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Jind News: तीन निजी बसों में नहीं मिले फायर सेफ्टी सिलिंडर व सीसीटीवी
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09जेएनडी12-जुलाना क्षेत्र में निजी बस की चेकिंग करती आरटीए की टीम। स्रोत कर्मचारी
- फोटो : 1
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जींद। जिला परिवहन विभाग की टीम ने वीरवार को जुलाना क्षेत्र के निजी स्कूलों में अभियान चलाया। इस दौरान चार निजी स्कूलों की 18 बसों की जांच की गई जिसमें से तीन बसों में फायर सेफ्टी सिलिंडर, फर्स्ट एड बॉक्स और सीसीटीवी कैमरा नहीं मिले। ढाई हजार रुपये का चालान किया गया।
जिला परिवहन विभाग की टीम हर वीरवार को निजी स्कूलों में जाकर बसों का चेकिंग अभियान चला रही है। हर सप्ताह अभियान के दौरान खामी मिलने पर जुर्माना लगाया जा रहा है। इससे पहले 12 मार्च को दो स्कूलों में 25 बसों की जांच की गई। दस बसों में सीसीटीवी, फर्स्ट एड बाक्स व फायर सिलिंडर नहीं मिलने पर 14 हजार 500 रुपये का चालान हुआ था।
जांच के लिए चार सदस्यीय टीम का गठन किया गया है जिसमें जिला परिवहन विभाग कार्यालय से इंस्पेक्टर, एमवीआई, ट्रैफिक पुलिस से सब इंस्पेक्टर और जिला शिक्षा अधिकारी से एक प्रतिनिधि को शामिल किया गया है।
जांच के दौरान बसों में सुरक्षा मानकों की जांच की जाती है जिसमें रिफ्लेक्टर, फायर सिलिंडर, फर्स्ट एड बाक्स सहित चालक और परिचालकों के लाइसेंस की जांच की जाती है। बस का परमिट और चालक के पास हैवी लाइसेंस जैसे कागजात भी जरूरी होते हैं, लेकिन प्राइवेट बस चालक कई बार इन नियमों का पालन नहीं करते। बस भी ज्यादा स्पीड में चलाते हुए पाए जाते हैं, जिससे सड़क हादसे का खतरा बना रहता है।
वर्जन
जुलाना क्षेत्र में चार निजी स्कूलों की 18 बसों को चेक किया गया। इन दौरान तीन बसों में फायर सिलिंडर, फर्स्ट एड बाक्स और सीसीटीवी कैमरा नहीं मिला जिस पर टीम ने ढाई हजार रुपये का चालान किया है।
-बलजीत सिंह, इंस्पेक्टर, आरटीए जींद
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जिला परिवहन विभाग की टीम हर वीरवार को निजी स्कूलों में जाकर बसों का चेकिंग अभियान चला रही है। हर सप्ताह अभियान के दौरान खामी मिलने पर जुर्माना लगाया जा रहा है। इससे पहले 12 मार्च को दो स्कूलों में 25 बसों की जांच की गई। दस बसों में सीसीटीवी, फर्स्ट एड बाक्स व फायर सिलिंडर नहीं मिलने पर 14 हजार 500 रुपये का चालान हुआ था।
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जांच के लिए चार सदस्यीय टीम का गठन किया गया है जिसमें जिला परिवहन विभाग कार्यालय से इंस्पेक्टर, एमवीआई, ट्रैफिक पुलिस से सब इंस्पेक्टर और जिला शिक्षा अधिकारी से एक प्रतिनिधि को शामिल किया गया है।
जांच के दौरान बसों में सुरक्षा मानकों की जांच की जाती है जिसमें रिफ्लेक्टर, फायर सिलिंडर, फर्स्ट एड बाक्स सहित चालक और परिचालकों के लाइसेंस की जांच की जाती है। बस का परमिट और चालक के पास हैवी लाइसेंस जैसे कागजात भी जरूरी होते हैं, लेकिन प्राइवेट बस चालक कई बार इन नियमों का पालन नहीं करते। बस भी ज्यादा स्पीड में चलाते हुए पाए जाते हैं, जिससे सड़क हादसे का खतरा बना रहता है।
वर्जन
जुलाना क्षेत्र में चार निजी स्कूलों की 18 बसों को चेक किया गया। इन दौरान तीन बसों में फायर सिलिंडर, फर्स्ट एड बाक्स और सीसीटीवी कैमरा नहीं मिला जिस पर टीम ने ढाई हजार रुपये का चालान किया है।
-बलजीत सिंह, इंस्पेक्टर, आरटीए जींद