{"_id":"69f1ef4818d81a536f0d2a24","slug":"video-police-school-organized-by-amar-ujala-foundation-2026-04-29","type":"video","status":"publish","title_hn":"झज्जर: अमर उजाला फाउंडेशन की तरफ से कुलदीप सिंह मेमोरियल स्कूल में पुलिस पाठशाला का आयोजन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
झज्जर: अमर उजाला फाउंडेशन की तरफ से कुलदीप सिंह मेमोरियल स्कूल में पुलिस पाठशाला का आयोजन
अमर उजाला फाउंडेशन की तरफ से कुलदीप सिंह मेमोरियल स्कूल में आयोजित पुलिस की पाठशाला में छात्रों ने बेबाकी से एसीपी सुरेंद्र कुमार ने ट्रैफिक और साइबर फ्रॉड को लेकर अपने सवाल रखे, जिनका एसीपी ने जवाब दिया।
छात्राओं ने सवाल किया कि सर, जब चंडीगढ़ और दिल्ली में जाते ही सभी लोग यातायात नियमों का पालन करने लग जाते हैं तो यहां ऐसा क्यों नहीं होता। लोग नियमों का पालन करेंगे तो हादसे कम होंगे। इस पर एसीपी सुरेंद्र ने कहा कि सभी लाेगों के लिए हर जगह नियम बराबर होते हैं। यहां भी पुलिस यातायात नियमों का पालन नहीं करने वालों पर सख्ती कर रही है और चालान भी किए जा रहे हैं। स्कूल, कॉलेजों व आम जनता के बीच उनको जागरूक भी किया जा रहा है। फिर भी यदि कोई नहीं मानता है तो उसका चालान किया जाता है। कुछ छात्राओं ने पूछा कि साइबर फ्रॉड हो जाए तो किससे संपर्क किया जाए। इस पर एसीपी सुरेंद्र ने बताया कि पुलिस को शिकायत की जाए। 1930 नंबर पर अपनी शिकायत दर्ज करवाई जा सकती है। जितनी जल्दी शिकायत दर्ज होगी, उतना पैसा वापस मिलने के चांस ज्यादा हो जाते हैं। जिन खातों में राशि जाती है, उनको होल्ड करवा दिया जाता है।
इसलिए आपके पास भी यदि कोई बैंक केवाईसी के नाम पर ओटीपी मांगता है तो उसे नहीं देना है। साइबर फ्राॅड से केवल जागरूकता से ही बचा जा सकता है। आजकल डिजिटल अरेस्ट के केस ज्यादा आ रहे हैं। सीबीआई या अन्य पुलिस अधिकारी बनकर आपके जानकार की गिरफ्तारी या कोई अवैध पार्सल आने के नाम पर आपसे डिजिटल अरेस्ट कर पैसा मांगा जाता है, ऐसा कुछ नहीं होता। आपको उनकी बातों में नहीं आना है और कोई राशि नहीं देनी। एसीपी ने कहा कि आजकल नशे का प्रचलन बढ़ गया है। कुछ युवा शौक में नशा करते हैं, लेकिन यह शौक उनको अपराध की दुनिया तक ले जाता है। पहले शौक में नशा करते हैं, लेकिन जब पैसा नहीं मिलता तो वह चोरी या अन्य अपराध कर बैठते हैं, जिससे उनकी पूरी जिंदगी खराब हो जाती है। इसलिए नशे को ना कहना है। इस अवसर पर स्कूल की तरफ से स्कूल संचालिका बाला धनखड़, निर्देशिका कोमल सांगवान, प्रिंसिपल कविता मौजूद रहे।
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
अमर उजाला प्रीमियम वीडियो सिर्फ सब्सक्राइबर्स के लिए उपलब्ध है
प्रीमियम वीडियो
सभी विशेष आलेख
फ्री इ-पेपर
सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।