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Hisar News: आईसीसीसी प्रोजेक्ट की आरएफपी बनाने के लिए दो स्तरों पर कमेटियां गठित
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आईसीसीसी प्रोजेक्ट की आरएफपी बनाने के लिए दो स्तरों पर कमेटियां गठित
हिसार। इंटिग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (आईसीसीसी) प्रोजेक्ट की रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल (आरएफपी) बनाने के लिए दो स्तरों पर कमेटियों का गठन किया गया है। इन दोनों स्तरों पर आरएफपी को हरी झंडी मिलने के बाद ही इस प्रोजेक्ट के लिए टेंडर लगाया जाएगा। आरएफपी तैयार करने के लिए शहरी स्थानीय निकाय विभाग की तरफ से एक एजेंसी नियुक्त की गई है। फिलहाल इस प्रोजेक्ट की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार कर ली गई है। इस प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत करीब 157 करोड़ रुपये है।
प्रदेश सरकार की तरफ से करनाल, फरीदाबाद व गुरुग्राम की तर्ज पर हिसार में आईसीसीसी प्रोजेक्ट लागू किया जाएगा। इस प्रोजेक्ट के लिए प्रदेश सरकार की तरफ से नियुक्त सलाहकार ने शहर का सर्वे किया था। चूंकि इस प्रोजेक्ट में कई विभागों की सेवाओं को शामिल किया जाना है तो डीपीआर तैयार करते समय उन विभागों की भी मदद ली गई। प्रदेश सरकार की तरफ से इस डीपीआर को मंजूर किया जा चुका है और अब टेंडर लगाने से पहले उसकी गाइडलाइन बनाने पर विचार विमर्श किया जा रहा है।
पहले शहरी फिर राज्य स्तरीय कमेटी करेगी पास
टेंडर लगाने से पहले बनने वाली गाइड लाइन को पहले शहरी स्तर पर गठित कमेटी और फिर राज्य स्तर की कमेटी इसे अपनी मंजूरी देगी। शहरी स्तरीय कमेटी में कमिश्नर को चेयरपर्सन, अतिरिक्त आयुक्त सदस्य सचिव और एसपी, नगरनिगम के चीफ इंजीनियर व एसई, एचएसवीपी के एसई व एक्सईएन, एचएसआईआईडीसी के एसई व एक्सईएन, पॉल्यूशन बोर्ड के आरओ, बिजली निगम के एसई व एक्सईएन और बीएंडआर के एसई व एक्सईएन इस कमेटी के मेंबर हैं। इस कमेटी की तरफ से हरी झंडी मिलने के बाद इसे राज्य कमेटी के समक्ष रखा जाएगा, जहां से फाइनल मंंजूरी दी जाएगी। इस कमेटी के चेयरमैन एसीएस हैं।
इतना खर्च आने का अनुमान
निगरानी-1643.50 लाख रुपये
इंटेलीजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम-743.50 लाख रुपये
स्मार्ट वाटर-259.35 लाख रुपये
स्मार्ट सीवरेज-49.14 लाख रुपये
सिटीजन इंग्जमेंट-1062.90 लाख रुपये
आईसीसीसी-1463.25 लाख रुपये
डाटा सेंटर-2295.25 लाख रुपये
फील्ड इंफ्रास्ट्रक्चर-1407.37 लाख रुपये
एमपीएलएस नेटवर्क-1580.00 लाख रुपये
प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग एंड कंटीजेंसी-983.24 लाख रुपये
डीआर ऑन क्लाउड-400.00 लाख रुपये
ओपेक्स-1436.58 लाख रुपये
शहर में लगेंगे 1100 सीसीटीवी कैमरे
इस प्रोजेक्ट के तहत शहर में अलग-अलग स्थानों पर करीब 1100 सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। शहर में सीसीटीवी कैमरे, स्ट्रीट लाइट, ट्रैफिक लाइट सिस्टम और ई-चालान व्यवस्था को आईसीसीसी से जोड़ा जाएगा। इसके अलावा सीवर, पेयजल आपूर्ति, जल गुणवत्ता और वायु गुणवत्ता की निगरानी भी इसी सेंटर से की जा सकेगी। इस प्रोजेक्ट के तहतलगाए जाने वाले फ्लो मीटर से पानी की लीकेज और सीवरेज ओवरफ्लो की जानकारी अपने आप मिल जाएगी, जिससे मरम्मत और रखरखाव में आसानी होगी। सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट सिस्टम में भी आधुनिक तकनीक का उपयोग किया जाएगा, जिसमें डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण, कचरा प्वाइंट्स की निगरानी और नियमों के उल्लंघन पर चालान की व्यवस्था शामिल होगी। नागरिकों के लिए आईसीसीसी सेंटर से जुड़ा एक विशेष मोबाइल एप तैयार किया जाएगा, जिसके माध्यम से नागरिक अपनी शिकायतें और सुझाव दर्ज कर सकेंगे।
अभी इस प्रोजेक्ट की आरएफपी तैयार की जा रही है। मुख्यालय की तरफ से नियुक्त एजेंसी यह आरएफपी बना रही है। इसके फाइनल होने के बाद इसका टेंडर लगाया जाएगा।
