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Jind News: 42 करोड़ खर्च, पर हालात जस के तस...सिर पर लटकते तारों के साये में जी रहे शहरवासी
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19जेएनडी22-शहर के पंजाबी बाजार में लटक रहे बिजली के तार। संवाद
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जींद। शहर में बिजली ढांचे के सुधार पर 42 करोड़ रुपये खर्च किए जाने के दावे के बीच हकीकत कुछ और ही नजर आ रही है। सड़कों और गलियों में अब भी बिजली के तार लटक रहे हैं। हर वक्त हादसे का खतरा बना हुआ है।
इस स्थिति पर नाराजगी जताते हुए डिप्टी स्पीकर डॉ. कृष्ण मिड्ढा ने बिजली निगम अधिकारियों से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। उन्होंने कहा कि करोड़ों रुपये खर्र्च होने के बाद भी शहर में अब भी जगह-जगह बिजली के लटके तार क्यों दिखाई दे रहे हैं।
डिप्टी स्पीकर डॉ. कृष्ण मिड्ढा ने 17 अप्रैल को लघु सचिवालय में आयोजित समीक्षा बैठक में बिजली निगम के अधिकारियों को निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से पूछा कि 42 करोड़ रुपये आखिर किन कार्यों पर खर्च किए गए और उसका जमीनी स्तर पर क्या परिणाम निकला है।
इस पर निगम एक्सईएन विकास मलिक ने बताया कि शहर में खुले तारों को हटाकर उनकी जगह मोटी केबल बिछाई गई है। कई क्षेत्रों में पुराने तारों को बदलकर नई तकनीक के तहत केबल डाली गई है जिससे बिजली आपूर्ति अधिक सुरक्षित और सुचारु हो सके।
हालांकि, उन्होंने यह भी माना कि कुछ क्षेत्रों में अभी काम अधूरा है या पुराने तार अब भी मौजूद हैं जिन्हें जल्द ही बदला जाएगा। डिप्टी स्पीकर ने इस जवाब पर संतोष नहीं जताया और कहा कि यदि काम पूरा हो चुका है तो उसका प्रभाव स्पष्ट रूप से नजर आना चाहिए।
उन्होंने निर्देश दिए कि पूरे शहर का सर्वे कराकर रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए जिसमें यह बताया जाए कि कहां-कहां काम हुआ है और किन क्षेत्रों में अभी सुधार की जरूरत है।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी स्तर पर लापरवाही या अनियमितता पाई जाती है तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। डिप्टी स्पीकर ने साफ किया कि जनता के पैसे का सही उपयोग होना चाहिए और इसमें किसी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अब इस मामले में विभागीय रिपोर्ट देने के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
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शहर के पंजाबी बाजार में अभी भी कई जगह बिजली के तार लटके हुए हैं। हालांकि कई जगह तार बदले भी गए हैं। बिजली निगम को जहां तार नहीं बदले गए हैं वहां तारों को बदलना चाहिए।
-गौरव चुघ, पंजाबी बार
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बिजली के लटके हुए तारों से हादसे होने के खतरा बना हुआ है। मेन बाजार में तार काफी नीचे तक लटके हैं जिससे आने-जाने वाले लोगों को काफी दिक्कत होती है। क्योंकि यहां पर लोगों की भीड़ रहती है। -सुशील, मेन बाजार
340 किमी. एचटी लाइन बिछाने का है लक्ष्य
बिजली निगम ने जिले में करीब 340 किमी. एचटी लाइन बदलने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। पिछले चार महीनों के दौरान 230 किमी. के लगभग लाइन बदली जा चुकी है। यह कार्य अप्रैल महीने तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है ताकि गर्मियों के दौरान बिजली आपूर्ति प्रभावित न हो। निगम की टीमों ने शहर के विभिन क्षेत्रों में एचटी लाइन बदलने का कार्य शुरू किया हुआ है।
