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प्राचीन और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का जीवंत प्रतीक है राखीगढ़ी : शर्मा
Mon, 26 Oct 2026 12:26 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
Updated Mon, 26 Oct 2026 12:26 AM IST
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राखीगढ़ी महोत्सव में कार्यक्रम में शामिल पर्यटन मंत्री डॉ अरविंद शर्मा व सुभाष बराला। स्रोत : स
नारनौंद। राखीगढ़ी प्राचीन और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का जीवंत प्रतीक है। ऐसे आयोजन ऐतिहासिक धरोहरों को पहचान दिलाने के साथ युवा पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ते हैं। राखीगढ़ी को पर्यटन से जोड़ने पर क्षेत्र में रोजगार के अवसर भी बढ़ सकते हैं। सहकारिता, पर्यटन एवं संग्रहालय मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा ने रविवार को राखीगढ़ महोत्सव के समापन समारोह में यह बात कही।
शर्मा ने कहा कि इस महोत्सव में स्थानीय कलाकारों, कुंभकारों, हस्तशिल्पियों, स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं और छोटे उद्यमियों को अपने उत्पाद प्रदर्शित करने और विपणन का अवसर मिला। इससे पारंपरिक कला और स्थानीय अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहन मिलता है। उन्होंने खेड़ी चोपटा में शहीद चंद्रशेखर आजाद की प्रतिमा स्थापित करने के लिए दो लाख रुपये देने की घोषणा की। राज्यसभा सदस्य सुभाष बराला, माटी कला बोर्ड के चेयरमैन अनूप प्रजापति, भाजपा जिलाध्यक्ष अशोक सैनी, डीसी राहुल नरवाल, पुरातत्व विभाग के उपनिदेशक डॉ. नरेंद्र परमार, जिला पार्षद दिनेश श्योराण, सरपंच मीनाक्षी व डॉ. अप्पू सहारण मौजूद रहे। सात दिवसीय महोत्सव में एक लाख से अधिक लोगों ने भाग लिया। करीब 10 हजार छात्र-छात्राओं ने प्राचीन सभ्यता और सांस्कृतिक विरासत को करीब से जाना।
प्राचीन इतिहास और सांस्कृतिक पहचान पर जोर
सुभाष बराला ने कहा कि भारत के इतिहास और संस्कृति को समझने के लिए प्राचीन सभ्यताओं तथा पुरातात्विक प्रमाणों का अध्ययन जरूरी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल के नेतृत्व में ऐतिहासिक विरासत और प्राचीन परंपराओं से जुड़े तथ्यों को सामने लाने पर जोर दिया जा रहा है।
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शर्मा ने कहा कि इस महोत्सव में स्थानीय कलाकारों, कुंभकारों, हस्तशिल्पियों, स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं और छोटे उद्यमियों को अपने उत्पाद प्रदर्शित करने और विपणन का अवसर मिला। इससे पारंपरिक कला और स्थानीय अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहन मिलता है। उन्होंने खेड़ी चोपटा में शहीद चंद्रशेखर आजाद की प्रतिमा स्थापित करने के लिए दो लाख रुपये देने की घोषणा की। राज्यसभा सदस्य सुभाष बराला, माटी कला बोर्ड के चेयरमैन अनूप प्रजापति, भाजपा जिलाध्यक्ष अशोक सैनी, डीसी राहुल नरवाल, पुरातत्व विभाग के उपनिदेशक डॉ. नरेंद्र परमार, जिला पार्षद दिनेश श्योराण, सरपंच मीनाक्षी व डॉ. अप्पू सहारण मौजूद रहे। सात दिवसीय महोत्सव में एक लाख से अधिक लोगों ने भाग लिया। करीब 10 हजार छात्र-छात्राओं ने प्राचीन सभ्यता और सांस्कृतिक विरासत को करीब से जाना।
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प्राचीन इतिहास और सांस्कृतिक पहचान पर जोर
सुभाष बराला ने कहा कि भारत के इतिहास और संस्कृति को समझने के लिए प्राचीन सभ्यताओं तथा पुरातात्विक प्रमाणों का अध्ययन जरूरी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल के नेतृत्व में ऐतिहासिक विरासत और प्राचीन परंपराओं से जुड़े तथ्यों को सामने लाने पर जोर दिया जा रहा है।
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