{"_id":"6988dac76e9bfd5e5807bce4","slug":"the-charm-of-radha-rani-of-singhwa-khas-in-kurukshetra-hisar-news-c-21-hsr1005-807587-2026-02-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hisar News: कुरुक्षेत्र में सिंघवा खास की ‘राधा रानी’ का जलवा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hisar News: कुरुक्षेत्र में सिंघवा खास की ‘राधा रानी’ का जलवा
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
Updated Mon, 09 Feb 2026 12:19 AM IST
विज्ञापन
मुर्रा भैंस राधा के साथ पशुपालक ईश्वर सिंघवा व अन्य। स्रोत : पशुपालक
विज्ञापन
बास। गांव सिंघवा खास निवासी पशुपालक ईश्वर सिंघवा की मुर्रा नस्ल की भैंस ‘राधा रानी’ ने एक बार फिर अपनी सुंदरता, उत्कृष्ट नस्लीय गुण और शानदार दुग्ध क्षमता से सम्मान हासिल किया है। कुरुक्षेत्र में आयोजित राज्य स्तरीय पशुधन प्रदर्शनी और भव्य पशु मेले में ‘मिल्क ब्यूटी’ और ‘ब्रीड चैंपियन’ खिताब जीतने वाली राधा हर किसी के लिए आकर्षण का केंद्र बनी।
आकर्षक काया, संतुलित शारीरिक बनावट और चाल दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर रही थी। लोग उसके साथ सेल्फी लेते नजर आए। प्रतियोगिता में दूध उत्पादन, शारीरिक संरचना, नस्लीय विशेषताओं, स्वास्थ्य और देखभाल के स्तर जैसे सभी मानकों पर गहन मूल्यांकन किया गया। राधा हर कसौटी पर खरी उतरी।
पुरस्कार वितरण समारोह में मुख्यमंत्री ने राधा के मालिक ईश्वर सिंघवा को तीन लाख एक हजार रुपये का नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे समर्पित पशुपालक ही प्रदेश की पशुधन संपदा को नई पहचान दिला रहे हैं। उन्होंने वैज्ञानिक पद्धतियों और उन्नत नस्लों के संरक्षण से न केवल दुग्ध उत्पादन बढ़ने, बल्कि पशुपालकों की आय में भी वृद्धि होने पर जोर दिया।
कन्हड़ी गांव से खरीदी थी :
ईश्वर सिंघवा ने बताया कि उन्होंने राधा को फतेहाबाद जिले के कन्हड़ी गांव से खरीदा था। इसके बाद से ही उसकी विशेष देखभाल और संतुलित आहार पर ध्यान दिया गया। राधा की रोजाना निगरानी और स्वास्थ्य देखभाल सुनिश्चित की जाती है। राधा उनके लिए केवल एक भैंस नहीं बल्कि परिवार का गौरव है और इसे किसी भी कीमत पर नहीं बेच सकते।
35.669 किलोग्राम दूध देकर बनाया था विश्व रिकॉर्ड :
सितंबर 2025 में गांव सिंघवा खास आयोजित दुग्ध उत्पादन प्रतियोगिता में राधा ने 35.669 किलोग्राम दूध देकर विश्व रिकॉर्ड बनाया था। इससे पहले यह रिकॉर्ड कैथल जिले के गांव बुढ़ाखेड़ा निवासी नरेश की भैंस ‘रेशमा’ के नाम था, जिसने 33.800 किलोग्राम दूध उत्पादन किया था। राधा के मालिक ईश्वर सिंह सिंघवा और उनके पिता रिटायर्ड पीटीआई होशियार सिंह लंबे समय से मुर्रा नस्ल की भैंसों की बेहतरीन देखभाल और उन्नत पशुपालन के लिए प्रदेश में पहचाने जाते हैं।
Trending Videos
आकर्षक काया, संतुलित शारीरिक बनावट और चाल दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर रही थी। लोग उसके साथ सेल्फी लेते नजर आए। प्रतियोगिता में दूध उत्पादन, शारीरिक संरचना, नस्लीय विशेषताओं, स्वास्थ्य और देखभाल के स्तर जैसे सभी मानकों पर गहन मूल्यांकन किया गया। राधा हर कसौटी पर खरी उतरी।
विज्ञापन
विज्ञापन
पुरस्कार वितरण समारोह में मुख्यमंत्री ने राधा के मालिक ईश्वर सिंघवा को तीन लाख एक हजार रुपये का नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे समर्पित पशुपालक ही प्रदेश की पशुधन संपदा को नई पहचान दिला रहे हैं। उन्होंने वैज्ञानिक पद्धतियों और उन्नत नस्लों के संरक्षण से न केवल दुग्ध उत्पादन बढ़ने, बल्कि पशुपालकों की आय में भी वृद्धि होने पर जोर दिया।
कन्हड़ी गांव से खरीदी थी :
ईश्वर सिंघवा ने बताया कि उन्होंने राधा को फतेहाबाद जिले के कन्हड़ी गांव से खरीदा था। इसके बाद से ही उसकी विशेष देखभाल और संतुलित आहार पर ध्यान दिया गया। राधा की रोजाना निगरानी और स्वास्थ्य देखभाल सुनिश्चित की जाती है। राधा उनके लिए केवल एक भैंस नहीं बल्कि परिवार का गौरव है और इसे किसी भी कीमत पर नहीं बेच सकते।
35.669 किलोग्राम दूध देकर बनाया था विश्व रिकॉर्ड :
सितंबर 2025 में गांव सिंघवा खास आयोजित दुग्ध उत्पादन प्रतियोगिता में राधा ने 35.669 किलोग्राम दूध देकर विश्व रिकॉर्ड बनाया था। इससे पहले यह रिकॉर्ड कैथल जिले के गांव बुढ़ाखेड़ा निवासी नरेश की भैंस ‘रेशमा’ के नाम था, जिसने 33.800 किलोग्राम दूध उत्पादन किया था। राधा के मालिक ईश्वर सिंह सिंघवा और उनके पिता रिटायर्ड पीटीआई होशियार सिंह लंबे समय से मुर्रा नस्ल की भैंसों की बेहतरीन देखभाल और उन्नत पशुपालन के लिए प्रदेश में पहचाने जाते हैं।