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हरियाणा: मंडियों में किसानों के 2,130.72 करोड़ रुपये बकाया, कई जिलों में खरीद के बाद उठान चुनौती
Sun, 18 Oct 2026 08:31 AM IST
Naveen
अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़
अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़
Published by: Naveen
Updated Sun, 18 Oct 2026 08:31 AM IST
सार
धान खरीद में लगे सभी विभागीय अधिकारियों से लगातार रिपोर्ट ली जा रही है। खरीद और भुगतान में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि धान की खरीद के बाद उठान होने पर किसानों के खातों में भुगतान किया जाता है।
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कैथल की नई मंडी में सड़क पर डाला गया धान। संवाद
- फोटो : संवाद
विस्तार
हरियाणा की मंडियों में धान की खरीद और उठान के बीच भुगतान का बड़ा अंतर सामने आया है। प्रदेश की मंडियों में 23.77 लाख मीट्रिक टन (एलएमटी) धान की आवक हुई जिसमें से 17.86 लाख मीट्रिक टन की खरीद की जा चुकी है।
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सामान्य धान के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 2,441 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से खरीदे गए धान की कीमत करीब 4,360.53 करोड़ रुपये बनती है। इसके मुकाबले किसानों को 2,229.81 करोड़ रुपये का भुगतान हुआ है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, खरीदे गए 17.86 लाख मीट्रिक टन धान में से 11.48 लाख मीट्रिक टन का उठान हो चुका है। यह कुल खरीद का करीब 64.3 प्रतिशत है। उठान की धीमी रफ्तार के बीच कई जिलों में मंडियों से धान उठाना चुनौती बना हुआ है। बारिश के कारण भी मंडियों में खरीद और उठान की व्यवस्था प्रभावित हुई है।
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कई जिलों में खरीद के बाद उठान चुनौती
हरियाणा की धान मंडियों में खरीद और उठान की रफ्तार जिलों में अलग-अलग है। कुरुक्षेत्र में मंडियों में पहुंचे धान में से करीब 89 प्रतिशत की खरीद हो चुकी है, जबकि सिरसा में यह आंकड़ा करीब 40 प्रतिशत है। उठान के मामले में कैथल 69.8 प्रतिशत के साथ आगे है, जबकि जींद में केवल 48.9 प्रतिशत धान का उठान हुआ है। कुरुक्षेत्र में 6.18 लाख मीट्रिक टन धान की आवक हुई जिसमें से 5.49 लाख मीट्रिक टन की खरीद और 3.81 लाख मीट्रिक टन का उठान हुआ है। कैथल में 4.48 लाख मीट्रिक टन आवक के मुकाबले 3.53 लाख मीट्रिक टन धान खरीदा गया और 2.47 लाख मीट्रिक टन का उठान हुआ।
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करनाल में 3.48 लाख मीट्रिक टन धान की आवक हुई, जिसमें से 2.47 लाख मीट्रिक टन की खरीद हुई। यहां 1.33 लाख मीट्रिक टन धान का उठान हुआ है, जो खरीद का करीब 53.9 प्रतिशत है। अंबाला में 3.04 लाख मीट्रिक टन आवक के मुकाबले 2.47 लाख मीट्रिक टन खरीद हुई और 1.56 लाख मीट्रिक टन का उठान हुआ। फतेहाबाद में 1.60 लाख मीट्रिक टन धान की आवक के मुकाबले करीब 75 हजार मीट्रिक टन की खरीद हुई। जींद में करीब 99 हजार मीट्रिक टन धान पहुंचा, जिसमें से लगभग 46 हजार मीट्रिक टन खरीदा गया।
सिरसा में 77 हजार मीट्रिक टन से अधिक धान की आवक के बावजूद खरीद करीब 31 हजार मीट्रिक टन रही। हिसार में 35 हजार मीट्रिक टन आवक के मुकाबले करीब 21 हजार मीट्रिक टन धान खरीदा गया। यमुनानगर में 1.97 लाख मीट्रिक टन धान की आवक और 1.61 लाख मीट्रिक टन खरीद के मुकाबले करीब 1.02 लाख मीट्रिक टन का उठान हुआ।
खरीद, उठान और भुगतान में तेजी के निर्देश
धान खरीद में लगे सभी विभागीय अधिकारियों से लगातार रिपोर्ट ली जा रही है। खरीद और भुगतान में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि धान की खरीद के बाद उठान होने पर किसानों के खातों में भुगतान किया जाता है। मौसम को देखते हुए खरीद, उठान और भुगतान की प्रक्रिया तेज करने के निर्देश दिए गए हैं। इसका असर जमीनी स्तर पर दिखाई दे रहा है। -राजेश नागर, खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री।