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रेलूराम हत्याकांड: सोनिया-संजीव की सुप्रीम कोर्ट में होगी अंतिम बहस, पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट से अंतरिम जमानत पर
Tue, 11 Aug 2026 09:24 AM IST
Naveen
माई सिटी रिपोर्टर, हिसार (हरियाणा)
माई सिटी रिपोर्टर, हिसार (हरियाणा)
Published by: Naveen
Updated Tue, 11 Aug 2026 09:24 AM IST
सार
जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस शील नागू की पीठ के समक्ष सुनवाई के बाद अदालत ने प्रतिवादी संख्या-2 सोनिया-संजीव के वकीलों से सख्त लहजे में कहा था कि आप दो सप्ताह के भीतर जवाबी हलफनामा दाखिल करें।
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रेलू राम पूनिया की बेटी सोनिया और दामाद संजीव कुमार
- फोटो : संवाद
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विस्तार
पूर्व विधायक रेलूराम हत्याकांड मामले में दोषी सोनिया-संजीव को पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट से अंतरिम जमानत दिए जाने के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को अंतिम बहस होगी। पिछली 15 जुलाई की सुनवाई में दोनों के वकीलों को दो सप्ताह में जवाबी हलफनामा दाखिल करने के निर्देश दिए। याचिकाकर्ता को इसके लिए एक सप्ताह का समय दिया था। अब इस मामले में 11 अगस्त को अंतिम बहस होगी
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जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस शील नागू की पीठ के समक्ष सुनवाई के बाद अदालत ने प्रतिवादी संख्या-2 सोनिया-संजीव के वकीलों से सख्त लहजे में कहा था कि आप दो सप्ताह के भीतर जवाबी हलफनामा दाखिल करें। एडवोकेट आइना वर्मा खोवाल ने बताया कि रेलूराम पूनिया के भतीजों जितेंद्र पूनिया, सतपाल पूनिया, कौशल और कमल पूनिया की ओर से इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई थी।
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क्या है मामला
सोनिया व संजीव ने अगस्त 2001 में लितानी गांव स्थित फार्म हाउस में पूर्व विधायक रेलूराम पूनिया (50), उनकी पत्नी कृष्णा देवी (41), पुत्र सुनील (23), बहू शकुंतला (20), पुत्री प्रियंका (14), पोता लोकेश (4), पोतियां शिवानी (2) और 45 दिन की प्रीति की हत्या कर दी थी। मई 2004 में हिसार की अदालत ने दोनों को फांसी की सजा सुनाई। वर्ष 2007 में सुप्रीम कोर्ट ने भी इस सजा को बरकरार रखा। बाद में फांसी की सजा को आजीवन कारावास में बदल दिया।
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