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Jind News: बिजली निगम कर्मचारियों ने निजीकरण के विरोध में सरकार के खिलाफ नारेबाजी
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फोटो 06जेएनडी21-बिजली निगम प्रांगण में चल रहे धरने पर नारेबाजी करते हुए कर्मी। स्रोत कर्मचारी
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उचाना। बिजली निगम कार्यालय परिसर में कर्मचारियों ने मांगों को लेकर तीन दिवसीय धरना शुरू किया। धरने की अध्यक्षता एसडीओ जोजो तनेजा और नरेश दुर्जनपुर ने संयुक्त रूप से की। कर्मचारियों ने सरकार और बिजली निगम के खिलाफ नारेबाजी कर रोष जताया।
कनिष्ठ अभियंता कृष्ण ने बताया कि कर्मचारियों की मांगों को लेकर तीन दिन तक धरना चलेगा। यदि सरकार ने मांगें नहीं मानीं तो 11 से 13 अगस्त तक प्रस्तावित हड़ताल में बिजली निगम के कर्मचारी और अधिकारी संयुक्त रूप से भाग लेंगे।
आरोप लगाया कि सरकार नूंह और गुरुग्राम में पैरेलल लाइसेंस, एग्रीकल्चर डिस्कॉम तथा स्मार्ट मीटरिंग के निजीकरण जैसे फैसले वापस लेने को तैयार नहीं है। उनका कहना है कि इन योजनाओं के लागू होने से आम उपभोक्ता, विशेषकर किसानों के लिए बिजली महंगी और मुश्किल हो सकती है। उन्होंने बताया कि बुधवार को सरकार और संयुक्त संघर्ष मोर्चा के बीच हुई वार्ता बेनतीजा रही।
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8 अगस्त को सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक फिर धरना दिया जाएगा। इस बार निजीकरण के विरोध में कर्मचारियों के साथ अधिकारी भी आंदोलन में शामिल हो रहे हैं। संयुक्त संघर्ष मोर्चा में बिजली निगम की सभी प्रमुख यूनियनों के कर्मचारी और अधिकारी शामिल हैं। धरने में वीरेंद्र नैन, विकास खटकड़, जसबीर चहल, सुखदेव खरकभूरा, जयबीर पूनिया, जोगिंद्र अलेवा, कुलबीर फौजी, सुभाष शर्मा, मोहित खटकड़, जसबीर श्योकंद, मनोज दुर्जनपुर, रामनिवास बड़ौदा, वेदप्रकाश और सतीश उदयपुर मौजूद रहे।
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कनिष्ठ अभियंता कृष्ण ने बताया कि कर्मचारियों की मांगों को लेकर तीन दिन तक धरना चलेगा। यदि सरकार ने मांगें नहीं मानीं तो 11 से 13 अगस्त तक प्रस्तावित हड़ताल में बिजली निगम के कर्मचारी और अधिकारी संयुक्त रूप से भाग लेंगे।
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आरोप लगाया कि सरकार नूंह और गुरुग्राम में पैरेलल लाइसेंस, एग्रीकल्चर डिस्कॉम तथा स्मार्ट मीटरिंग के निजीकरण जैसे फैसले वापस लेने को तैयार नहीं है। उनका कहना है कि इन योजनाओं के लागू होने से आम उपभोक्ता, विशेषकर किसानों के लिए बिजली महंगी और मुश्किल हो सकती है। उन्होंने बताया कि बुधवार को सरकार और संयुक्त संघर्ष मोर्चा के बीच हुई वार्ता बेनतीजा रही।
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8 अगस्त को सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक फिर धरना दिया जाएगा। इस बार निजीकरण के विरोध में कर्मचारियों के साथ अधिकारी भी आंदोलन में शामिल हो रहे हैं। संयुक्त संघर्ष मोर्चा में बिजली निगम की सभी प्रमुख यूनियनों के कर्मचारी और अधिकारी शामिल हैं। धरने में वीरेंद्र नैन, विकास खटकड़, जसबीर चहल, सुखदेव खरकभूरा, जयबीर पूनिया, जोगिंद्र अलेवा, कुलबीर फौजी, सुभाष शर्मा, मोहित खटकड़, जसबीर श्योकंद, मनोज दुर्जनपुर, रामनिवास बड़ौदा, वेदप्रकाश और सतीश उदयपुर मौजूद रहे।