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विकास को बूस्टर डोज की दरकार : दिल्ली रोड को सिक्स लेन करने के लिए विभागों से नहीं मिली एनओसी
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हिसार। शहर को जाम मुक्त और सुगम यातायात के लिए कागजों में तो खूब कलम चल रही है पर हकीकत में अभी कोसों दूर है। बिना किसी नियोजन के ही बड़ी-बड़ी परियोजनाएं लाई जा रहीं हैं। नतीजा यह है कि वर्षों से लंबित समस्याओं पर रत्ती भर काम नहीं हुआ है। दिल्ली रोड को जाम मुक्त करने की दिशा में गठित कमेटी की तरफ से लिए फैसले फाइलों से बाहर तक नहीं निकले हैं। हालत यह है कि इस रोड को सिक्स लेन करने के लिए अभी तो सभी संबंधित विभागों से एनओसी तक नहीं मिल सकी है। उधर, स्लिप रोड का निर्माण कार्य कई जगह अब तक शुरू नहीं हो सका है। जाम का कारण बन रहा तलाकी गेट फुट ओवरब्रिज भी जस का तस है।
शहर को जाम मुक्त करने के लिए मुख्यमंत्री नायब सिंह के निर्देशों पर कैबिनेट मंत्री रणबीर गंगवा की अध्यक्षता में एक कमेटी का गठन किया गया, जिसमें उपायुक्त कार्यालय, नगर निगम, बीएंडआर, एचएसवीपी आदि विभागों को शामिल किया गया है। कमेटी का गठन हुए करीब 10 माह हो चुके हैं। इस दौरान 4 से 5 बार बैठकें हो चुकी हैं। इन बैठकों में कई फैसले लिए गए। इनके लागू होने से शहरवासियों को जाम से काफी हद तक राहत मिलेगी, लेकिन विभागों की लापरवाही के कारण ये फैसले फाइलों से निकलकर धरातल पर नहीं आ रहे हैं।
फैसले और स्टेटस
फैसला: दिल्ली रोड को लक्ष्मीबाई चौक से टाउन पार्क तक सिक्स लेन बनाना है।
स्टेटस: जिन सरकारी विभागों से जमीन लेनी है, उनसे अब तक एनओसी नहीं मिली है। इसके अलावा अभी तक एस्टीमेट को भी मंजूरी नहीं मिली है।
फैसला: टाउन पार्क, सुशीला भवन के पास, राजगढ़ रोड, डाबड़ा चौक, ऑटो मार्केट के पास व क्लॉथ मार्केट के पास स्लिप रोड का निर्माण।
स्टेटस : टाउन पार्क को छोड़कर अन्य किसी भी जगह धरातल पर काम शुरू नहीं हुआ है। पब्लिक यूटीलिटी शिफ्टिंग में काफी समय लग रहा है। हालांकि इसके लिए एस्टीमेट मंजूर हो चुका है।
फैसला: तलाकी गेट फुट ओवरब्रिज को हटाया जाएगा।
स्टेटस: अभी जस का तस है। बीएंडआर की मैकेनिकल शाखा के अधिकारियों का कहना है कि इस काम को दूसरा विभाग करेगा।
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मल्टीलेवल पार्किंग भी फाइलों में सिमटी सिटी थाने के सामने मल्टी स्टोरी पार्किंग बनाई जानी प्रस्तावित है। दिसंबर 2014 में तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहरलाल ने इस प्रोजेक्ट की घोषणा की थी। मगर आज तक धरातल पर नहीं उतर सका है। यह प्रोजेक्ट सिरे चढ़ता है तो राजगुरु मार्केट में जाम की समस्या का समाधान हो जाएगा। इसके अलावा रिंग रोड प्रोजेक्ट की रफ्तार भी काफी धीमी है। इस प्रोजेक्ट के पूरा होने पर शहर में भारी वाहनों की एंट्री नहीं होगी, जिससे जाम से बड़ी राहत मिलेगी।
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डाबड़ा माइनर पर रोड बनी न घोड़ा फार्म फाटक पर आरओबी
बीएंडआर के कुछ अहम प्रोजेक्ट भी सिरे नहीं चढ़ रहे हैं। ये पूरे हो जाते हैं तो शहरवासियों को जाम से काफी राहत मिलेगी। इनमें एक प्रोजेक्ट है डाबड़ा माइनर पर रोड का निर्माण। इस प्रोजेक्ट में वन विभाग की एनओसी व जमीन पर कब्जे बाधा बन रहे हैं। जब तक एनओसी नहीं मिलेगी और कब्जे नहीं हटेंगे तब तक यह प्रोजेक्ट धरातल पर नहीं उतरेगा। तोशाम रोड से कैमरी रोड तक बालसमंद नहर के साथ रोड का निर्माण और घोड़ा फार्म रेलवे फाटक पर ओवरब्रिज का निर्माण भी शहर के जाम को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे पर ये सभी अभी कागजों में हैं।
