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रेणु भाटिया सार्वजनिक रूप से माफी मांगें : नर्सिंग स्टाफ
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09जेएनडी16-रेणु भाटिया के खिलाफ पोस्टर लेकर प्रदर्शन करते हुए नर्सिग ऑफिसर। स्रोत कर्मचारी
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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उचाना। महिला आयोग की चेयरपर्सन रेणु भाटिया के बयान को लेकर प्रदेशभर की नर्सों में रोष है। कुरुक्षेत्र के लोकनायक जयप्रकाश (एलएनजेपी) सिविल अस्पताल में 15 वर्षीय लड़की से यौन उत्पीड़न के मामले में दिए गए बयान के विरोध में मंगलवार को नागरिक अस्पताल में नर्सिंग अधिकारियों ने पेन डाउन हड़ताल की।
नर्सिंग अधिकारियों ने रेणु भाटिया से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की है। इस दौरान डिप्टी सिविल सर्जन, एसएमओ उचाना को ज्ञापन दिया गया। आरोप है कि महिला आयोग की चेयरपर्सन की नर्सिंग अधिकारियों और स्टाफ को लेकर की गई टिप्पणी आपत्तिजनक और अपमानजनक है।
उन्होंने तर्क दिया कि अस्पताल में एक सीनियर नर्सिंग अधिकारी के पास कई जिम्मेदारियां होती हैं और हर स्थान पर हर समय मौजूद रहना संभव नहीं होता। ऐसे में नर्सिंग कैडर को कटघरे में खड़ा करना अनुचित है।
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यौन उत्पीड़न की घटना दुखद है और पूरा नर्सिंग समुदाय पीड़ित बच्ची के साथ खड़ा है। नर्सिंग स्टाफ 24 घंटे मरीजों की सेवा करता है और उनका दर्द सबसे अधिक महसूस करता है।
एसएनओ शकुंतला ने कहा कि महिला आयोग की चेयरपर्सन ने जो नर्सिंग अधिकारियों के बारे में शब्द इस्तेमाल किए, उसके खिलाफ दो घंटे पेन डाउन स्ट्राइक की गई। एसोसिएशन आगे की कार्यवाही के लिए फैसला लेगी।
नर्सिंग ऑफिसर सुमन ने कहा कि जो बयान दिया गया वह शर्मनाक है। खुद महिला होते हुए इस तरह का बयान देना स्वीकार्य नहीं है। इस मौके पर निशा, सुमन श्योकंद, रेणु, अंजू, सोनिया, सारिकी और पूनम भी मौजूद थीं।
नर्सिंग अधिकारियों ने रेणु भाटिया से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की है। इस दौरान डिप्टी सिविल सर्जन, एसएमओ उचाना को ज्ञापन दिया गया। आरोप है कि महिला आयोग की चेयरपर्सन की नर्सिंग अधिकारियों और स्टाफ को लेकर की गई टिप्पणी आपत्तिजनक और अपमानजनक है।
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उन्होंने तर्क दिया कि अस्पताल में एक सीनियर नर्सिंग अधिकारी के पास कई जिम्मेदारियां होती हैं और हर स्थान पर हर समय मौजूद रहना संभव नहीं होता। ऐसे में नर्सिंग कैडर को कटघरे में खड़ा करना अनुचित है।
यौन उत्पीड़न की घटना दुखद है और पूरा नर्सिंग समुदाय पीड़ित बच्ची के साथ खड़ा है। नर्सिंग स्टाफ 24 घंटे मरीजों की सेवा करता है और उनका दर्द सबसे अधिक महसूस करता है।
एसएनओ शकुंतला ने कहा कि महिला आयोग की चेयरपर्सन ने जो नर्सिंग अधिकारियों के बारे में शब्द इस्तेमाल किए, उसके खिलाफ दो घंटे पेन डाउन स्ट्राइक की गई। एसोसिएशन आगे की कार्यवाही के लिए फैसला लेगी।
नर्सिंग ऑफिसर सुमन ने कहा कि जो बयान दिया गया वह शर्मनाक है। खुद महिला होते हुए इस तरह का बयान देना स्वीकार्य नहीं है। इस मौके पर निशा, सुमन श्योकंद, रेणु, अंजू, सोनिया, सारिकी और पूनम भी मौजूद थीं।