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Fatehabad News: गांव कुम्हारिया के पशु औषधालय में वीएलडीए के भरोसे उपचार
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Sun, 05 Apr 2026 11:50 PM IST
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गांव कुम्हारिया में बना पशु औषधालय। संवाद
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फतेहाबाद। गांव कुम्हारिया स्थित पशु औषधालय में सुविधाएं उपलब्ध नहीं होने से पशुपालक परेशान हैं। यहां लंबे समय से स्थायी पशु चिकित्सक की नियुक्ति नहीं है। औषधालय फिलहाल वीएलडीए के सहारे चल रहा है। पशुओं के गंभीर रोगों की स्थिति में पालक को उन्हें बाहर ही ले जाना पड़ता है।
गांव कुम्हारिया में अधिकतर लोग आजीविका के लिए कृषि और पशुपालन पर निर्भर हैं। ग्रामीण वीरपाल, सुभाष, सुरेश और रमेश आदि का कहना है कि चिकित्सक न होने के कारण आपातकालीन स्थिति में उन्हें निजी डॉक्टर को बुलाना पड़ता है। कई बार गंभीर स्थिति में पशुओं को दूसरे बड़े केंद्रों पर ले जाना पड़ता है। इसके कारण पशुपालकों को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
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सेम से जर्जर हुआ चिकित्सालय भवन
गांव कुम्हारिया क्षेत्र में सेम की समस्या होने के कारण चिकित्सालय का भवन जर्जर हो रहा है। दीवारों में सीलन आ चुकी हैं। बारिश के दिनों में औषधालय परिसर में दलदल बन जाती है। ऐसे में यहां परिसर में इंटरलॉक बनाया जाए और ग्रामीणों ने डेयरी एवं पशुपालन विभाग से मांग की है कि गांव में स्थायी चिकित्सक की तैनाती की जाए।
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गांव में हजारों पशु हैं लेकिन उनके स्वास्थ्य की देखभाल के लिए कोई विशेषज्ञ डॉक्टर नहीं है। पशुपालन विभाग को जल्द से जल्द यहां डॉक्टर नियुक्त करना चाहिए और भवन की मरम्मत करवानी चाहिए।
-सुरेश डाबला, सरपंच, गांव कुम्हारिया।
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:: गांव कुम्हारिया में पशु औषधालय बना हुआ है। यहां पर पशुओं के दवाइयां उपलब्ध करवाई गई है। एक वीएलडीए को तैनात किया गया है। वहीं अगर पशुपालकों को किसी प्रकार की परेशानी है तो उसका तुरंत समाधान किया जाएगा। अगर कोई विशेषज्ञ चिकित्सक की तैनाती की मांग है तो उसे पूरा करने का प्रयास किया जाएगा।
-सुखविंद्र सिंह, उपनिदेशक डेयरी एवं पशुपालन विभाग, फतेहाबाद।
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गांव कुम्हारिया में अधिकतर लोग आजीविका के लिए कृषि और पशुपालन पर निर्भर हैं। ग्रामीण वीरपाल, सुभाष, सुरेश और रमेश आदि का कहना है कि चिकित्सक न होने के कारण आपातकालीन स्थिति में उन्हें निजी डॉक्टर को बुलाना पड़ता है। कई बार गंभीर स्थिति में पशुओं को दूसरे बड़े केंद्रों पर ले जाना पड़ता है। इसके कारण पशुपालकों को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
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सेम से जर्जर हुआ चिकित्सालय भवन
गांव कुम्हारिया क्षेत्र में सेम की समस्या होने के कारण चिकित्सालय का भवन जर्जर हो रहा है। दीवारों में सीलन आ चुकी हैं। बारिश के दिनों में औषधालय परिसर में दलदल बन जाती है। ऐसे में यहां परिसर में इंटरलॉक बनाया जाए और ग्रामीणों ने डेयरी एवं पशुपालन विभाग से मांग की है कि गांव में स्थायी चिकित्सक की तैनाती की जाए।
गांव में हजारों पशु हैं लेकिन उनके स्वास्थ्य की देखभाल के लिए कोई विशेषज्ञ डॉक्टर नहीं है। पशुपालन विभाग को जल्द से जल्द यहां डॉक्टर नियुक्त करना चाहिए और भवन की मरम्मत करवानी चाहिए।
-सुरेश डाबला, सरपंच, गांव कुम्हारिया।
:: गांव कुम्हारिया में पशु औषधालय बना हुआ है। यहां पर पशुओं के दवाइयां उपलब्ध करवाई गई है। एक वीएलडीए को तैनात किया गया है। वहीं अगर पशुपालकों को किसी प्रकार की परेशानी है तो उसका तुरंत समाधान किया जाएगा। अगर कोई विशेषज्ञ चिकित्सक की तैनाती की मांग है तो उसे पूरा करने का प्रयास किया जाएगा।
-सुखविंद्र सिंह, उपनिदेशक डेयरी एवं पशुपालन विभाग, फतेहाबाद।