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Jind News: बेटी बचाओ अभियान से बदली करसोला की तस्वीर, बढ़ा लिंगानुपात
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9 जुलाना 01: करसोला गांव में महिलाओं को जागरूक करते स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी।
- फोटो : Samvad
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जुलाना। बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान के प्रति बढ़ी जागरूकता और स्वास्थ्य विभाग की पहल ने गांव करसोला की तस्वीर बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। ग्रामीणों ने स्वच्छता, पोषण, टीकाकरण और नियमित स्वास्थ्य जांच को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बना लिया है जिससे लोगों के स्वास्थ्य स्तर में सुधार हुआ है।
गांव में समय-समय पर स्वास्थ्य शिविरों, रक्तदान शिविरों और जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, आशा वर्करों और स्वास्थ्य विभाग की टीमों द्वारा लोगों को विभिन्न बीमारियों की रोकथाम और स्वास्थ्य संबंधी सावधानियों के बारे में जानकारी दी जाती है।
ग्रामीणों में स्वास्थ्य के प्रति सजगता बढ़ी है। महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। गर्भवतियों की नियमित जांच, बच्चों का टीकाकरण और पोषण कार्यक्रमों का लाभ लोगों तक पहुंच रहा है।
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गांव के युवा भी नशा मुक्ति, स्वच्छता और फिटनेस अभियानों में सक्रिय भागीदारी निभा रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ने से बीमारियों में कमी आई है और लोगों का जीवन स्तर बेहतर हुआ है। सामूहिक प्रयासों से गांव स्वास्थ्य के क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव का उदाहरण बन रहा है।
दो साल में बढ़ा लिंगानुपात
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, दो साल पहले लिंगानुपात 725 था, वहीं महिलाओं में बढ़ी जागरूकता और स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों के प्रयासों से अब यह बढ़कर 941 हो गया है।
महिलाएं किसी भी क्षेत्र में पुरुषों से पीछे नहीं
वर्जन
आज के युग में महिलाएं किसी भी क्षेत्र में पुरुषों से पीछे नहीं हैं। स्वास्थ्य विभाग की ओर से जागरूकता अभियानों से समाज में जागरुकता आई है। बेटियां शिक्षा, खेल और सेना जैसी नौकरी कर अपने माता पिता का नाम रोशन कर रही हैं।
- शांति देवी, ग्रामीण।
बाक्स
ग्रामीणों को स्वास्थ्य और स्वच्छता के प्रति लगातार जागरूक किया जा रहा है। लोगों में पहले की तुलना में स्वास्थ्य संबंधी जानकारी और जागरूकता काफी बढ़ी है।
-सलोचना देवी, आशा वर्कर
बाक्स
नियमित स्वास्थ्य जांच, टीकाकरण और जागरूकता कार्यक्रमों का सकारात्मक प्रभाव देखने को मिल रहा है। लोग अब छोटी-बड़ी स्वास्थ्य समस्याओं को लेकर भी सजग हुए हैं। लिंगानुपात में सुधार हो रहा है। महिलाएं बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान से जागरूक हुई हैं। -कोमल आशा वर्कर
बाक्स
गांव में रक्तदान शिविर, स्वच्छता अभियान और स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से युवाओं को समाज सेवा से जोड़ा जा रहा है। इससे लोगों में स्वास्थ्य के प्रति सकारात्मक सोच विकसित हुई है।युवा रक्तदान शिविरों में बढ़ चढ़ कर भाग ले रहे हैं।- उर्मिला देवी, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता
बाक्स
पहले स्वास्थ्य संबंधी जानकारी का अभाव था लेकिन अब लोग नियमित जांच करवाने और साफ-सफाई का ध्यान रखने लगे हैं। इसका लाभ पूरे गांव को मिल रहा है। - एडवोकेट रेनू लाठर।
बाक्स
स्वास्थ्य विभाग की टीम ग्राम पंचायत और ग्रामीणों की सहायता से लगातार अभियान चलाए हुए है। गांव में लिंगानुपात में काफी सुधार हुआ है। अन्य गांव में भी ग्रामीणों को इसी तरह काम करते हुए लिंगानुपात के क्षेत्र में काम करना चाहिए।
- संजीव शर्मा, एसएमओ जुलाना।
9 जुलाना 01: करसोला गांव में महिलाओं को जागरूक करते स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी।
9 जुलाना 02: शांति देवी
9 जुलाना 03: सलोचना देवी
9 जुलाना 04: कोमल।
