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Jhajjar-Bahadurgarh News: ग्रामीणों को टीबी रोग के प्रति किया जागरूक
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
Updated Mon, 12 Jan 2026 01:30 AM IST
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बादली। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की ओर से स्वास्थ्य कर्मियों ने जागरूकता अभियान के तहत ग्रामीणों को टीबी से बचाव के बारे में जागरूक किया गया। इसके साथ मच्छर जनित बीमारियों से बचाव के बारे में व स्वास्थ्य विभाग द्वारा दी जा रही सेवाओं के बारे में जानकारी दी।
टीबी व मच्छर जनित बीमारियों की जानकारी से संबंधित 1500 पंपलेट भी बांटे गए। बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कर्मचारी मुकेश कुमार, दीवान और सुरेंद्र कुमार ने बताया कि टीबी बीमारी किसी भी आयु वर्ग को हो सकती है जो कि संक्रामक रोग है।
कीटाणु मुख्य रूप से फेफड़ों को प्रभावित करता है, जिसके कारण फेफड़ों की टीबी होती है। कभी-कभी यह शरीर के अन्य अंगों को भी प्रभावित करती है। टीबी के संभावित मरीजों में मुख्य तौर पर दो सप्ताह से ज्यादा लगातार खांसी रहना है।
शाम के समय बुखार रहना, छाती में दर्द रहना, भूख न लगना, बलगम में खून आना और लगातार वजन कम होना होता है। अगर इस तरह के लक्षण दिखाई दें तो तुरंत अपने बलगम की जांच करवानी चाहिए। स्वास्थ्य विभाग द्वारा जांच व इलाज बिल्कुल मुफ्त दिया जाता है।
स्वास्थ्य कर्मचारियों ने बताया कि टीबी के मरीज को इलाज की पूरी अवधि के दौरान पौष्टिक आहार और भत्ता भी दिया जाता है। टीबी से ग्रसित मरीज को चाहिए कि अपने खानपान का विशेष ध्यान रखें।
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टीबी व मच्छर जनित बीमारियों की जानकारी से संबंधित 1500 पंपलेट भी बांटे गए। बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कर्मचारी मुकेश कुमार, दीवान और सुरेंद्र कुमार ने बताया कि टीबी बीमारी किसी भी आयु वर्ग को हो सकती है जो कि संक्रामक रोग है।
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कीटाणु मुख्य रूप से फेफड़ों को प्रभावित करता है, जिसके कारण फेफड़ों की टीबी होती है। कभी-कभी यह शरीर के अन्य अंगों को भी प्रभावित करती है। टीबी के संभावित मरीजों में मुख्य तौर पर दो सप्ताह से ज्यादा लगातार खांसी रहना है।
शाम के समय बुखार रहना, छाती में दर्द रहना, भूख न लगना, बलगम में खून आना और लगातार वजन कम होना होता है। अगर इस तरह के लक्षण दिखाई दें तो तुरंत अपने बलगम की जांच करवानी चाहिए। स्वास्थ्य विभाग द्वारा जांच व इलाज बिल्कुल मुफ्त दिया जाता है।
स्वास्थ्य कर्मचारियों ने बताया कि टीबी के मरीज को इलाज की पूरी अवधि के दौरान पौष्टिक आहार और भत्ता भी दिया जाता है। टीबी से ग्रसित मरीज को चाहिए कि अपने खानपान का विशेष ध्यान रखें।