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Fatehabad News: 10 करोड़ से बना अंतरराष्ट्रीय स्तर का फुटबाल मैदान बदहाल, 11 साल बाद भी खेल विभाग को नहीं किया हैंडओवर
Thu, 29 Oct 2026 08:45 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Thu, 29 Oct 2026 08:45 PM IST
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दरियापुर का बदहाल फुटबाल मैदान।
फतेहाबाद। अंतरराष्ट्रीय स्तर के फुटबाल खिलाड़ी तैयार करने का सपना लेकर गांव दरियापुर में बनाया एस्ट्रोटर्फ मैदान बदहाली का शिकार है। वर्ष 2015 में करीब 10 करोड़ रुपये की लागत से तैयार मैदान को 11 साल बाद भी खेल विभाग को नहीं सौंपा गया।
राष्ट्रीय स्तर की फुटबाल अकादमी और खिलाड़ियों के छात्रावास की योजना भी अधर में है। मैदान का गोल पोस्ट टूट चुका है। चारदीवारी की जाली कई जगह से टूटी है। सुरक्षा ग्रिल जर्जर और मैदान कई जगह से उखड़ने लगा है।
जिला मुख्यालय से करीब दस किलोमीटर दूर स्थित इस मैदान के रखरखाव की जिम्मेदारी को लेकर लोक निर्माण विभाग और खेल विभाग के बीच मामला अटका हुआ है। खेल विभाग का कहना है कि मैदान उसे हैंडओवर नहीं किया गया। इसका खामियाजा खिलाड़ियों को भुगतना पड़ रहा है। परिसर में बेसहारा पशु बैठे रहते हैं और गंदगी फैली रहती है।
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मैदान में फुटबाल नहीं क्रिकेट खेलते हैं
मैदान का समुचित उपयोग नहीं होने से ग्रामीण यहां फुटबाल के बजाय क्रिकेट खेलते हैं। दरियापुर और आसपास के गांवों के युवा सेना व अन्य रक्षा बलों में भर्ती की तैयारी के लिए यहां दौड़ भी लगाते हैं। मैदान के चारों ओर बना ट्रैक टूट चुका है। जिस परिसर में राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी तैयार होने थे वहां फुटबाल की नियमित गतिविधियां शुरू नहीं हो पाई हैं।
जागो संस्था के पदाधिकारी देवेंद्र दहिया, सिटी वेलफेयर क्लब के विनोद अरोड़ा, हर्बल सोसाइटी के पीयूष नारंग और जिंदगी संस्था के हरदीप सिंह ने कहा कि सरकार ने मैदान पर करोड़ों रुपये खर्च किए लेकिन आमजन को इसका लाभ नहीं मिल रहा। उन्होंने सरकार से मामले में संज्ञान लेकर मैदान का उपयोग सुनिश्चित करने की मांग की।
अकादमी और छात्रावास की योजना अधर में
मैदान के निर्माण के साथ यहां राष्ट्रीय स्तर की फुटबाल अकादमी और खिलाड़ियों के लिए छात्रावास बनाने की योजना थी। इसका उद्देश्य बेहतर सुविधाओं के साथ प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को तैयार करना था लेकिन मैदान खेल विभाग को नहीं सौंपे जाने से यह योजना आगे नहीं बढ़ सकी।
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मैदान का निर्माण लोक निर्माण विभाग की ओर से किया गया है। निर्माण कार्य पूरा न होने के कारण खेल मैदान खेल विभाग को हैंडओवर नहीं किया गया है। - विष्णु दास, जिला खेल अधिकारी, फतेहाबाद।
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राष्ट्रीय स्तर की फुटबाल अकादमी और खिलाड़ियों के छात्रावास की योजना भी अधर में है। मैदान का गोल पोस्ट टूट चुका है। चारदीवारी की जाली कई जगह से टूटी है। सुरक्षा ग्रिल जर्जर और मैदान कई जगह से उखड़ने लगा है।
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जिला मुख्यालय से करीब दस किलोमीटर दूर स्थित इस मैदान के रखरखाव की जिम्मेदारी को लेकर लोक निर्माण विभाग और खेल विभाग के बीच मामला अटका हुआ है। खेल विभाग का कहना है कि मैदान उसे हैंडओवर नहीं किया गया। इसका खामियाजा खिलाड़ियों को भुगतना पड़ रहा है। परिसर में बेसहारा पशु बैठे रहते हैं और गंदगी फैली रहती है।
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मैदान में फुटबाल नहीं क्रिकेट खेलते हैं
मैदान का समुचित उपयोग नहीं होने से ग्रामीण यहां फुटबाल के बजाय क्रिकेट खेलते हैं। दरियापुर और आसपास के गांवों के युवा सेना व अन्य रक्षा बलों में भर्ती की तैयारी के लिए यहां दौड़ भी लगाते हैं। मैदान के चारों ओर बना ट्रैक टूट चुका है। जिस परिसर में राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी तैयार होने थे वहां फुटबाल की नियमित गतिविधियां शुरू नहीं हो पाई हैं।
जागो संस्था के पदाधिकारी देवेंद्र दहिया, सिटी वेलफेयर क्लब के विनोद अरोड़ा, हर्बल सोसाइटी के पीयूष नारंग और जिंदगी संस्था के हरदीप सिंह ने कहा कि सरकार ने मैदान पर करोड़ों रुपये खर्च किए लेकिन आमजन को इसका लाभ नहीं मिल रहा। उन्होंने सरकार से मामले में संज्ञान लेकर मैदान का उपयोग सुनिश्चित करने की मांग की।
अकादमी और छात्रावास की योजना अधर में
मैदान के निर्माण के साथ यहां राष्ट्रीय स्तर की फुटबाल अकादमी और खिलाड़ियों के लिए छात्रावास बनाने की योजना थी। इसका उद्देश्य बेहतर सुविधाओं के साथ प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को तैयार करना था लेकिन मैदान खेल विभाग को नहीं सौंपे जाने से यह योजना आगे नहीं बढ़ सकी।
मैदान का निर्माण लोक निर्माण विभाग की ओर से किया गया है। निर्माण कार्य पूरा न होने के कारण खेल मैदान खेल विभाग को हैंडओवर नहीं किया गया है। - विष्णु दास, जिला खेल अधिकारी, फतेहाबाद।