वर्जन
शहर में बिजली के तार बदलने के लिए 42 करोड़ रुपये जारी हुए थे लेकिन अब भी कई जगह बिजली के तार नीचे तक लटक रहे हैं। इसको लेकर निगम अधिकारियों से बजट खर्च किए जाने की रिपोर्ट मांगी है। -डॉ. कृष्ण मिड्ढा, डिप्टी स्पीकर, हरियाणा विधानसभा
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इस स्थिति पर नाराजगी जताते हुए डिप्टी स्पीकर डॉ. कृष्ण मिड्ढा ने बिजली निगम अधिकारियों से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। उन्होंने कहा कि करोड़ों रुपये खर्र्च होने के बाद भी शहर में अब भी जगह-जगह बिजली के लटके तार क्यों दिखाई दे रहे हैं।
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डिप्टी स्पीकर डॉ. कृष्ण मिड्ढा ने 17 अप्रैल को लघु सचिवालय में आयोजित समीक्षा बैठक में बिजली निगम के अधिकारियों को निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से पूछा कि 42 करोड़ रुपये आखिर किन कार्यों पर खर्च किए गए और उसका जमीनी स्तर पर क्या परिणाम निकला है।
इस पर निगम एक्सईएन विकास मलिक ने बताया कि शहर में खुले तारों को हटाकर उनकी जगह मोटी केबल बिछाई गई है। कई क्षेत्रों में पुराने तारों को बदलकर नई तकनीक के तहत केबल डाली गई है जिससे बिजली आपूर्ति अधिक सुरक्षित और सुचारु हो सके।
हालांकि, उन्होंने यह भी माना कि कुछ क्षेत्रों में अभी काम अधूरा है या पुराने तार अब भी मौजूद हैं जिन्हें जल्द ही बदला जाएगा। डिप्टी स्पीकर ने इस जवाब पर संतोष नहीं जताया और कहा कि यदि काम पूरा हो चुका है तो उसका प्रभाव स्पष्ट रूप से नजर आना चाहिए।
उन्होंने निर्देश दिए कि पूरे शहर का सर्वे कराकर रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए जिसमें यह बताया जाए कि कहां-कहां काम हुआ है और किन क्षेत्रों में अभी सुधार की जरूरत है।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी स्तर पर लापरवाही या अनियमितता पाई जाती है तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। डिप्टी स्पीकर ने साफ किया कि जनता के पैसे का सही उपयोग होना चाहिए और इसमें किसी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अब इस मामले में विभागीय रिपोर्ट देने के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
शहर के पंजाबी बाजार में अभी भी कई जगह बिजली के तार लटके हुए हैं। हालांकि कई जगह तार बदले भी गए हैं। बिजली निगम को जहां तार नहीं बदले गए हैं वहां तारों को बदलना चाहिए।
-गौरव चुघ, पंजाबी बार
बिजली के लटके हुए तारों से हादसे होने के खतरा बना हुआ है। मेन बाजार में तार काफी नीचे तक लटके हैं जिससे आने-जाने वाले लोगों को काफी दिक्कत होती है। क्योंकि यहां पर लोगों की भीड़ रहती है। -सुशील, मेन बाजार
340 किमी. एचटी लाइन बिछाने का है लक्ष्य
बिजली निगम ने जिले में करीब 340 किमी. एचटी लाइन बदलने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। पिछले चार महीनों के दौरान 230 किमी. के लगभग लाइन बदली जा चुकी है। यह कार्य अप्रैल महीने तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है ताकि गर्मियों के दौरान बिजली आपूर्ति प्रभावित न हो। निगम की टीमों ने शहर के विभिन क्षेत्रों में एचटी लाइन बदलने का कार्य शुरू किया हुआ है।
वर्जन
शहर में बिजली के तार बदलने के लिए 42 करोड़ रुपये जारी हुए थे लेकिन अब भी कई जगह बिजली के तार नीचे तक लटक रहे हैं। इसको लेकर निगम अधिकारियों से बजट खर्च किए जाने की रिपोर्ट मांगी है। -डॉ. कृष्ण मिड्ढा, डिप्टी स्पीकर, हरियाणा विधानसभा