9 जुलाना 05: उर्मिला देवी।
9 जुलाना 06: रेनू लाठर।
गांव में समय-समय पर स्वास्थ्य शिविरों, रक्तदान शिविरों और जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, आशा वर्करों और स्वास्थ्य विभाग की टीमों द्वारा लोगों को विभिन्न बीमारियों की रोकथाम और स्वास्थ्य संबंधी सावधानियों के बारे में जानकारी दी जाती है।
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ग्रामीणों में स्वास्थ्य के प्रति सजगता बढ़ी है। महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। गर्भवतियों की नियमित जांच, बच्चों का टीकाकरण और पोषण कार्यक्रमों का लाभ लोगों तक पहुंच रहा है।
गांव के युवा भी नशा मुक्ति, स्वच्छता और फिटनेस अभियानों में सक्रिय भागीदारी निभा रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ने से बीमारियों में कमी आई है और लोगों का जीवन स्तर बेहतर हुआ है। सामूहिक प्रयासों से गांव स्वास्थ्य के क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव का उदाहरण बन रहा है।
दो साल में बढ़ा लिंगानुपात
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, दो साल पहले लिंगानुपात 725 था, वहीं महिलाओं में बढ़ी जागरूकता और स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों के प्रयासों से अब यह बढ़कर 941 हो गया है।
महिलाएं किसी भी क्षेत्र में पुरुषों से पीछे नहीं
वर्जन
आज के युग में महिलाएं किसी भी क्षेत्र में पुरुषों से पीछे नहीं हैं। स्वास्थ्य विभाग की ओर से जागरूकता अभियानों से समाज में जागरुकता आई है। बेटियां शिक्षा, खेल और सेना जैसी नौकरी कर अपने माता पिता का नाम रोशन कर रही हैं।
- शांति देवी, ग्रामीण।
बाक्स
ग्रामीणों को स्वास्थ्य और स्वच्छता के प्रति लगातार जागरूक किया जा रहा है। लोगों में पहले की तुलना में स्वास्थ्य संबंधी जानकारी और जागरूकता काफी बढ़ी है।
-सलोचना देवी, आशा वर्कर
बाक्स
नियमित स्वास्थ्य जांच, टीकाकरण और जागरूकता कार्यक्रमों का सकारात्मक प्रभाव देखने को मिल रहा है। लोग अब छोटी-बड़ी स्वास्थ्य समस्याओं को लेकर भी सजग हुए हैं। लिंगानुपात में सुधार हो रहा है। महिलाएं बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान से जागरूक हुई हैं। -कोमल आशा वर्कर
बाक्स
गांव में रक्तदान शिविर, स्वच्छता अभियान और स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से युवाओं को समाज सेवा से जोड़ा जा रहा है। इससे लोगों में स्वास्थ्य के प्रति सकारात्मक सोच विकसित हुई है।युवा रक्तदान शिविरों में बढ़ चढ़ कर भाग ले रहे हैं।- उर्मिला देवी, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता
बाक्स
पहले स्वास्थ्य संबंधी जानकारी का अभाव था लेकिन अब लोग नियमित जांच करवाने और साफ-सफाई का ध्यान रखने लगे हैं। इसका लाभ पूरे गांव को मिल रहा है। - एडवोकेट रेनू लाठर।
बाक्स
स्वास्थ्य विभाग की टीम ग्राम पंचायत और ग्रामीणों की सहायता से लगातार अभियान चलाए हुए है। गांव में लिंगानुपात में काफी सुधार हुआ है। अन्य गांव में भी ग्रामीणों को इसी तरह काम करते हुए लिंगानुपात के क्षेत्र में काम करना चाहिए।
- संजीव शर्मा, एसएमओ जुलाना।
9 जुलाना 01: करसोला गांव में महिलाओं को जागरूक करते स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी।
9 जुलाना 02: शांति देवी
9 जुलाना 03: सलोचना देवी
9 जुलाना 04: कोमल।
9 जुलाना 05: उर्मिला देवी।
9 जुलाना 06: रेनू लाठर।

9 जुलाना 01: करसोला गांव में महिलाओं को जागरूक करते स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी।- फोटो : Samvad

9 जुलाना 01: करसोला गांव में महिलाओं को जागरूक करते स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी।- फोटो : Samvad

9 जुलाना 01: करसोला गांव में महिलाओं को जागरूक करते स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी।- फोटो : Samvad

9 जुलाना 01: करसोला गांव में महिलाओं को जागरूक करते स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी।- फोटो : Samvad

9 जुलाना 01: करसोला गांव में महिलाओं को जागरूक करते स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी।- फोटो : Samvad