{"_id":"6a84a23a14b891ebd7063cc6","slug":"lahoriya-school-management-accused-of-forcibly-demanding-4800-for-uniforms-hisar-news-c-21-hsr1020-933574-2026-08-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hisar News: लाहौरिया स्कूल प्रबंधन पर जबरन ड्रेस के 4800 रुपये मांगने का आरोप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hisar News: लाहौरिया स्कूल प्रबंधन पर जबरन ड्रेस के 4800 रुपये मांगने का आरोप
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हिसार। शहर के लाहौरिया सीनियर सेकेंडरी स्कूल में ड्रेस के 4800 रुपये जमा कराने को लेकर विवाद सामने आया है। शांति नगर निवासी जितेंद्र सैनी और कमलेश ने जिला शिक्षा अधिकारी, पुलिस अधीक्षक और उपायुक्त को शिकायत देकर स्कूल प्रबंधन पर छात्र के साथ मारपीट, स्कूल से निकालने और फेल करने की धमकी देने के आरोप लगाए हैं।
अभिभावकों के अनुसार उनका बेटा स्कूल में नौवीं कक्षा का छात्र है। करीब तीन-चार दिन पहले स्कूल डायरेक्टर ने उसे थप्पड़ मारा। छात्र ने घर पहुंचकर इसकी जानकारी मां को दी। कमलेश मंगलवार को स्कूल पहुंचीं। आरोप है कि ड्रेस के नाम पर 4800 रुपये जमा कराने का दबाव बनाया गया था। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच, सीसीटीवी फुटेज, फीस रसीद और ड्रेस से संबंधित रिकॉर्ड की जांच कराने की मांग की है।
उधर स्कूल डायरेक्टर विनय मल्होत्रा ने आरोपों को निराधार बताया। उन्होंने कहा कि आठवीं से नौवीं कक्षा में जाने पर विद्यार्थियों की ड्रेस बदलती है। सर्दियों की यूनिफॉर्म के लिए संबंधित दुकानदारों को भुगतान किया जाता है। स्कूल का ड्रेस खरीदने में कोई रोल नहीं है। उन्होंने कहा कि बच्चे को ड्रेस लेने के लिए कहने पर परिजनों ने बेवजह आरोप लगाए हैं। बच्चे को थप्पड़ मारने या धमकी देने की बात से उन्होंने इनकार किया। मल्होत्रा ने कहा कि स्कूल शिक्षा विभाग की जांच में पूरा सहयोग करेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
अभिभावकों के अनुसार उनका बेटा स्कूल में नौवीं कक्षा का छात्र है। करीब तीन-चार दिन पहले स्कूल डायरेक्टर ने उसे थप्पड़ मारा। छात्र ने घर पहुंचकर इसकी जानकारी मां को दी। कमलेश मंगलवार को स्कूल पहुंचीं। आरोप है कि ड्रेस के नाम पर 4800 रुपये जमा कराने का दबाव बनाया गया था। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच, सीसीटीवी फुटेज, फीस रसीद और ड्रेस से संबंधित रिकॉर्ड की जांच कराने की मांग की है।
विज्ञापन
उधर स्कूल डायरेक्टर विनय मल्होत्रा ने आरोपों को निराधार बताया। उन्होंने कहा कि आठवीं से नौवीं कक्षा में जाने पर विद्यार्थियों की ड्रेस बदलती है। सर्दियों की यूनिफॉर्म के लिए संबंधित दुकानदारों को भुगतान किया जाता है। स्कूल का ड्रेस खरीदने में कोई रोल नहीं है। उन्होंने कहा कि बच्चे को ड्रेस लेने के लिए कहने पर परिजनों ने बेवजह आरोप लगाए हैं। बच्चे को थप्पड़ मारने या धमकी देने की बात से उन्होंने इनकार किया। मल्होत्रा ने कहा कि स्कूल शिक्षा विभाग की जांच में पूरा सहयोग करेगा।
विज्ञापन