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जल्द ही कमेटी की बैठक बुलाकर यातायात व जाम से राहत संबंधी जो भी प्रोजेक्ट हैं, अधिकारियों को उन पर तेजी लाने के निर्देश दिए जाएंगे। प्रोजेक्ट में देरी के कारणों व उन्हें दूर करने पर भी विचार विमर्श किया जाएगा। हमारा पूरा प्रयास है कि शहर के विकास से संबंधित जो भी परियोजनाएं हैं, वे जल्द सिरे चढ़ें। - रणबीर गंगवा, कैबिनेट मंत्री
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शहर को जाम मुक्त करने के लिए मुख्यमंत्री नायब सिंह के निर्देशों पर कैबिनेट मंत्री रणबीर गंगवा की अध्यक्षता में एक कमेटी का गठन किया गया, जिसमें उपायुक्त कार्यालय, नगर निगम, बीएंडआर, एचएसवीपी आदि विभागों को शामिल किया गया है। कमेटी का गठन हुए करीब 10 माह हो चुके हैं। इस दौरान 4 से 5 बार बैठकें हो चुकी हैं। इन बैठकों में कई फैसले लिए गए। इनके लागू होने से शहरवासियों को जाम से काफी हद तक राहत मिलेगी, लेकिन विभागों की लापरवाही के कारण ये फैसले फाइलों से निकलकर धरातल पर नहीं आ रहे हैं।
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फैसले और स्टेटस
फैसला: दिल्ली रोड को लक्ष्मीबाई चौक से टाउन पार्क तक सिक्स लेन बनाना है।
स्टेटस: जिन सरकारी विभागों से जमीन लेनी है, उनसे अब तक एनओसी नहीं मिली है। इसके अलावा अभी तक एस्टीमेट को भी मंजूरी नहीं मिली है।
फैसला: टाउन पार्क, सुशीला भवन के पास, राजगढ़ रोड, डाबड़ा चौक, ऑटो मार्केट के पास व क्लॉथ मार्केट के पास स्लिप रोड का निर्माण।
स्टेटस : टाउन पार्क को छोड़कर अन्य किसी भी जगह धरातल पर काम शुरू नहीं हुआ है। पब्लिक यूटीलिटी शिफ्टिंग में काफी समय लग रहा है। हालांकि इसके लिए एस्टीमेट मंजूर हो चुका है।
फैसला: तलाकी गेट फुट ओवरब्रिज को हटाया जाएगा।
स्टेटस: अभी जस का तस है। बीएंडआर की मैकेनिकल शाखा के अधिकारियों का कहना है कि इस काम को दूसरा विभाग करेगा।
मल्टीलेवल पार्किंग भी फाइलों में सिमटी सिटी थाने के सामने मल्टी स्टोरी पार्किंग बनाई जानी प्रस्तावित है। दिसंबर 2014 में तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहरलाल ने इस प्रोजेक्ट की घोषणा की थी। मगर आज तक धरातल पर नहीं उतर सका है। यह प्रोजेक्ट सिरे चढ़ता है तो राजगुरु मार्केट में जाम की समस्या का समाधान हो जाएगा। इसके अलावा रिंग रोड प्रोजेक्ट की रफ्तार भी काफी धीमी है। इस प्रोजेक्ट के पूरा होने पर शहर में भारी वाहनों की एंट्री नहीं होगी, जिससे जाम से बड़ी राहत मिलेगी।
डाबड़ा माइनर पर रोड बनी न घोड़ा फार्म फाटक पर आरओबी
बीएंडआर के कुछ अहम प्रोजेक्ट भी सिरे नहीं चढ़ रहे हैं। ये पूरे हो जाते हैं तो शहरवासियों को जाम से काफी राहत मिलेगी। इनमें एक प्रोजेक्ट है डाबड़ा माइनर पर रोड का निर्माण। इस प्रोजेक्ट में वन विभाग की एनओसी व जमीन पर कब्जे बाधा बन रहे हैं। जब तक एनओसी नहीं मिलेगी और कब्जे नहीं हटेंगे तब तक यह प्रोजेक्ट धरातल पर नहीं उतरेगा। तोशाम रोड से कैमरी रोड तक बालसमंद नहर के साथ रोड का निर्माण और घोड़ा फार्म रेलवे फाटक पर ओवरब्रिज का निर्माण भी शहर के जाम को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे पर ये सभी अभी कागजों में हैं।
जल्द ही कमेटी की बैठक बुलाकर यातायात व जाम से राहत संबंधी जो भी प्रोजेक्ट हैं, अधिकारियों को उन पर तेजी लाने के निर्देश दिए जाएंगे। प्रोजेक्ट में देरी के कारणों व उन्हें दूर करने पर भी विचार विमर्श किया जाएगा। हमारा पूरा प्रयास है कि शहर के विकास से संबंधित जो भी परियोजनाएं हैं, वे जल्द सिरे चढ़ें। - रणबीर गंगवा, कैबिनेट मंत्री