जयपुर में मंगलवार शाम आयोजित भाजपा के मशाल जुलूस कार्यक्रम में उस समय असहज स्थिति बन गई, जब प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ महिला नेताओं और कार्यकर्ताओं पर नाराज हो गए। यह कार्यक्रम अमर जवान ज्योति पर विपक्ष के विरोध में आयोजित किया गया था, जहां नारी शक्ति वंदन संशोधन अधिनियम को लेकर प्रदर्शन किया जा रहा था।
व्यवस्था देख नाराज हुए राठौड़
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और प्रदेशाध्यक्ष दोनों को शामिल होना था, लेकिन मुख्यमंत्री कार्यक्रम में नहीं पहुंचे। वहीं, मदन राठौड़ मौके पर पहुंचे, लेकिन व्यवस्था देखकर नाराज हो गए।
मशाल जुलूस में सुरक्षा दूरी नहीं,
दरअसल, कार्यक्रम में महिला नेता और कार्यकर्ता हाथों में मशाल लिए खड़ी थीं, लेकिन उनके बीच आवश्यक सुरक्षा दूरी नहीं रखी गई थी। मशाल जैसे संवेदनशील आयोजन में यह लापरवाही देख राठौड़ भड़क गए। उन्होंने महिला कार्यकर्ताओं को सख्त लहजे में निर्देश दिया कि वे एक-दूसरे से कम से कम 10 फीट की दूरी बनाकर रखें, ताकि किसी भी प्रकार की दुर्घटना से बचा जा सके।
महिला नेताओं में समन्वय की कमी आई सामने
सबसे आगे खड़ी महिला मोर्चा की अध्यक्ष राखी राठौड़ और पूर्व महिला आयोग अध्यक्ष सुमन शर्मा ने दूरी बनाने की कोशिश भी की, लेकिन पीछे खड़ी अन्य कार्यकर्ताओं में समन्वय की कमी नजर आई। इसी दौरान निमिषा गौड़ सहित कई कार्यकर्ता निर्देश समझ नहीं पाईं, जिससे स्थिति और बिगड़ गई।
कैमरों के सामने भी जताई नाराजगी
राठौड़ ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा, “समझती नहीं हैं, मानती नहीं हैं, दूर रहो।” उन्होंने कैमरों की मौजूदगी की परवाह किए बिना सुरक्षा को प्राथमिकता बताते हुए कहा कि अगर आग लग जाए तो क्या होगा। इस दौरान पास में खड़े भूपेंद्र सैनी ने उन्हें कैमरे चालू होने की जानकारी दी, लेकिन राठौड़ ने साफ कहा कि सुरक्षा ज्यादा जरूरी है।
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नाराज होकर कार्यक्रम छोड़कर चले गए
काफी देर तक समझाने के बावजूद व्यवस्था सही नहीं बन पाई, जिससे नाराज होकर राठौड़ कार्यक्रम स्थल से निकल गए। इस दौरान भाजपा शहर अध्यक्ष अमित गोयल ने उन्हें रोकने की कोशिश की और पांच मिनट का समय मांगा, लेकिन राठौड़ ने असंतोष जताते हुए कार्यक्रम छोड़ दिया।