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Hisar News: नागरिक अस्पताल में महिला के शव को चूहों ने कुतरा, भड़के परिजनों ने हांसी में लगाया जाम
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
Updated Mon, 08 Jun 2026 01:49 AM IST
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हांसी में जाम के दौरान पुलिसकर्मियों से उलझते हुए लोग।
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हिसार / हांसी। जिला नागरिक अस्पताल के शवगृह (मोर्चरी) में रखे एक महिला के शव को चूहों ने कुतर दिया। रविवार सुबह जब परिजन शव लेने पहुंचे तो अस्पताल प्रशासन की लापरवाही उजागर हुई। इससे नाराज परिजनों ने पहले अस्पताल में हंगामा किया। इसके बाद दोपहर अग्रोहा में पोस्टमार्टम के बाद परिजन शव को एंबुलेंस में रखकर हांसी के तोशाम चुंगी पहुंचे और यहां करीब आधे घंटे तक जाम लगाया। दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। जाम के दौरान एक कार का शीशा भी तोड़ दिया गया। सूचना पर पहुंचे डीएसपी विनोद शंकर ने सात लोगों को राउंडअप कर जाम खुलवाया।
हांसी निवासी जेठानी रूबी ने बताया कि शनिवार रात कोमल की सिजेरियन डिलीवरी के बाद अत्यधिक रक्तस्राव होने से उसकी हालत बिगड़ गई थी। चिकित्सकों ने उसे गंभीर अवस्था में हिसार रेफर कर दिया लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। परिजनों ने चिकित्सकीय लापरवाही का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की। उनकी मांग पर अग्रोहा मेडिकल कॉलेज में चिकित्सकीय बोर्ड से शव का पोस्टमार्टम कराया गया।
22 वर्षीय कोमल की शादी को तीन वर्ष हुए थे। उसका पति सुभाष आरा मशीन पर काम करता है। दोनों हनुमान कॉलोनी में किराये के मकान में रहते थे जबकि कोमल का ससुराल ऐलनाबाद में है। कोमल गर्भवती थी और उसे 5 जून को हांसी के सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
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रूबी के अनुसार चिकित्सक लगातार कहते रहे कि कोमल की सामान्य डिलीवरी होगी और कोई परेशानी नहीं है। हालांकि परिजनों ने पहले ही उसे रेफर करने की मांग की थी। चिकित्सकों ने खून की कमी बताकर उसे रक्त चढ़ाया और 6 जून को डिलीवरी कराने की बात कही। रक्त चढ़ाने के बाद उसकी हालत सामान्य थी और उसने खाना भी नहीं खाया। डिलीवरी से पहले उसे छह इंजेक्शन लगाए गए। इसके बाद उसने एक बच्ची को जन्म दिया, लेकिन बाद में उसकी तबीयत बिगड़ गई।
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चिकित्सक ने नहीं संभाला
रूबी ने बताया कि शनिवार रात करीब साढ़े नौ बजे कोमल की डिलीवरी हुई। इसके बाद उसका पति सुभाष उसे देखने गया तो उसने देखा कि पूरा बेड खून से सना हुआ था। सुभाष ने चिकित्सकों को इसकी जानकारी दी और पत्नी को संभालने का आग्रह किया। चिकित्सकों ने जांच करने की बात कही, लेकिन कोई नहीं आया। कोमल लगातार पेट दर्द की शिकायत कर रही थी। बाद में जब सुभाष दोबारा चिकित्सकों के पास गया तो उन्होंने कहा कि उसे रक्तस्राव की समस्या है और तुरंत हिसार ले जाओ। परिजनों का आरोप है कि चिकित्सकों ने उसे रेफर कर जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया। हिसार लाते समय कैंट क्षेत्र के पास उसकी मौत हो गई।
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तीन घंटे में ही शव को चूहों ने कुतर दिया
रूबी के अनुसार रविवार तड़के करीब चार बजे उसके पति और देवर ने कोमल के शव को जिला नागरिक अस्पताल के मोर्चरी में रखवाया। सुबह करीब सात बजे जब वे शव लेने पहुंचे तो माथे और हाथ की खाल चूहों द्वारा कुतरी हुई मिली। शिकायत करने पर स्टाफ ने बताया कि इस समस्या के बारे में अधिकारियों को पहले भी कई बार अवगत कराया जा चुका है।
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जन्म के कुछ घंटे बाद ही बेटी ने मां को खो दिया
रूबी ने बताया कि यह कोमल की पहली संतान थी। जन्म के कुछ घंटे बाद ही बच्ची के सिर से मां का साया उठ गया। बच्ची का पिता सुभाष आरा मशीन पर काम करता है। उसके एक हाथ की कुछ अंगुलियां कटी हुई हैं, जिससे वह भारी काम नहीं कर पाता। रूबी ने बताया कि उसके स्वयं के तीन बच्चे हैं और उसके पति दिहाड़ी मजदूरी करते हैं। उन्होंने प्रशासन से बच्ची के लालन-पालन के लिए आर्थिक सहायता देने की मांग की है।
