{"_id":"6a54d4d37ef952807b063123","slug":"demand-for-the-implementation-of-the-womens-reservation-act-2023-jind-news-c-199-1-sroh1009-156669-2026-07-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jind News: महिला आरक्षण अधिनियम-2023 को लागू करने की मांग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jind News: महिला आरक्षण अधिनियम-2023 को लागू करने की मांग
Mon, 13 Jul 2026 05:36 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Mon, 13 Jul 2026 05:36 PM IST
विज्ञापन
13जेएनडी12: इनेलो के जिला प्रधान बिजेंद्र रेढू को ज्ञापन सौंपते हुए संगठन के सदस्य। स्रोत: संगठ
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
संवाद न्यूज एजेंसी
जींद। अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति ने महिला आरक्षण अधिनियम-2023 को जनगणना और परिसीमन की शर्तों से अलग कर लागू करने की मांग उठाई है। इस संबंध में समिति के प्रतिनिधिमंडल ने विपक्षी दलों के नेताओं को ज्ञापन सौंपा।
संसद और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए एक-तिहाई आरक्षण सुनिश्चित किया जाए। महिला आरक्षण कानून को बिना किसी और देरी के लागू किया जाए। समिति का कहना है कि महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी बढ़ाने के लिए इसे जनगणना और परिसीमन से जोड़ना उचित नहीं है।
प्रतिनिधिमंडल ने सीपीआई(एम) के जिला सचिव कपूर सिंह, इनेलो के जिला प्रधान बिजेंद्र रेढ़ू तथा कांग्रेस की जुलाना विधायक विनेश फोगाट के प्रतिनिधि दलबीर फौजी को ज्ञापन सौंपा। नेताओं से अपील की गई कि वे इस मुद्दे को विधानसभा और संसद में प्रभावी ढंग से उठाएं। इस दौरान जिला सचिव कोशिगन और सदस्य नीलम ने कहा कि महिलाओं के संवैधानिक अधिकारों और समान राजनीतिक प्रतिनिधित्व के लिए जनजागरण अभियान लगातार जारी रहेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
जींद। अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति ने महिला आरक्षण अधिनियम-2023 को जनगणना और परिसीमन की शर्तों से अलग कर लागू करने की मांग उठाई है। इस संबंध में समिति के प्रतिनिधिमंडल ने विपक्षी दलों के नेताओं को ज्ञापन सौंपा।
संसद और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए एक-तिहाई आरक्षण सुनिश्चित किया जाए। महिला आरक्षण कानून को बिना किसी और देरी के लागू किया जाए। समिति का कहना है कि महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी बढ़ाने के लिए इसे जनगणना और परिसीमन से जोड़ना उचित नहीं है।
विज्ञापन
प्रतिनिधिमंडल ने सीपीआई(एम) के जिला सचिव कपूर सिंह, इनेलो के जिला प्रधान बिजेंद्र रेढ़ू तथा कांग्रेस की जुलाना विधायक विनेश फोगाट के प्रतिनिधि दलबीर फौजी को ज्ञापन सौंपा। नेताओं से अपील की गई कि वे इस मुद्दे को विधानसभा और संसद में प्रभावी ढंग से उठाएं। इस दौरान जिला सचिव कोशिगन और सदस्य नीलम ने कहा कि महिलाओं के संवैधानिक अधिकारों और समान राजनीतिक प्रतिनिधित्व के लिए जनजागरण अभियान लगातार जारी रहेगा।
विज्ञापन