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किसान आंदोलन को बल प्रयोग से दबाया नहीं जा सकता : बलजीत सिंह
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फोटो 1 नरवाना। धरने पर बैठे किसान। स्रोत किसान।
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नरवाना। संयुक्त किसान मोर्चे की ओर से चल रहा धरना सोमवार को 1581वें दिन भी जारी रहा। धरने का नेतृत्व अखिल भारतीय किसान सभा हरियाणा के राज्य अध्यक्ष मास्टर बलबीर सिंह ने किया, जबकि अध्यक्षता दीवान सिंह खरल ने की। मंच संचालन निहाल सिंह ने किया।
मास्टर बलजीत सिंह मांडवी ने कहा कि सरकार को झुकाने के लिए जनबल जरूरी है। जनता के आंदोलनों को बल प्रयोग से दबाया नहीं जा सकता। बड़े विवादों का समाधान बातचीत और संवाद से ही संभव है। सरकार और आंदोलनकारियों के बीच संवाद की प्रक्रिया लगातार जारी रहनी चाहिए। उन्होंने कहा कि किसान की नस्ल और फसल पर खतरा बढ़ता जा रहा है।
भारत-अमेरिका ट्रेड डील, एग्री डिस्कॉम योजना, स्मार्ट मीटर योजना, श्रम कानूनों की जगह चार संहिताएं लागू करने और मनरेगा में काम के अधिकार से जुड़े प्रस्तावों पर उन्होंने सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि ये नीतियां आम जनता के हित में नहीं हैं। मास्टर बलजीत सिंह ने कहा कि सरकार को जनता के अधिकारों की रक्षा करनी चाहिए।
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किसानों और मजदूरों को अपने अधिकार सुरक्षित रखने के लिए एकजुट होकर संघर्ष को मजबूत करना होगा। धरने में सतबीर फौजी, सतबीर खरक, सतबीर, रामधारी, बलदेव सिंह ढाकल, हवा सिंह, रत्न सिंह, रतना हथो, सेवा सिंह, मांगेराम, इंद्र सिंह, सतपाल, रामकुमार, महेंद्र सिंह, सत्ता बलवान, बलदेव सिंह इस्माइलपुर और बदन सिंह मौजूद रहे।
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मास्टर बलजीत सिंह मांडवी ने कहा कि सरकार को झुकाने के लिए जनबल जरूरी है। जनता के आंदोलनों को बल प्रयोग से दबाया नहीं जा सकता। बड़े विवादों का समाधान बातचीत और संवाद से ही संभव है। सरकार और आंदोलनकारियों के बीच संवाद की प्रक्रिया लगातार जारी रहनी चाहिए। उन्होंने कहा कि किसान की नस्ल और फसल पर खतरा बढ़ता जा रहा है।
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भारत-अमेरिका ट्रेड डील, एग्री डिस्कॉम योजना, स्मार्ट मीटर योजना, श्रम कानूनों की जगह चार संहिताएं लागू करने और मनरेगा में काम के अधिकार से जुड़े प्रस्तावों पर उन्होंने सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि ये नीतियां आम जनता के हित में नहीं हैं। मास्टर बलजीत सिंह ने कहा कि सरकार को जनता के अधिकारों की रक्षा करनी चाहिए।
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किसानों और मजदूरों को अपने अधिकार सुरक्षित रखने के लिए एकजुट होकर संघर्ष को मजबूत करना होगा। धरने में सतबीर फौजी, सतबीर खरक, सतबीर, रामधारी, बलदेव सिंह ढाकल, हवा सिंह, रत्न सिंह, रतना हथो, सेवा सिंह, मांगेराम, इंद्र सिंह, सतपाल, रामकुमार, महेंद्र सिंह, सत्ता बलवान, बलदेव सिंह इस्माइलपुर और बदन सिंह मौजूद रहे।