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Hisar News: छह महीने के लिए स्वच्छता का नया रोडमैप तैयार 1.53 करोड़ का टेंडर अलॉट, आज से काम शुरू
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हांसी। शहर की सफाई व्यवस्था के लिए नगर परिषद प्रशासन ने एक स्थानीय एजेंसी को 1.53 करोड़ रुपये का टेंडर आगामी छह महीने की अवधि के लिए अलॉट कर दिया गया है। एजेंसी सोमवार से काम शुरू करेगी। एजेंसी को 149 कर्मचारी और इन पर निगरानी के लिए 7 सुपरवाइजर लगाने होंगे।
इस नए अनुबंध के तहत ठेकेदार को कड़े नियमों और भारी मैनपावर के साथ मैदान में उतरना होगा। शहर में सफाई व्यवस्था का पिछला टेंडर समाप्त होने के बाद से ही पूरे शहर का हाल बेहद नारकीय बना हुआ था। नया टेंडर समय पर अलॉट न होने के कारण पिछले कई दिनों से शहर के मुख्य बाजारों, रिहायशी गलियों और सार्वजनिक स्थानों से कूड़े का उठान पूरी तरह ठप पड़ा था।
सड़क किनारे लगे कचरे के ढेरों, बंद पड़ी नालियों और ऊपर से हुई हालिया आफत की बारिश ने स्थिति को बद से बदतर बना दिया था। शहर के डंपिंग पॉइंट ओवरफ्लो हो चुके थे और बदबू के कारण लोगों का घरों से निकलना दूभर हो गया था।
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सफाई व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए नगर परिषद ने 17 वार्डों की जिम्मेदारी दी एजेंसी को दी है। तंग गलियों और मुख्य मार्गों से कचरा उठाने के लिए 27 हाथ रेहड़ी और पूरे शहर का कचरा डंपिंग स्टेशन तक पहुंचाने के लिए ठेकेदार को एक ट्रैक्टर-ट्रॉली को स्थायी रूप से काम पर लगाना होगा।
नगर परिषद ने बीते दिनों यह टेंडर लगाया था। इसके लिए 1.94 करोड़ रुपये का एस्टीमेट था। इसके बाद नगर परिषद ने इस फर्म का चयन किया। इसे 1.53 करोड़ रुपये में टेंडर दिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि यदि नई फर्म ने नियमों के मुताबिक कर्मचारी नहीं लगाए या कूड़ा उठान में कोताही बरती तो टेंडर की शर्तों के अनुसार जुर्माना लगाया जाएगा।
क्षेत्रफल के हिसाब से होती है नियुक्ति
शहर में अब आबादी के हिसाब से नहीं, क्षेत्र के हिसाब से सफाई कर्मचारियों की नियुक्ति होगी। शहर में क्षेत्रफल के हिसाब से 273 कर्मचारी चाहिए होंगे। इसके अलावा इनकी मॉनिटरिंग के लिए 14 सुपरवाइजर भी नियुक्त होंगे। पहले जहां 400 आदमियों पर एक कर्मचारी नियुक्त होता था, अब 5 हजार वर्ग मीटर पर एक कर्मचारी नियुक्त होगा। इसके लिए नगर परिषद की तकनीकी शाखा ने हरसेक से प्रति वार्ड की सेटेलाइट इमेज लेकर सर्वे किया गया था। इसके हिसाब से पांच स्तर के रोड रखे गए हैं जिसमें फोरलेन रोड, सिंगल लेन रोड व खाली क्षेत्र जैसे रोड रखे गए हैं।
शहर की सफाई के लिए 273 कर्मचारियों की आवश्यकता :
क्षेत्रफल से तय किया गया है कि शहर की सफाई के लिए 273 कर्मचारियों की आवश्यकता है। नगर परिषद के पास पहले से 148 कच्चे व पक्के सफाई कर्मचारी हैं। 24 कर्मचारियों को अलग अलग कार्य में ड्यूटी ली जाती है। इसमें से 6 कर्मचारियों की नियुक्ति ट्रैक्टर ट्राली व चार कर्मचारियों की नियुक्ति नालों की सफाई के लिए होगी। ऐसे में बचे 149 कर्मचारियों के लिए टेंडर लगाया गया है।
