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खेड़ी साध में हुआ 300 करोड़ का जमीन घोटाला : पूर्व मंत्री
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21-मैना पर्यटन केंद्र में पत्रकारों से बातचीत करते पूर्व मंत्री सुभाष बत्रा व अन्य। अमर उजाला
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रोहतक। खेड़ी साध में आईएमटी चौक के पास 300 करोड़ रुपये का जमीन घोटाला हुआ है। इस 18.50 एकड़ जमीन घोटाले की सीबीआई या हाईकोर्ट के सीटिंग जज से जांच कराई जाए। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को भी पत्र भेजकर इस मामले की जांच कराने की अपील की गई है। यह कहना है पूर्व मंत्री सुभाष बत्रा का। वह मंगलवार को मैना पर्यटन केंद्र में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।
पूर्व मंत्री ने कहा कि आईएमटी चौक पर 18.50 एकड़ जमीन है। यह 1986 में एक कारपोरेशन कंपनी को 90 साल के पट्टे पर दी हुई है। पट्टे पर दी गई जमीन पट्टा रद्द होने से पहले बेच नहीं सकते। इसके बावजूद इसे बेच दिया गया।
जमीन पर लगे 500 से ज्यादा हरे पेड़ काट दिए गए। यह कानूनन अपराध है। कोई भी पेड़ों को बिना परमिशन के नहीं काट सकता है। पेड़ काटने के बाद भी प्रशासन चुप्पी साधे हुए है।
यह जमीन 300 करोड़ से ऊपर की है। इसे खरीदने वालों में भाजपा के दिग्गज नेताओं के परिजनों के नाम जुड़ रहे हैं। इस बेशकीमती जमीन को मात्र 25 करोड़ रुपये में बेचा गया है। इससे करीब 80 करोड़ रुपये की राशि सरकार के खजाने में रेवेन्यू के रूप में मिलनी थी।
अब जमीन पर 60 हजार रुपये प्रति गज के हिसाब से प्लाॅट काटकर बेचे जा रहे हैं। इसका हिसाब लगाएं तो यह 540 करोड़ रुपये की जमीन बनती है। यही नहीं, इस जमीन से करोड़ों रुपये का स्क्रैप बेचा गया है।
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पूर्व मंत्री ने कहा कि आईएमटी चौक पर 18.50 एकड़ जमीन है। यह 1986 में एक कारपोरेशन कंपनी को 90 साल के पट्टे पर दी हुई है। पट्टे पर दी गई जमीन पट्टा रद्द होने से पहले बेच नहीं सकते। इसके बावजूद इसे बेच दिया गया।
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जमीन पर लगे 500 से ज्यादा हरे पेड़ काट दिए गए। यह कानूनन अपराध है। कोई भी पेड़ों को बिना परमिशन के नहीं काट सकता है। पेड़ काटने के बाद भी प्रशासन चुप्पी साधे हुए है।
यह जमीन 300 करोड़ से ऊपर की है। इसे खरीदने वालों में भाजपा के दिग्गज नेताओं के परिजनों के नाम जुड़ रहे हैं। इस बेशकीमती जमीन को मात्र 25 करोड़ रुपये में बेचा गया है। इससे करीब 80 करोड़ रुपये की राशि सरकार के खजाने में रेवेन्यू के रूप में मिलनी थी।
अब जमीन पर 60 हजार रुपये प्रति गज के हिसाब से प्लाॅट काटकर बेचे जा रहे हैं। इसका हिसाब लगाएं तो यह 540 करोड़ रुपये की जमीन बनती है। यही नहीं, इस जमीन से करोड़ों रुपये का स्क्रैप बेचा गया है।