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Jind News: बोर्ड चमक रहे, बस शेल्टर बदहाल... शाहपुर में विकास के दावों पर सवाल
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कंडेला 31, बदहाली में सुनसान पड़ा गांव में बस क्यू सेल्टर । 03 संवाद
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कंडेला। ग्राम पंचायत शाहपुर में जगह-जगह लगे मेरा गांव, मेरी शान के बड़े-बड़े बोर्ड भले ही विकास और स्वच्छता की तस्वीर पेश कर रहे हों लेकिन शाहपुर का मुख्य बस शेल्टर इन दावों की पोल खोल रहा है। यात्रियों की सुविधा के लिए बनाया गया बस शेल्टर लंबे समय से बदहाल है। यहां बस का इंतजार करना यात्रियों के लिए परेशानी का सबब बन गया है।
बस शेल्टर की इंटरलॉकिंग टाइलें कई जगह से उखड़ चुकी हैं। फर्श पर ईंटों और निर्माण सामग्री का मलबा पड़ा है। बैठने के लिए लगाई गई बेंचें भी बदहाल हैं और कई बेंचों पर ईंटें रखी हुई हैं। ऐसे में यात्रियों को या तो ईंटों पर बैठकर समय गुजारना पड़ता है या बस आने तक खड़े रहना पड़ता है।
बदहाली से सबसे ज्यादा बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चे परेशान
ग्रामीण प्रवीण ने बताया कि टूटे फर्श और जगह-जगह बिखरे मलबे के कारण बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को विशेष परेशानी होती है। हालत यह है कि यात्रियों की सुविधा के लिए बनाया गया शेल्टर अब मोटरसाइकिलों और अन्य वाहनों की पार्किंग का ठिकाना बन गया है। वाहनों के अंदर खड़े रहने से यात्रियों को सड़क किनारे खड़े होकर बस का इंतजार करना पड़ता है। गर्मी में धूप और बारिश के मौसम में पानी से उनकी मुश्किल और बढ़ जाती है।
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रोजाना विद्यार्थियों और युवाओं की होती है आवाजाही
जींद और आसपास के क्षेत्रों में पढ़ाई और नौकरी के सिलसिले में प्रतिदिन आने-जाने वाले विद्यार्थियों और युवाओं ने बताया कि सुबह और शाम के समय बस शेल्टर पर यात्रियों की संख्या काफी बढ़ जाती है। इसके बावजूद इसकी हालत सुधारने की तरफ पंचायत और प्रशासन का ध्यान नहीं है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव की सुंदरता और विकास को दर्शाने वाले बोर्ड लगाने से ज्यादा जरूरी है। ग्रामीणों ने संबंधित अधिकारियों से बस शेल्टर की तत्काल मरम्मत करवाने, उखड़ी टाइलों की जगह नया फर्श बनाने, जमा मलबा हटाने और शेल्टर को वाहनों की अव्यवस्थित पार्किंग से मुक्त कराने की मांग की है। यात्रियों के बैठने के लिए बेंचों की उचित व्यवस्था और उनकी नियमित देखरेख सुनिश्चित करने की मांग भी उठाई गई है।
बाक्स
संबंधित अधिकारियों से बस शेल्टर की तत्काल मरम्मत करवाने, उखड़ी टाइलों की जगह नया फर्श बनाने, मलबा हटाने और शेल्टर को अवैध पार्किंग से मुक्त कराने की मांग की है। यात्रियों के बैठने की उचित व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांगउठाई है। -जयपाल रेढू, सरपंच शाहपुर
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बस शेल्टर की इंटरलॉकिंग टाइलें कई जगह से उखड़ चुकी हैं। फर्श पर ईंटों और निर्माण सामग्री का मलबा पड़ा है। बैठने के लिए लगाई गई बेंचें भी बदहाल हैं और कई बेंचों पर ईंटें रखी हुई हैं। ऐसे में यात्रियों को या तो ईंटों पर बैठकर समय गुजारना पड़ता है या बस आने तक खड़े रहना पड़ता है।
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बदहाली से सबसे ज्यादा बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चे परेशान
ग्रामीण प्रवीण ने बताया कि टूटे फर्श और जगह-जगह बिखरे मलबे के कारण बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को विशेष परेशानी होती है। हालत यह है कि यात्रियों की सुविधा के लिए बनाया गया शेल्टर अब मोटरसाइकिलों और अन्य वाहनों की पार्किंग का ठिकाना बन गया है। वाहनों के अंदर खड़े रहने से यात्रियों को सड़क किनारे खड़े होकर बस का इंतजार करना पड़ता है। गर्मी में धूप और बारिश के मौसम में पानी से उनकी मुश्किल और बढ़ जाती है।
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रोजाना विद्यार्थियों और युवाओं की होती है आवाजाही
जींद और आसपास के क्षेत्रों में पढ़ाई और नौकरी के सिलसिले में प्रतिदिन आने-जाने वाले विद्यार्थियों और युवाओं ने बताया कि सुबह और शाम के समय बस शेल्टर पर यात्रियों की संख्या काफी बढ़ जाती है। इसके बावजूद इसकी हालत सुधारने की तरफ पंचायत और प्रशासन का ध्यान नहीं है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव की सुंदरता और विकास को दर्शाने वाले बोर्ड लगाने से ज्यादा जरूरी है। ग्रामीणों ने संबंधित अधिकारियों से बस शेल्टर की तत्काल मरम्मत करवाने, उखड़ी टाइलों की जगह नया फर्श बनाने, जमा मलबा हटाने और शेल्टर को वाहनों की अव्यवस्थित पार्किंग से मुक्त कराने की मांग की है। यात्रियों के बैठने के लिए बेंचों की उचित व्यवस्था और उनकी नियमित देखरेख सुनिश्चित करने की मांग भी उठाई गई है।
बाक्स
संबंधित अधिकारियों से बस शेल्टर की तत्काल मरम्मत करवाने, उखड़ी टाइलों की जगह नया फर्श बनाने, मलबा हटाने और शेल्टर को अवैध पार्किंग से मुक्त कराने की मांग की है। यात्रियों के बैठने की उचित व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांगउठाई है। -जयपाल रेढू, सरपंच शाहपुर

कंडेला 31, बदहाली में सुनसान पड़ा गांव में बस क्यू सेल्टर । 03 संवाद