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शव रखने के लिए एक डीप फ्रीजर पहले से खराब है और उसका उपयोग नहीं किया जा रहा। इसकी मरम्मत के लिए कंपनी को पत्र लिखा गया है। दूसरा फ्रीजर अब तक पूरी तरह ठीक था। इस तरह की घटना पहले कभी सामने नहीं आई। मामला संज्ञान में आया है और आवश्यक मरम्मत कराई जाएगी।
- डॉ. रीना जैन, पीएमओ, जिला नागरिक अस्पताल।
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परिजनों और अन्य लोगों ने चिकित्सक के खिलाफ कार्रवाई की मांग के लिए सड़क जाम किया था। मौके पर पहुंचकर उन्हें समझाया गया और जाम खुलवा दिया गया। मामले में मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट आने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
- विनोद शंकर, डीएसपी।
हांसी निवासी जेठानी रूबी ने बताया कि शनिवार रात कोमल की सिजेरियन डिलीवरी के बाद अत्यधिक रक्तस्राव होने से उसकी हालत बिगड़ गई थी। चिकित्सकों ने उसे गंभीर अवस्था में हिसार रेफर कर दिया लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। परिजनों ने चिकित्सकीय लापरवाही का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की। उनकी मांग पर अग्रोहा मेडिकल कॉलेज में चिकित्सकीय बोर्ड से शव का पोस्टमार्टम कराया गया।
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22 वर्षीय कोमल की शादी को तीन वर्ष हुए थे। उसका पति सुभाष आरा मशीन पर काम करता है। दोनों हनुमान कॉलोनी में किराये के मकान में रहते थे जबकि कोमल का ससुराल ऐलनाबाद में है। कोमल गर्भवती थी और उसे 5 जून को हांसी के सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
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रूबी के अनुसार चिकित्सक लगातार कहते रहे कि कोमल की सामान्य डिलीवरी होगी और कोई परेशानी नहीं है। हालांकि परिजनों ने पहले ही उसे रेफर करने की मांग की थी। चिकित्सकों ने खून की कमी बताकर उसे रक्त चढ़ाया और 6 जून को डिलीवरी कराने की बात कही। रक्त चढ़ाने के बाद उसकी हालत सामान्य थी और उसने खाना भी नहीं खाया। डिलीवरी से पहले उसे छह इंजेक्शन लगाए गए। इसके बाद उसने एक बच्ची को जन्म दिया, लेकिन बाद में उसकी तबीयत बिगड़ गई।
चिकित्सक ने नहीं संभाला
रूबी ने बताया कि शनिवार रात करीब साढ़े नौ बजे कोमल की डिलीवरी हुई। इसके बाद उसका पति सुभाष उसे देखने गया तो उसने देखा कि पूरा बेड खून से सना हुआ था। सुभाष ने चिकित्सकों को इसकी जानकारी दी और पत्नी को संभालने का आग्रह किया। चिकित्सकों ने जांच करने की बात कही, लेकिन कोई नहीं आया। कोमल लगातार पेट दर्द की शिकायत कर रही थी। बाद में जब सुभाष दोबारा चिकित्सकों के पास गया तो उन्होंने कहा कि उसे रक्तस्राव की समस्या है और तुरंत हिसार ले जाओ। परिजनों का आरोप है कि चिकित्सकों ने उसे रेफर कर जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया। हिसार लाते समय कैंट क्षेत्र के पास उसकी मौत हो गई।
तीन घंटे में ही शव को चूहों ने कुतर दिया
रूबी के अनुसार रविवार तड़के करीब चार बजे उसके पति और देवर ने कोमल के शव को जिला नागरिक अस्पताल के मोर्चरी में रखवाया। सुबह करीब सात बजे जब वे शव लेने पहुंचे तो माथे और हाथ की खाल चूहों द्वारा कुतरी हुई मिली। शिकायत करने पर स्टाफ ने बताया कि इस समस्या के बारे में अधिकारियों को पहले भी कई बार अवगत कराया जा चुका है।
जन्म के कुछ घंटे बाद ही बेटी ने मां को खो दिया
रूबी ने बताया कि यह कोमल की पहली संतान थी। जन्म के कुछ घंटे बाद ही बच्ची के सिर से मां का साया उठ गया। बच्ची का पिता सुभाष आरा मशीन पर काम करता है। उसके एक हाथ की कुछ अंगुलियां कटी हुई हैं, जिससे वह भारी काम नहीं कर पाता। रूबी ने बताया कि उसके स्वयं के तीन बच्चे हैं और उसके पति दिहाड़ी मजदूरी करते हैं। उन्होंने प्रशासन से बच्ची के लालन-पालन के लिए आर्थिक सहायता देने की मांग की है।
शव रखने के लिए एक डीप फ्रीजर पहले से खराब है और उसका उपयोग नहीं किया जा रहा। इसकी मरम्मत के लिए कंपनी को पत्र लिखा गया है। दूसरा फ्रीजर अब तक पूरी तरह ठीक था। इस तरह की घटना पहले कभी सामने नहीं आई। मामला संज्ञान में आया है और आवश्यक मरम्मत कराई जाएगी।
- डॉ. रीना जैन, पीएमओ, जिला नागरिक अस्पताल।
परिजनों और अन्य लोगों ने चिकित्सक के खिलाफ कार्रवाई की मांग के लिए सड़क जाम किया था। मौके पर पहुंचकर उन्हें समझाया गया और जाम खुलवा दिया गया। मामले में मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट आने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
- विनोद शंकर, डीएसपी।