{"_id":"6a0ca9649a8d1796770d6b93","slug":"the-health-department-wrote-a-letter-to-the-district-administration-to-remove-encroachment-from-the-phc-land-hisar-news-c-21-hsr1005-873217-2026-05-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hisar News: पीएचसी की जमीन से कब्जा हटाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने जिला प्रशासन को लिखा पत्र","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hisar News: पीएचसी की जमीन से कब्जा हटाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने जिला प्रशासन को लिखा पत्र
विज्ञापन
सातरोड कलां में नवनिर्मित पीएचसी का भवन।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
हिसार। स्वास्थ्य विभाग ने सातरोड कलां में नवनिर्मित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) की जमीन से कब्जा हटाने के लिए जिला प्रशासन को पत्र लिखा है। विभाग ने जिला प्रशासन ने ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त करने की मांग की है। साथ ही सिविल सर्जन ने चौपाल में चल रही पीएचसी को नए भवन में शिफ्ट करने के आदेश दिए हैं। वहीं, बीएंडआर की तरफ से अधूरी पड़ी चहारदीवार पर अस्थायी तौर पर तारबंदी करवाएगा।
सातरोड कलां में पुराना पीएचसी भवन वर्ष 2016 में कंडम घोषित कर दिया गया था। इसके साथ पीएचसी को गांव की चौपाल में शिफ्ट कर दिया गया था। 10 साल से पीएचसी चौपाल में ही चल रही है जिससे स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। पंचायत की तरफ से पीएचसी के नए भवन के लिए करीब 4.5 एकड़ जमीन स्वास्थ्य विभाग को उपलब्ध करवाई गई है। इस जमीन पर 5.5 करोड़ रुपये की लागत से पीएचसी का नया भवन बनाया गया है लेकिन इसकी 33 मरले जमीन पर कब्जे के कारण चहारदीवारी का काम रुका हुआ है।
चौपाल में जगह का है अभाव
चौपाल में चल रही पीएचसी में जगह का अभाव है। इस कारण से सिर्फ चौपाल में 3 से 4 बेड की ही सुविधा उपलब्ध है। इसके अलावा यहां महिला डिलीवरी की भी कोई सुविधा नहीं है जिस कारण गर्भवतियों को डिलीवरी सहित अन्य बीमारियों के समाधान के लिए निजी या फिर हिसार के अस्पतालों की ओर रुख करना पड़ रहा है।
विज्ञापन
7 गांवों की 50 हजार से ज्यादा की आबादी को कवर करता है यह सेंटर
सातरोड कलां स्थित पीएचसी सेंटर 7 गांवों की 50 हजार से ज्यादा आबादी को कवर करता है। इन गांवों में लाडवा, खरड़-अलीपुर, मय्यड, छोटी सातरोड, बड़ी सातरोड व भगाना गांव शामिल है। रोजाना इस पीएचसी सेंटर में 70 से अधिक मरीजों की ओपीडी होती है।
वर्जन
हमारी तरफ से अधूरी चहारदीवारी की जगह तारबंदी करवा दी जाएगी। यह जमीन स्वास्थ्य विभाग की है तो कब्जों को हटाना उनका ही काम है।
गौरव जैन, एक्सईएन, पीडब्ल्यूडी बीएंडआर
-- -- -- -- -- --
वर्जन
हमने जिला प्रशासन से ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त करने की मांग के संबंधी में पत्र लिखा है। ड्यूटी मजिस्ट्रेट मिलते ही कब्जे हटवा दिए जाएंगे।
डॉ. सपना गहलावत, सिविल सर्जन, हिसार
-- -- -- -- -- --
वर्जन
अभी बीएंडआर ने हमें बिल्डिंग हैंडओवर नहीं की है। बिल्डिंग हैंडओवर होने के बाद ही पीएचसी यहां शिफ्ट की जाएगी।
डॉ. रोशन शर्मा, एसएमओ, सीएचसी आर्य नगर
Trending Videos
सातरोड कलां में पुराना पीएचसी भवन वर्ष 2016 में कंडम घोषित कर दिया गया था। इसके साथ पीएचसी को गांव की चौपाल में शिफ्ट कर दिया गया था। 10 साल से पीएचसी चौपाल में ही चल रही है जिससे स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। पंचायत की तरफ से पीएचसी के नए भवन के लिए करीब 4.5 एकड़ जमीन स्वास्थ्य विभाग को उपलब्ध करवाई गई है। इस जमीन पर 5.5 करोड़ रुपये की लागत से पीएचसी का नया भवन बनाया गया है लेकिन इसकी 33 मरले जमीन पर कब्जे के कारण चहारदीवारी का काम रुका हुआ है।
विज्ञापन
विज्ञापन
चौपाल में जगह का है अभाव
चौपाल में चल रही पीएचसी में जगह का अभाव है। इस कारण से सिर्फ चौपाल में 3 से 4 बेड की ही सुविधा उपलब्ध है। इसके अलावा यहां महिला डिलीवरी की भी कोई सुविधा नहीं है जिस कारण गर्भवतियों को डिलीवरी सहित अन्य बीमारियों के समाधान के लिए निजी या फिर हिसार के अस्पतालों की ओर रुख करना पड़ रहा है।
7 गांवों की 50 हजार से ज्यादा की आबादी को कवर करता है यह सेंटर
सातरोड कलां स्थित पीएचसी सेंटर 7 गांवों की 50 हजार से ज्यादा आबादी को कवर करता है। इन गांवों में लाडवा, खरड़-अलीपुर, मय्यड, छोटी सातरोड, बड़ी सातरोड व भगाना गांव शामिल है। रोजाना इस पीएचसी सेंटर में 70 से अधिक मरीजों की ओपीडी होती है।
वर्जन
हमारी तरफ से अधूरी चहारदीवारी की जगह तारबंदी करवा दी जाएगी। यह जमीन स्वास्थ्य विभाग की है तो कब्जों को हटाना उनका ही काम है।
गौरव जैन, एक्सईएन, पीडब्ल्यूडी बीएंडआर
वर्जन
हमने जिला प्रशासन से ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त करने की मांग के संबंधी में पत्र लिखा है। ड्यूटी मजिस्ट्रेट मिलते ही कब्जे हटवा दिए जाएंगे।
डॉ. सपना गहलावत, सिविल सर्जन, हिसार
वर्जन
अभी बीएंडआर ने हमें बिल्डिंग हैंडओवर नहीं की है। बिल्डिंग हैंडओवर होने के बाद ही पीएचसी यहां शिफ्ट की जाएगी।
डॉ. रोशन शर्मा, एसएमओ, सीएचसी आर्य नगर