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Jhajjar-Bahadurgarh News: बहादुरगढ़ में वायु प्रदूषण फैलाने वाली 45 फैक्टरियों को नोटिस
Tue, 18 Aug 2026 05:03 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
Updated Tue, 18 Aug 2026 05:03 PM IST
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कृष्ण वशिष्ठ
बहादुरगढ़। हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने औद्योगिक क्षेत्र में वायु प्रदूषण पर शिकंजा कसा है। बोर्ड ने 45 फैक्ट्रियों को नोटिस जारी किए हैं। इन नोटिस में एयर पॉल्यूशन कंट्रोल डिवाइस (एपीसीडी) की जानकारी मांगी गई है।
ये नोटिस वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग के निर्देश पर जारी हुए हैं। फैक्ट्रियों को 30 सितंबर तक निर्धारित मानकों के अनुरूप एपीसीडी लगाने के निर्देश दिए गए हैं। 1 अक्तूबर से नए उत्सर्जन मानकों को सख्ती से लागू किया जाएगा। यदि एपीसीडी पहले से लगी है, तो उसकी सटीकता रिपोर्ट नोटिस के माध्यम से तलब की गई है।
उद्योग संचालकों से यह भी स्पष्ट करने को कहा गया है कि उनकी फैक्टरी में मानकों के अनुसार एपीसीडी लगी है या नहीं। यदि एपीसीडी लगी है, तो उसकी क्षमता और कार्यप्रणाली की जानकारी देनी होगी। विभाग का उद्देश्य उद्योगों से निकलने वाले धूल कण और अन्य प्रदूषक तत्वों को नियंत्रित करना है।
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आयोग के संशोधित आदेश के अनुसार एनसीआर के उद्योगों पर नए नियम लागू होंगे। 17 श्रेणियों के अत्यधिक प्रदूषणकारी उद्योगों को इसमें शामिल किया गया है। रेड श्रेणी के मध्यम एवं बड़े उद्योगों, खाद्य प्रसंस्करण, कपड़ा और धातु उद्योगों के लिए भी नियम हैं। पार्टिकुलेट मैटर उत्सर्जन की अधिकतम सीमा 50 मिलीग्राम प्रति घन मीटर निर्धारित की गई है। इन उद्योगों के लिए एपीसीडी के साथ ऑनलाइन उत्सर्जन निगरानी प्रणाली स्थापित करना भी अनिवार्य है।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के उपमंडलीय अधिकारी अजय बूरा ने बताया कि 30 सितंबर तक आवश्यक उपकरण लगाने का समय है। मानकों का पालन सुनिश्चित करना भी जरूरी है। इसके बाद यदि किसी फैक्टरी से निर्धारित सीमा से अधिक प्रदूषण पाया गया, तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। ऑनलाइन मॉनीटरिंग सिस्टम से इन फैक्ट्रियों के उत्सर्जन पर लगातार नजर रखी जाएगी। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि नियमों का उल्लंघन करने वाली इकाइयों के खिलाफ कोई ढिलाई नहीं बरती जाएगी।
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बहादुरगढ़। हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने औद्योगिक क्षेत्र में वायु प्रदूषण पर शिकंजा कसा है। बोर्ड ने 45 फैक्ट्रियों को नोटिस जारी किए हैं। इन नोटिस में एयर पॉल्यूशन कंट्रोल डिवाइस (एपीसीडी) की जानकारी मांगी गई है।
ये नोटिस वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग के निर्देश पर जारी हुए हैं। फैक्ट्रियों को 30 सितंबर तक निर्धारित मानकों के अनुरूप एपीसीडी लगाने के निर्देश दिए गए हैं। 1 अक्तूबर से नए उत्सर्जन मानकों को सख्ती से लागू किया जाएगा। यदि एपीसीडी पहले से लगी है, तो उसकी सटीकता रिपोर्ट नोटिस के माध्यम से तलब की गई है।
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उद्योग संचालकों से यह भी स्पष्ट करने को कहा गया है कि उनकी फैक्टरी में मानकों के अनुसार एपीसीडी लगी है या नहीं। यदि एपीसीडी लगी है, तो उसकी क्षमता और कार्यप्रणाली की जानकारी देनी होगी। विभाग का उद्देश्य उद्योगों से निकलने वाले धूल कण और अन्य प्रदूषक तत्वों को नियंत्रित करना है।
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आयोग के संशोधित आदेश के अनुसार एनसीआर के उद्योगों पर नए नियम लागू होंगे। 17 श्रेणियों के अत्यधिक प्रदूषणकारी उद्योगों को इसमें शामिल किया गया है। रेड श्रेणी के मध्यम एवं बड़े उद्योगों, खाद्य प्रसंस्करण, कपड़ा और धातु उद्योगों के लिए भी नियम हैं। पार्टिकुलेट मैटर उत्सर्जन की अधिकतम सीमा 50 मिलीग्राम प्रति घन मीटर निर्धारित की गई है। इन उद्योगों के लिए एपीसीडी के साथ ऑनलाइन उत्सर्जन निगरानी प्रणाली स्थापित करना भी अनिवार्य है।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के उपमंडलीय अधिकारी अजय बूरा ने बताया कि 30 सितंबर तक आवश्यक उपकरण लगाने का समय है। मानकों का पालन सुनिश्चित करना भी जरूरी है। इसके बाद यदि किसी फैक्टरी से निर्धारित सीमा से अधिक प्रदूषण पाया गया, तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। ऑनलाइन मॉनीटरिंग सिस्टम से इन फैक्ट्रियों के उत्सर्जन पर लगातार नजर रखी जाएगी। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि नियमों का उल्लंघन करने वाली इकाइयों के खिलाफ कोई ढिलाई नहीं बरती जाएगी।