- जयवीर डूडी, एक्सईएन, नगर निगम।
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हिसार। इंटिग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (आईसीसीसी) प्रोजेक्ट की रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल (आरएफपी) बनाने के लिए दो स्तरों पर कमेटियों का गठन किया गया है। इन दोनों स्तरों पर आरएफपी को हरी झंडी मिलने के बाद ही इस प्रोजेक्ट के लिए टेंडर लगाया जाएगा। आरएफपी तैयार करने के लिए शहरी स्थानीय निकाय विभाग की तरफ से एक एजेंसी नियुक्त की गई है। फिलहाल इस प्रोजेक्ट की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार कर ली गई है। इस प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत करीब 157 करोड़ रुपये है।
प्रदेश सरकार की तरफ से करनाल, फरीदाबाद व गुरुग्राम की तर्ज पर हिसार में आईसीसीसी प्रोजेक्ट लागू किया जाएगा। इस प्रोजेक्ट के लिए प्रदेश सरकार की तरफ से नियुक्त सलाहकार ने शहर का सर्वे किया था। चूंकि इस प्रोजेक्ट में कई विभागों की सेवाओं को शामिल किया जाना है तो डीपीआर तैयार करते समय उन विभागों की भी मदद ली गई। प्रदेश सरकार की तरफ से इस डीपीआर को मंजूर किया जा चुका है और अब टेंडर लगाने से पहले उसकी गाइडलाइन बनाने पर विचार विमर्श किया जा रहा है।
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पहले शहरी फिर राज्य स्तरीय कमेटी करेगी पास
टेंडर लगाने से पहले बनने वाली गाइड लाइन को पहले शहरी स्तर पर गठित कमेटी और फिर राज्य स्तर की कमेटी इसे अपनी मंजूरी देगी। शहरी स्तरीय कमेटी में कमिश्नर को चेयरपर्सन, अतिरिक्त आयुक्त सदस्य सचिव और एसपी, नगरनिगम के चीफ इंजीनियर व एसई, एचएसवीपी के एसई व एक्सईएन, एचएसआईआईडीसी के एसई व एक्सईएन, पॉल्यूशन बोर्ड के आरओ, बिजली निगम के एसई व एक्सईएन और बीएंडआर के एसई व एक्सईएन इस कमेटी के मेंबर हैं। इस कमेटी की तरफ से हरी झंडी मिलने के बाद इसे राज्य कमेटी के समक्ष रखा जाएगा, जहां से फाइनल मंंजूरी दी जाएगी। इस कमेटी के चेयरमैन एसीएस हैं।
इतना खर्च आने का अनुमान
निगरानी-1643.50 लाख रुपये
इंटेलीजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम-743.50 लाख रुपये
स्मार्ट वाटर-259.35 लाख रुपये
स्मार्ट सीवरेज-49.14 लाख रुपये
सिटीजन इंग्जमेंट-1062.90 लाख रुपये
आईसीसीसी-1463.25 लाख रुपये
डाटा सेंटर-2295.25 लाख रुपये
फील्ड इंफ्रास्ट्रक्चर-1407.37 लाख रुपये
एमपीएलएस नेटवर्क-1580.00 लाख रुपये
प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग एंड कंटीजेंसी-983.24 लाख रुपये
डीआर ऑन क्लाउड-400.00 लाख रुपये
ओपेक्स-1436.58 लाख रुपये
शहर में लगेंगे 1100 सीसीटीवी कैमरे
इस प्रोजेक्ट के तहत शहर में अलग-अलग स्थानों पर करीब 1100 सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। शहर में सीसीटीवी कैमरे, स्ट्रीट लाइट, ट्रैफिक लाइट सिस्टम और ई-चालान व्यवस्था को आईसीसीसी से जोड़ा जाएगा। इसके अलावा सीवर, पेयजल आपूर्ति, जल गुणवत्ता और वायु गुणवत्ता की निगरानी भी इसी सेंटर से की जा सकेगी। इस प्रोजेक्ट के तहतलगाए जाने वाले फ्लो मीटर से पानी की लीकेज और सीवरेज ओवरफ्लो की जानकारी अपने आप मिल जाएगी, जिससे मरम्मत और रखरखाव में आसानी होगी। सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट सिस्टम में भी आधुनिक तकनीक का उपयोग किया जाएगा, जिसमें डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण, कचरा प्वाइंट्स की निगरानी और नियमों के उल्लंघन पर चालान की व्यवस्था शामिल होगी। नागरिकों के लिए आईसीसीसी सेंटर से जुड़ा एक विशेष मोबाइल एप तैयार किया जाएगा, जिसके माध्यम से नागरिक अपनी शिकायतें और सुझाव दर्ज कर सकेंगे।
अभी इस प्रोजेक्ट की आरएफपी तैयार की जा रही है। मुख्यालय की तरफ से नियुक्त एजेंसी यह आरएफपी बना रही है। इसके फाइनल होने के बाद इसका टेंडर लगाया जाएगा।
- जयवीर डूडी, एक्सईएन, नगर निगम।