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Hisar News: सरकार की नीतियों के खिलाफ प्रदर्शन 16 को
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मांगोंं को लेकर एसडीएम कार्यालय पर धरना देते किसान सभा पदाधिकारी व कार्यकर्ता।
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हिसार। किसानों की विभिन्न मांगों को लेकर अखिल भारतीय किसान सभा की हिसार तहसील कमेटी का एसडीएम कार्यालय पर चल रहा धरना वीरवार को 67वें दिन भी जारी रहा। धरने की अध्यक्षता तहसील प्रधान रमेश मिरकां ने की, जबकि संचालन तहसील सचिव अभयराम फौजी ने किया।
रमेश मिरकां और अभयराम फौजी ने बताया कि सरकार की नीतियों के खिलाफ 16 जनवरी को अखिल भारतीय किसान सभा, खेत मजदूर संगठन और सीटू संयुक्त रूप से जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन करेंगे। इसके तहत सुबह 10 बजे एचएयू के गेट नंबर चार के सामने स्थित स्मृतिवन पार्क में कार्यकर्ता एकत्र होंगे और वहां से जुलूस निकालते हुए जिला मुख्यालय पहुंचकर उपायुक्त को ज्ञापन सौंपेंगे।
वक्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन का रवैया नहीं बदला तो एसडीएम कार्यालय का घेराव भी किया जा सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार किसानों और मजदूरों के साथ धोखा कर रही है। बीज विधेयक और श्रम कानूनों के जरिए खेती-किसानी व मजदूर वर्ग को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है।
राज्य उपप्रधान शमशेर नंबरदार ने कहा कि बाढ़ प्रभावित गांवों में अब तक कोई ठोस राहत कार्य नहीं हुआ है। आगामी फसलों की बिजाई प्रभावित है और मुआवजे के नाम पर किसानों के साथ मजाक किया गया। उन्होंने बताया कि पूरे हरियाणा में फसल नुकसान के लिए मात्र 116 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं, जो नाकाफी हैं। इसके अलावा डीएपी खाद की किल्लत, कालाबाजारी और निजी दुकानों की मनमानी से किसान परेशान हैं। किसान सभा ने सरकार की नीतियों के खिलाफ गांव-गांव जाकर आंदोलन तेज करने का एलान किया। धरने को लक्ष्मण शाहपुर, रतन मात्रश्याम, कमला देवी, बलराज सहरावत, सुरेन्द्र मान आदि ने भी संबोधित किया।
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रमेश मिरकां और अभयराम फौजी ने बताया कि सरकार की नीतियों के खिलाफ 16 जनवरी को अखिल भारतीय किसान सभा, खेत मजदूर संगठन और सीटू संयुक्त रूप से जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन करेंगे। इसके तहत सुबह 10 बजे एचएयू के गेट नंबर चार के सामने स्थित स्मृतिवन पार्क में कार्यकर्ता एकत्र होंगे और वहां से जुलूस निकालते हुए जिला मुख्यालय पहुंचकर उपायुक्त को ज्ञापन सौंपेंगे।
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वक्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन का रवैया नहीं बदला तो एसडीएम कार्यालय का घेराव भी किया जा सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार किसानों और मजदूरों के साथ धोखा कर रही है। बीज विधेयक और श्रम कानूनों के जरिए खेती-किसानी व मजदूर वर्ग को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है।
राज्य उपप्रधान शमशेर नंबरदार ने कहा कि बाढ़ प्रभावित गांवों में अब तक कोई ठोस राहत कार्य नहीं हुआ है। आगामी फसलों की बिजाई प्रभावित है और मुआवजे के नाम पर किसानों के साथ मजाक किया गया। उन्होंने बताया कि पूरे हरियाणा में फसल नुकसान के लिए मात्र 116 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं, जो नाकाफी हैं। इसके अलावा डीएपी खाद की किल्लत, कालाबाजारी और निजी दुकानों की मनमानी से किसान परेशान हैं। किसान सभा ने सरकार की नीतियों के खिलाफ गांव-गांव जाकर आंदोलन तेज करने का एलान किया। धरने को लक्ष्मण शाहपुर, रतन मात्रश्याम, कमला देवी, बलराज सहरावत, सुरेन्द्र मान आदि ने भी संबोधित किया।