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Jind News: दालमवाला की मुख्य गली बनी तालाब, पीएम की रैली में जा रही बस फंसी
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17जेएनडी42- कीचड़ में फंसी इलेक्टि्रक बस को ट्रैक्टर से निकालते हुए। संवाद
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कंडेला। गांव दालमवाला में विकास के दावों के बीच मूलभूत सुविधाओं की स्थिति ग्रामीणों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है। गांव की मुख्य गली में लंबे समय से जलभराव है। गली में घुटनों तक जमा गंदे पानी और कीचड़ के कारण लोगों को आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि जलभराव के कारण बदबू फैल रही है और मच्छर-मक्खियों का प्रकोप बढ़ गया है। इससे बीमारियां फैलने की आशंका बनी हुई है।
ग्रामीण सतीश रेढू ने बताया कि जलभराव का सबसे अधिक असर स्कूली बच्चों पर पड़ रहा है। बच्चों को रोजाना इसी गंदे पानी और कीचड़ से होकर स्कूल जाना पड़ता है। कई बार बच्चे फिसलकर गिर जाते हैं जिससे उन्हें चोट लगने के साथ कपड़े भी खराब हो जाते हैं। उन्होंने बताया कि कई लोगों को मजबूरी में लंबा रास्ता तय करना पड़ता है।
प्रधानमंत्री की जनसभा में जा रही बस फंसी
प्रधानमंत्री की जनसभा में शुक्रवार को ग्रामीणों को लेकर पहुंची एक सरकारी इलेक्ट्रिक बस भी इसी गली से गुजरते समय कीचड़ में फंस गई। बस एक तरफ झुक गई जिसके बाद उसे निकालने के लिए दो ट्रैक्टर बुलाने पड़े। ग्रामीणों ने रस्से की मदद से काफी मशक्कत के बाद बस को बाहर निकाला। इस दौरान काफी देर तक रास्ता भी बाधित रहा।
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वर्जन
पानी की स्थायी निकासी के लिए पर्याप्त जमीन उपलब्ध नहीं है। इसी कारण करीब 15 दिन के अंतराल पर टैंकरों के माध्यम से पानी निकलवाया जाता है। उन्होंने कहा कि समस्या के स्थायी समाधान के लिए प्रशासन के सहयोग की आवश्यकता है।
रमेश, सरपंच
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ग्रामीणों का कहना है कि जलभराव के कारण बदबू फैल रही है और मच्छर-मक्खियों का प्रकोप बढ़ गया है। इससे बीमारियां फैलने की आशंका बनी हुई है।
ग्रामीण सतीश रेढू ने बताया कि जलभराव का सबसे अधिक असर स्कूली बच्चों पर पड़ रहा है। बच्चों को रोजाना इसी गंदे पानी और कीचड़ से होकर स्कूल जाना पड़ता है। कई बार बच्चे फिसलकर गिर जाते हैं जिससे उन्हें चोट लगने के साथ कपड़े भी खराब हो जाते हैं। उन्होंने बताया कि कई लोगों को मजबूरी में लंबा रास्ता तय करना पड़ता है।
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प्रधानमंत्री की जनसभा में जा रही बस फंसी
प्रधानमंत्री की जनसभा में शुक्रवार को ग्रामीणों को लेकर पहुंची एक सरकारी इलेक्ट्रिक बस भी इसी गली से गुजरते समय कीचड़ में फंस गई। बस एक तरफ झुक गई जिसके बाद उसे निकालने के लिए दो ट्रैक्टर बुलाने पड़े। ग्रामीणों ने रस्से की मदद से काफी मशक्कत के बाद बस को बाहर निकाला। इस दौरान काफी देर तक रास्ता भी बाधित रहा।
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पानी की स्थायी निकासी के लिए पर्याप्त जमीन उपलब्ध नहीं है। इसी कारण करीब 15 दिन के अंतराल पर टैंकरों के माध्यम से पानी निकलवाया जाता है। उन्होंने कहा कि समस्या के स्थायी समाधान के लिए प्रशासन के सहयोग की आवश्यकता है।
रमेश, सरपंच