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Hisar News: आस्था की मिसाल, मां चंडके देवी के चरणों में समर्पित किया हरिद्वार का हरिभवन
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प्राचीन मां चंडके देवी मंदिर हिसार को अर्पित किए गए भवन के सामने मौजूद परिजन और समिति के सदस्य।
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हिसार। पांडवकालीन प्राचीन मां चंडके देवी मंदिर, पाबड़ा के प्रति आस्था जताते हुए एक परिवार ने हरिद्वार स्थित अपना हरिभवन मंदिर को समर्पित कर दिया है। रामनवमी के दिन 26 मार्च को परिवार मंदिर पहुंचकर हरिभवन के सभी दस्तावेज मंदिर सेवा समिति को सौंपेगा।
मूल रूप से गांव पाबड़ा निवासी रामानुज पवन और कुसुम देवी ने हरिद्वार के गांव हरीपुर कलां में भारत माता मंदिर के पास स्थित अपने हरिभवन को वसीयत के माध्यम से मां चंडके देवी मंदिर के नाम कर दिया है। पाबड़ा स्थित इस प्राचीन मंदिर के प्रति उनकी विशेष आस्था है। इसी कारण उन्होंने ऋषिकेश की अदालत में जाकर मंदिर के नाम वसीयतनामा कराया।
इस अवसर पर मां चंडके देवी मंदिर सेवा समिति के प्रधान जगदीश तायल, कीर्तिरतन शर्मा, मनीष कायत, प्रह्लाद अग्रवाल, रजनी अग्रवाल और एडवोकेट अमित अग्रवाल विशेष रूप से मौजूद रहे। इस पुनीत कार्य के लिए मंदिर सेवा समिति और पंचग्राम पाबड़ा के ग्रामीणों ने परिवार का आभार जताया है।
मंदिर समिति से जुड़े जगदीश तायल ने बताया कि यह भवन 135 वर्ग गज क्षेत्र में बना हुआ है। भविष्य में यहां मां चंडके देवी धाम पाबड़ा के नाम से आश्रम संचालित किया जाएगा जहां श्रद्धालुओं के ठहरने की समुचित व्यवस्था भी की जाएगी। उन्होंने बताया कि मां चंडके देवी मंदिर में 19 से 27 मार्च तक नवरात्र पर्व धूमधाम से मनाया जाएगा जिसकी तैयारियां चल रही हैं। मंदिर परिसर में मां अन्नपूर्णा, लक्ष्मी-नारायण, राधा-कृष्ण, मां सरस्वती, संतोषी माता, वीर हनुमान, शनिदेव और शिव-पार्वती सहित कई मंदिर स्थापित हैं।
प्राकृतिक वातावरण में स्थित इस मंदिर परिसर में एक सुंदर तालाब भी बना हुआ है। यहां विभिन्न क्षेत्रों से श्रद्धालु समय-समय पर दर्शन के लिए पहुंचते हैं। त्योहारों, उत्सवों और विशेष अवसरों पर मंदिर में भंडारे का भी आयोजन किया जाता है।
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मूल रूप से गांव पाबड़ा निवासी रामानुज पवन और कुसुम देवी ने हरिद्वार के गांव हरीपुर कलां में भारत माता मंदिर के पास स्थित अपने हरिभवन को वसीयत के माध्यम से मां चंडके देवी मंदिर के नाम कर दिया है। पाबड़ा स्थित इस प्राचीन मंदिर के प्रति उनकी विशेष आस्था है। इसी कारण उन्होंने ऋषिकेश की अदालत में जाकर मंदिर के नाम वसीयतनामा कराया।
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इस अवसर पर मां चंडके देवी मंदिर सेवा समिति के प्रधान जगदीश तायल, कीर्तिरतन शर्मा, मनीष कायत, प्रह्लाद अग्रवाल, रजनी अग्रवाल और एडवोकेट अमित अग्रवाल विशेष रूप से मौजूद रहे। इस पुनीत कार्य के लिए मंदिर सेवा समिति और पंचग्राम पाबड़ा के ग्रामीणों ने परिवार का आभार जताया है।
मंदिर समिति से जुड़े जगदीश तायल ने बताया कि यह भवन 135 वर्ग गज क्षेत्र में बना हुआ है। भविष्य में यहां मां चंडके देवी धाम पाबड़ा के नाम से आश्रम संचालित किया जाएगा जहां श्रद्धालुओं के ठहरने की समुचित व्यवस्था भी की जाएगी। उन्होंने बताया कि मां चंडके देवी मंदिर में 19 से 27 मार्च तक नवरात्र पर्व धूमधाम से मनाया जाएगा जिसकी तैयारियां चल रही हैं। मंदिर परिसर में मां अन्नपूर्णा, लक्ष्मी-नारायण, राधा-कृष्ण, मां सरस्वती, संतोषी माता, वीर हनुमान, शनिदेव और शिव-पार्वती सहित कई मंदिर स्थापित हैं।
प्राकृतिक वातावरण में स्थित इस मंदिर परिसर में एक सुंदर तालाब भी बना हुआ है। यहां विभिन्न क्षेत्रों से श्रद्धालु समय-समय पर दर्शन के लिए पहुंचते हैं। त्योहारों, उत्सवों और विशेष अवसरों पर मंदिर में भंडारे का भी आयोजन किया जाता है।