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Jhajjar-Bahadurgarh News: हरियाणा ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर पर ट्रैक निर्माण की तैयारी तेज, स्लीपर खरीद प्रक्रिया शुरू

संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़ Updated Thu, 30 Apr 2026 02:13 AM IST
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Preparations for track construction on Haryana Orbital Rail Corridor in full swing, sleeper procurement process begins
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बहादुरगढ़। हरियाणा ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर(एचओआरसी) परियोजना पर काम अब तेजी पकड़ने लगा है। ट्रैक निर्माण के लिए तैयारी शुरू कर दी गई है। इसके तहत बड़ी संख्या में स्लीपरों के उपयोग की योजना बनाई गई है। इस प्रोजेक्ट के लिए करीब साढ़े 76 हजार स्लीपर लगाए जाएंगे जिससे ट्रैक को मजबूत और टिकाऊ बनाया जा सके। ये स्लीपर चांदला डूंगरवास से मानेसर की तरफ लगाए जाएंगे।
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हरियाणा रेल इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (एचआरआईडीसी) ने स्लीपरों की खरीद के लिए टेंडर जारी कर दिया है। इन स्लीपरों की खरीद पर लगभग 29 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। यह कदम परियोजना को तय समय सीमा में पूरा करने की दिशा में अहम माना जा रहा है। रेल ट्रैक निर्माण में प्रीकास्ट आरसीसी (आरसीसी) स्लीपरों का इस्तेमाल किया जाएगा।
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इंसेट
वर्ष 2029 में पूरा होगा प्रोजेक्ट, 11 हजार 709 करोड़ होगी लागत
कुंडली-मानेसर-पलवल एक्सप्रेस वे (केएमपी) के साथ पलवल से सोनीपत तक बनने वाले रेल प्रोजेक्ट यानी हरियाणा आर्बिटल रेल कॉरिडोर (एचओआरसी) का निर्माण वर्ष 2029 में पूरा होगा। यह पूरा प्रोजेक्ट अब 11 हजार 709 करोड़ की राशि से पूरा होगा। 27 अक्टूबर 2022 को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और हरियाणा के तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल की उपस्थिति में प्रोजेक्ट की आधारशिला रखी गई थी। वर्ष 2027 तक इसे पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था।
इंसेट
पलवल से सोनीपत तक बनने वाले रेल कॉरिडोर की विशेषता
-सोनीपत से पलवल के बीच दौड़ेंगी सेमी हाईस्पीड सब-अर्बन ट्रेन

-सालाना 60 लाख टन माल ढुलाई करने के लिए प्रोजेक्ट किया डिजाइन

-सालाना 40 लाख यात्री सफर कर सकेंगे

-इस रेल मार्ग पर यात्री ट्रेनों के साथ मालगाड़ी भी चलेंगी, जो सीधे गुरुग्राम के क्षेत्र को दिल्ली के बाहर से राज्य की राजधानी चंडीगढ़ से जोड़ेंगी।

-यह मार्ग यात्रा के समय को कम करेगा।

-दिल्ली को बाईपास करते हुए इस रेल मार्ग पर शताब्दी, सुपरफास्ट एक्सप्रेस जैसी ट्रेनें चलेंगी ताकि राज्य के लोगों को तेज, विश्वसनीय, सुरक्षित और आरामदायक यात्रा प्रदान की जा सके।

-इस प्रोजेक्ट से हरियाणा के एनसीआर क्षेत्र में मल्टी माॅडल हब विकसित करने में मदद मिलेगी।

-यह रेल मार्ग राज्य के सभी प्रमुख औद्योगिक शहरों को जोड़ने वाला होगा।

-यह दिल्ली से पलवल और सोनीपत के बीच सीधी रेल कनेक्टिविटी और असावटी (दिल्ली-मथुरा मार्ग पर), पातली (दिल्ली-रेवाड़ी मार्ग पर), आसौदा (दिल्ली-रोहतक मार्ग पर) और हरसाना कलां (दिल्ली-अंबाला मार्ग) को जोड़ने का काम करेगा।

-कुल लंबाई: 126 किलोमीटर

-अधिकतम गति: 160 किलोमीटर प्रति घंटा

-नए स्टेशनों की संख्या: 17

-प्रमुख पुल: 84

-लघु पुल: 360

-सुरंग: 2 सुरंगें, प्रत्येक की लंबाई 4.7 किलोमीटर

-वायाडक्ट (ऊंचा पुल): 3.9 किलोमीटर

-अधिकतम ऊंचाई: 26 मीटर

वर्जन

एचओआरसी प्रोजेक्ट के तहत रेलवे ट्रैक बनाने के लिए प्रीकास्ट स्लीपर लगाने का काम जल्द शुरू होगा। करीब साढ़े 76 हजार स्लीपरों को खरीदने का टेंडर जारी कर दिया है। -नरेश, अधिकारी, एचओआरसी
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