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Fatehabad News: लापरवाही...बजट खर्च करने के लिए दिया मात्र एक दिन
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Tue, 31 Mar 2026 10:51 PM IST
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फतेहाबाद के मॉडल स्ंस्कृति स्कूल में बना मैदान स्त्रोत लाइब्रेरी
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फतेहाबाद। शिक्षा विभाग की तरफ से स्कूलों में खेल के सामान के लिए आनन-फानन में बजट जारी कर दिया गया। समग्र शिक्षा विभाग कार्यालय ने भी स्कूलों को बजट भेज दिया। जिले के अधिकतर स्कूलों ने मंगलवार को छुट्टी के दिन खेल का सामान खरीदने में खानापूर्ति कर दी। हालांकि बजट के इस्तेमाल की रिपोर्ट दो से तीन दिन बाद जारी होगी।
योजना के तहत जिले को 55.35 लाख रुपये का बजट आवंटित किया गया। बजट जारी करने और खर्च की समय सीमा में केवल एक दिन का अंतर होने के कारण स्कूल प्रबंधन में मंगलवार को अफरा-तफरी का माहौल रहा। कई स्कूल संचालक बाजार पहुंचे और बिना कमेटी बनाए खरीद भी कर ली।
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इस तरफ पूरी करनी थी प्रक्रिया
सोमवार को जारी किए गए बजट के साथ निर्देशों के मुताबिक प्रत्येक स्कूल में एसएमसी कमेटी के माध्यम से खरीद प्रक्रिया पूरी करनी थी। जिसमें चेयरमैन, स्कूल मुखिया, सरपंच, खेल पृष्ठभूमि वाला सदस्य और पीटीआई शामिल होंगे। अब इतने कम समय में खरीद प्रक्रिया को पूरा करना समझ से परे रहा।
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शिक्षा विभाग की तरफ से ये जारी बजट
स्कूल संख्या बजट
प्राथमिक 385 19.25 लाख
मिडिल 79 7 लाख 90 हजार
हाई 36 7 लाख 20 हजार
सीनियर सेकेंडरी 105 21 लाख
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शिक्षा विभाग के अधिकारियों की सबसे बड़ी लापरवाही है। ये बजट स्कूलों को पहले भी जारी किया जा सकता था लेकिन खानापूर्ति करने के लिए एक दिन पहले जारी किया गया है। अधिकतर स्कूलों में इस बजट का इस्तेमाल भी नहीं हुआ होगा।
-देवेंद्र सिंह दहिया, सेवानिवृति मुख्य शिक्षक एवं राज्य सलाहकार, राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ
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मुख्यालय की तरफ से सोमवार शाम को ही बजट जारी किया गया था और उसे स्कूलों में भेज दिया गया। किस स्कूल ने सामान खरीदा है और नहीं खरीदा है, इस बारे में दो से तीन दिन बाद यूसी आने से ही पता चल पाएगा।
-प्रदीप कुमार, एपीसी
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योजना के तहत जिले को 55.35 लाख रुपये का बजट आवंटित किया गया। बजट जारी करने और खर्च की समय सीमा में केवल एक दिन का अंतर होने के कारण स्कूल प्रबंधन में मंगलवार को अफरा-तफरी का माहौल रहा। कई स्कूल संचालक बाजार पहुंचे और बिना कमेटी बनाए खरीद भी कर ली।
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इस तरफ पूरी करनी थी प्रक्रिया
सोमवार को जारी किए गए बजट के साथ निर्देशों के मुताबिक प्रत्येक स्कूल में एसएमसी कमेटी के माध्यम से खरीद प्रक्रिया पूरी करनी थी। जिसमें चेयरमैन, स्कूल मुखिया, सरपंच, खेल पृष्ठभूमि वाला सदस्य और पीटीआई शामिल होंगे। अब इतने कम समय में खरीद प्रक्रिया को पूरा करना समझ से परे रहा।
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शिक्षा विभाग की तरफ से ये जारी बजट
स्कूल संख्या बजट
प्राथमिक 385 19.25 लाख
मिडिल 79 7 लाख 90 हजार
हाई 36 7 लाख 20 हजार
सीनियर सेकेंडरी 105 21 लाख
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शिक्षा विभाग के अधिकारियों की सबसे बड़ी लापरवाही है। ये बजट स्कूलों को पहले भी जारी किया जा सकता था लेकिन खानापूर्ति करने के लिए एक दिन पहले जारी किया गया है। अधिकतर स्कूलों में इस बजट का इस्तेमाल भी नहीं हुआ होगा।
-देवेंद्र सिंह दहिया, सेवानिवृति मुख्य शिक्षक एवं राज्य सलाहकार, राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ
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मुख्यालय की तरफ से सोमवार शाम को ही बजट जारी किया गया था और उसे स्कूलों में भेज दिया गया। किस स्कूल ने सामान खरीदा है और नहीं खरीदा है, इस बारे में दो से तीन दिन बाद यूसी आने से ही पता चल पाएगा।
-प्रदीप कुमार, एपीसी