतबीर सिंह बड़ोपल ने जिले में सेम तथा जलभराव की गंभीर स्थिति के बारे में किसानों के साथ चर्चा की। किसान नेताओं ने कहा कि खाराखेड़ी गांव की स्थिति बेहद चिंताजनक है।
गांव की लगभग साढ़े चार हजार एकड़ कृषि भूमि में से करीब 2500 एकड़ क्षेत्र में फसल का लगभग 80 प्रतिशत नुकसान हो चुका है। खेतों के साथ ढाणियों को भी भारी क्षति पहुंची है।किसान नेताओं ने आरोप लगाया कि बीमा कंपनियां तकनीकी आपत्तियों का हवाला देकर क्लेम देने से बच रही हैं। जहां फसल पूरी तरह नष्ट हो चुकी है वहां रिकॉर्ड में खराबा केवल 24 प्रतिशत दिखाया गया है।
उन्होंने कहा कि सरकार ने मुआवजे की घोषणा की, लेकिन अब तक किसानों के हाथ कोई राहत नहीं पहुंची। कई एकड़ जमीन अभी भी पानी से घिरी हुई है। एक तरफ खेतों में पानी भरा है, दूसरी तरफ कागजी रिकॉर्ड में स्थिति सामान्य दिखाई जा रही है। बैठक में किसानों ने मांग रखी कि बीमा कंपनियों की मनमानी पर रोक लगे और जिम्मेदार अधिकारियों पर कानूनी कार्रवाई हो।
विष्णुदत्त शर्मा ने कहा कि जलभराव तथा फसल नुकसान का उचित मुआवजा जल्द जारी किया जाए। क्षेत्र में सेम की समस्या का स्थायी समाधान किया जाए तथा स्वच्छ पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित हो। बैठक में निर्णय लिया गया कि इन मांगों के समर्थन में किसान सभा का प्रतिनिधिमंडल जल्द ही उपायुक्त से मुलाकात करेगा। समाधान नहीं होने की स्थिति में आंदोलन किया जाएगा।
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बैठक में ग्राम कमेटी का गठन
संगठन को मजबूत बनाने की दिशा में ग्राम कमेटी का गठन किया गया। नई कमेटी में मुकेश कुमार को प्रधान, संजय कुमार पूनिया को सचिव बनाया गया। इसके अलावा राम कुमार निंबडिया और नफे सिंह को उपप्रधान की जिम्मेदारी मिली। कार्यकारिणी में रत्न लाल सिवर, कृष्ण खिलेरी, रामफल, शकील खिलेरी, हवा सिंह, सुंदर सुथार, संदीप, अमर सिंह, राम निवास गोदारा और मुरली शामिल किए गए।
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बैठक किसान रामचंद्र की अध्यक्षता में संपन्न हुई, जबकि संचालन मुकेश कुमार राड ने किया। बैठक में मुख्य वक्ता के रूप में जिला प्रधान कामरेड विष्णुदत्त शर्मा और सतबीर सिंह बड़ोपल ने जिले में सेम तथा जलभराव की गंभीर स्थिति के बारे में किसानों के साथ चर्चा की। किसान नेताओं ने कहा कि खाराखेड़ी गांव की स्थिति बेहद चिंताजनक है।
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गांव की लगभग साढ़े चार हजार एकड़ कृषि भूमि में से करीब 2500 एकड़ क्षेत्र में फसल का लगभग 80 प्रतिशत नुकसान हो चुका है। खेतों के साथ ढाणियों को भी भारी क्षति पहुंची है।किसान नेताओं ने आरोप लगाया कि बीमा कंपनियां तकनीकी आपत्तियों का हवाला देकर क्लेम देने से बच रही हैं। जहां फसल पूरी तरह नष्ट हो चुकी है वहां रिकॉर्ड में खराबा केवल 24 प्रतिशत दिखाया गया है।
उन्होंने कहा कि सरकार ने मुआवजे की घोषणा की, लेकिन अब तक किसानों के हाथ कोई राहत नहीं पहुंची। कई एकड़ जमीन अभी भी पानी से घिरी हुई है। एक तरफ खेतों में पानी भरा है, दूसरी तरफ कागजी रिकॉर्ड में स्थिति सामान्य दिखाई जा रही है। बैठक में किसानों ने मांग रखी कि बीमा कंपनियों की मनमानी पर रोक लगे और जिम्मेदार अधिकारियों पर कानूनी कार्रवाई हो।
विष्णुदत्त शर्मा ने कहा कि जलभराव तथा फसल नुकसान का उचित मुआवजा जल्द जारी किया जाए। क्षेत्र में सेम की समस्या का स्थायी समाधान किया जाए तथा स्वच्छ पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित हो। बैठक में निर्णय लिया गया कि इन मांगों के समर्थन में किसान सभा का प्रतिनिधिमंडल जल्द ही उपायुक्त से मुलाकात करेगा। समाधान नहीं होने की स्थिति में आंदोलन किया जाएगा।
बैठक में ग्राम कमेटी का गठन
संगठन को मजबूत बनाने की दिशा में ग्राम कमेटी का गठन किया गया। नई कमेटी में मुकेश कुमार को प्रधान, संजय कुमार पूनिया को सचिव बनाया गया। इसके अलावा राम कुमार निंबडिया और नफे सिंह को उपप्रधान की जिम्मेदारी मिली। कार्यकारिणी में रत्न लाल सिवर, कृष्ण खिलेरी, रामफल, शकील खिलेरी, हवा सिंह, सुंदर सुथार, संदीप, अमर सिंह, राम निवास गोदारा और मुरली शामिल किए गए।