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वर्क ऑर्डर जारी कर दिया है। जल्द ही फर्म को कंट्रोेल रूम बनाने और हेल्पलाइन नंबर जारी करने के लिउ कहेंगे ताकि आमजन शिकायत दर्ज करा सके। शहर को स्वच्छ बनाने में आम जन भी प्रशासन का सहयोग करे।
-राजेंद्र सोनी, कार्यकारी अधिकारी नगर परिषद
इस नए अनुबंध के तहत ठेकेदार को कड़े नियमों और भारी मैनपावर के साथ मैदान में उतरना होगा। शहर में सफाई व्यवस्था का पिछला टेंडर समाप्त होने के बाद से ही पूरे शहर का हाल बेहद नारकीय बना हुआ था। नया टेंडर समय पर अलॉट न होने के कारण पिछले कई दिनों से शहर के मुख्य बाजारों, रिहायशी गलियों और सार्वजनिक स्थानों से कूड़े का उठान पूरी तरह ठप पड़ा था।
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सड़क किनारे लगे कचरे के ढेरों, बंद पड़ी नालियों और ऊपर से हुई हालिया आफत की बारिश ने स्थिति को बद से बदतर बना दिया था। शहर के डंपिंग पॉइंट ओवरफ्लो हो चुके थे और बदबू के कारण लोगों का घरों से निकलना दूभर हो गया था।
सफाई व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए नगर परिषद ने 17 वार्डों की जिम्मेदारी दी एजेंसी को दी है। तंग गलियों और मुख्य मार्गों से कचरा उठाने के लिए 27 हाथ रेहड़ी और पूरे शहर का कचरा डंपिंग स्टेशन तक पहुंचाने के लिए ठेकेदार को एक ट्रैक्टर-ट्रॉली को स्थायी रूप से काम पर लगाना होगा।
नगर परिषद ने बीते दिनों यह टेंडर लगाया था। इसके लिए 1.94 करोड़ रुपये का एस्टीमेट था। इसके बाद नगर परिषद ने इस फर्म का चयन किया। इसे 1.53 करोड़ रुपये में टेंडर दिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि यदि नई फर्म ने नियमों के मुताबिक कर्मचारी नहीं लगाए या कूड़ा उठान में कोताही बरती तो टेंडर की शर्तों के अनुसार जुर्माना लगाया जाएगा।
क्षेत्रफल के हिसाब से होती है नियुक्ति
शहर में अब आबादी के हिसाब से नहीं, क्षेत्र के हिसाब से सफाई कर्मचारियों की नियुक्ति होगी। शहर में क्षेत्रफल के हिसाब से 273 कर्मचारी चाहिए होंगे। इसके अलावा इनकी मॉनिटरिंग के लिए 14 सुपरवाइजर भी नियुक्त होंगे। पहले जहां 400 आदमियों पर एक कर्मचारी नियुक्त होता था, अब 5 हजार वर्ग मीटर पर एक कर्मचारी नियुक्त होगा। इसके लिए नगर परिषद की तकनीकी शाखा ने हरसेक से प्रति वार्ड की सेटेलाइट इमेज लेकर सर्वे किया गया था। इसके हिसाब से पांच स्तर के रोड रखे गए हैं जिसमें फोरलेन रोड, सिंगल लेन रोड व खाली क्षेत्र जैसे रोड रखे गए हैं।
शहर की सफाई के लिए 273 कर्मचारियों की आवश्यकता :
क्षेत्रफल से तय किया गया है कि शहर की सफाई के लिए 273 कर्मचारियों की आवश्यकता है। नगर परिषद के पास पहले से 148 कच्चे व पक्के सफाई कर्मचारी हैं। 24 कर्मचारियों को अलग अलग कार्य में ड्यूटी ली जाती है। इसमें से 6 कर्मचारियों की नियुक्ति ट्रैक्टर ट्राली व चार कर्मचारियों की नियुक्ति नालों की सफाई के लिए होगी। ऐसे में बचे 149 कर्मचारियों के लिए टेंडर लगाया गया है।
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वर्क ऑर्डर जारी कर दिया है। जल्द ही फर्म को कंट्रोेल रूम बनाने और हेल्पलाइन नंबर जारी करने के लिउ कहेंगे ताकि आमजन शिकायत दर्ज करा सके। शहर को स्वच्छ बनाने में आम जन भी प्रशासन का सहयोग करे।
-राजेंद्र सोनी, कार्यकारी अधिकारी नगर परिषद