{"_id":"6a345ec02fa5f465f10071cd","slug":"bail-granted-to-accused-in-fraud-case-jind-news-c-17-roh1020-874620-2026-06-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jind News: ठगी के आरोपी की जमानत मंजूर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jind News: ठगी के आरोपी की जमानत मंजूर
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Fri, 19 Jun 2026 02:40 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
रोहतक। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश डॉ. भूपेंद्र कुमार की अदालत ने सोमवार को साइबर ठगी के आरोपी यूपी के मुजफ्फरनगर निवासी मनीष कुमार की जमानत याचिका मंजूर कर ली है। आरोपी पर घर बैठे कमाई का झांसा देकर 3.56 लाख रुपये की ठगी करने का आरोप है। आरोपी 12 मार्च 2026 से न्यायिक हिरासत में था।
शिकायतकर्ता मॉडल टाउन निवासी सिया को नवंबर 2025 में व्हाट्सएप पर घर बैठे पैसे कमाने को कहा। शुरुआत में छोटे-छोटे निवेश पर मुनाफा देकर विश्वास जीतने के बाद उन्हें टेलीग्राम के एक वीआईपी ग्रुप में शामिल किया गया।
वहां अधिक लाभ का लालच देकर उससे कुल 3.56 लाख रुपये विभिन्न खातों में जमा करवाए गए। बाद में रकम वापस नहीं मिली। बचाव पक्ष ने दलील दी कि आरोपी लंबे समय से हिरासत में है इसलिए जमानत याचिका मंजूर की जाए। अभियोजन पक्ष ने जमानत देने का विरोध किया। अदालत ने दोनों पक्षों की दलील सुनते हुए एक लाख रुपये के बांड पर जमानत मंजूर कर ली। संवाद
विज्ञापन
रोहतक। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश डॉ. भूपेंद्र कुमार की अदालत ने सोमवार को साइबर ठगी के आरोपी यूपी के मुजफ्फरनगर निवासी मनीष कुमार की जमानत याचिका मंजूर कर ली है। आरोपी पर घर बैठे कमाई का झांसा देकर 3.56 लाख रुपये की ठगी करने का आरोप है। आरोपी 12 मार्च 2026 से न्यायिक हिरासत में था।
शिकायतकर्ता मॉडल टाउन निवासी सिया को नवंबर 2025 में व्हाट्सएप पर घर बैठे पैसे कमाने को कहा। शुरुआत में छोटे-छोटे निवेश पर मुनाफा देकर विश्वास जीतने के बाद उन्हें टेलीग्राम के एक वीआईपी ग्रुप में शामिल किया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन
वहां अधिक लाभ का लालच देकर उससे कुल 3.56 लाख रुपये विभिन्न खातों में जमा करवाए गए। बाद में रकम वापस नहीं मिली। बचाव पक्ष ने दलील दी कि आरोपी लंबे समय से हिरासत में है इसलिए जमानत याचिका मंजूर की जाए। अभियोजन पक्ष ने जमानत देने का विरोध किया। अदालत ने दोनों पक्षों की दलील सुनते हुए एक लाख रुपये के बांड पर जमानत मंजूर कर ली। संवाद