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Jind News: पांच दिन बाद सोनीपत रूट पर हुआ हाइड्रोजन ट्रेन का ट्रायल
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जींद। हाइड्रोजन प्लांट में इलेक्ट्रोफायर ठीक होने के बाद वीरवार को पांच दिन बाद ट्रेन का ट्रायल हुआ। ट्रेन दोपहर बाद ट्रेन सोनीपत के लिए रवाना हुई। सोनीपत रूट पर हर स्टॉप पर पैसेंजर की तरह हाइड्रोजन ट्रेन का ठहराव किया गया।
ट्रेन की तकनीकी क्षमता और संतुलन की जांच के लिए विशेष इंतजाम किए गए थे। ट्रायल के दौरान ट्रेन के अंदर पानी के कैन रखे गए ताकि ट्रेन की स्पीड, ब्रेकिंग सिस्टम और झटकों का प्रभाव सही तरीके से परखा जा सके। यह प्रक्रिया ट्रेन की स्थिरता और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अपनाई जाती है।
अधिकारियों के अनुसार, हाइड्रोजन ट्रेन का यह ट्रायल प्रदर्शन परीक्षण का हिस्सा है जिसमें ट्रेन की विभिन्न तकनीकी बारीकियों की जांच की जा रही है। सोनीपत रूट पर ट्रायल के दौरान ट्रेन ने निर्धारित दूरी तय की और सभी जरूरी मानकों पर खरा उतरने का प्रयास किया। ट्रायल के लिए ट्रेन में पानी के कैन रखे हुए हैं।
ट्रेन की स्पीड 75 किलोमीटर प्रति घंटा रखी गई। पांच दिन बाद हाइड्रोजन ट्रेन का ट्रायल हुआ है। पहले 16 से लेकर 20 मार्च तक ट्रेन का जींद से सोनीपत रूट पर तीन बार ट्रायल किया गया था। 16 और 18 मार्च को ट्रेन जींद-सोनीपत रूट पर दो बार दौड़ाई थी।
ट्रेन की तकनीकी क्षमता और संतुलन की जांच के लिए विशेष इंतजाम किए गए थे। ट्रायल के दौरान ट्रेन के अंदर पानी के कैन रखे गए ताकि ट्रेन की स्पीड, ब्रेकिंग सिस्टम और झटकों का प्रभाव सही तरीके से परखा जा सके। यह प्रक्रिया ट्रेन की स्थिरता और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अपनाई जाती है।
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अधिकारियों के अनुसार, हाइड्रोजन ट्रेन का यह ट्रायल प्रदर्शन परीक्षण का हिस्सा है जिसमें ट्रेन की विभिन्न तकनीकी बारीकियों की जांच की जा रही है। सोनीपत रूट पर ट्रायल के दौरान ट्रेन ने निर्धारित दूरी तय की और सभी जरूरी मानकों पर खरा उतरने का प्रयास किया। ट्रायल के लिए ट्रेन में पानी के कैन रखे हुए हैं।
ट्रेन की स्पीड 75 किलोमीटर प्रति घंटा रखी गई। पांच दिन बाद हाइड्रोजन ट्रेन का ट्रायल हुआ है। पहले 16 से लेकर 20 मार्च तक ट्रेन का जींद से सोनीपत रूट पर तीन बार ट्रायल किया गया था। 16 और 18 मार्च को ट्रेन जींद-सोनीपत रूट पर दो बार दौड़ाई थी।