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आयुर्वेद चिकित्सा का अंतरराष्ट्रीय हब बनेगा जटेला धाम : कृष्ण बेदी
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01jjrp11- जटेला धाम में आयोजित कार्यक्रम में दानवीरों को सम्मानित करते सामाजिक न्याय मंत्री कृष
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बेरी। सामाजिक न्याय मंत्री कृष्ण बेदी ने कहा कि जटेला धाम पुरातन काल से ही मानवता की सेवा करता आ रहा है। इस मानव सेवा के अनुष्ठान को महंत राजेंद्र दास ने और भी गरिमामयी बना दिया है।
जटेला धाम अध्यातम केंद्र के साथ-साथ पर्यावरण सुधार, नशामुक्त अभियान, पौधरोपण और आयुर्वेद चिकित्सा व शोध के वैश्विक केंद्र के रूप में विकसित हो रहा है। गांव माजरा दूबलधन में स्थित तपोभूमि जटेला धाम में आयुर्वेद चिकित्सा के लिए एक ऐतिहासिक दिवस बन गया है।
वह रविवार को आयुर्वेद चिकित्सालय में योगदान देने वाले दानदाताओं को सम्मानित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि जो इस आयुर्वेद चिकित्सा महायज्ञ में अपना योगदान दे रहे हैं उनका नाम चिकित्सा के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में अंकित होगा।
दानदाता हमारे लिए नहीं बल्कि मानवता के लिए श्रद्धा के पात्र हैं जो मानव कल्याण के अंतरराष्ट्रीय केंद्र के लिए अपना तन मन धन अर्पित हुए समर्पित कर रहे हैं। जटेला धाम साहित्यिक व अकादमिक गतिविधियों के लिए कई दशकों से मानवता की सेवा कर रहा है।
उत्कृष्ट केंद्र के रूप में होगा विकसित
समारोह की अध्यक्षता कर रहे धाम के पीठाधीश्वर महंत राजेंद्र दास ने कहा कि ये चिकित्सा संस्थान आयुर्वेद शोध और उसके नवाचार के उत्कृष्ट केंद्र के रूप में विकसित होगा। यहां पर आयुर्वेदिक पद्धति को नई तकनीक के साथ चिकित्सीय सेवा में बदलने का लिए समाज-कल्याण का कार्य करेगा। जटेला धाम से ही पर्यावरण संरक्षण का जो उद्घोष पिछले कई वर्षों पहले शुरू हुआ था वह विश्व के कोने-कोने तक पहुंच गया है। मौके पर सुखासा महाराज, बेरी एसडीएम रेणुका नांदल, सीजेएम गुरुग्राम राकेश कादयान, रिटायर्ड डीईओ ओमप्रकाश कादयान, डॉ. यशवीर वत्स आदि मौजूद रहे।
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जटेला धाम अध्यातम केंद्र के साथ-साथ पर्यावरण सुधार, नशामुक्त अभियान, पौधरोपण और आयुर्वेद चिकित्सा व शोध के वैश्विक केंद्र के रूप में विकसित हो रहा है। गांव माजरा दूबलधन में स्थित तपोभूमि जटेला धाम में आयुर्वेद चिकित्सा के लिए एक ऐतिहासिक दिवस बन गया है।
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वह रविवार को आयुर्वेद चिकित्सालय में योगदान देने वाले दानदाताओं को सम्मानित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि जो इस आयुर्वेद चिकित्सा महायज्ञ में अपना योगदान दे रहे हैं उनका नाम चिकित्सा के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में अंकित होगा।
दानदाता हमारे लिए नहीं बल्कि मानवता के लिए श्रद्धा के पात्र हैं जो मानव कल्याण के अंतरराष्ट्रीय केंद्र के लिए अपना तन मन धन अर्पित हुए समर्पित कर रहे हैं। जटेला धाम साहित्यिक व अकादमिक गतिविधियों के लिए कई दशकों से मानवता की सेवा कर रहा है।
उत्कृष्ट केंद्र के रूप में होगा विकसित
समारोह की अध्यक्षता कर रहे धाम के पीठाधीश्वर महंत राजेंद्र दास ने कहा कि ये चिकित्सा संस्थान आयुर्वेद शोध और उसके नवाचार के उत्कृष्ट केंद्र के रूप में विकसित होगा। यहां पर आयुर्वेदिक पद्धति को नई तकनीक के साथ चिकित्सीय सेवा में बदलने का लिए समाज-कल्याण का कार्य करेगा। जटेला धाम से ही पर्यावरण संरक्षण का जो उद्घोष पिछले कई वर्षों पहले शुरू हुआ था वह विश्व के कोने-कोने तक पहुंच गया है। मौके पर सुखासा महाराज, बेरी एसडीएम रेणुका नांदल, सीजेएम गुरुग्राम राकेश कादयान, रिटायर्ड डीईओ ओमप्रकाश कादयान, डॉ. यशवीर वत्स आदि मौजूद रहे।
