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Jind News: टीबी मुक्त हुई 65 ग्राम पंचायतों को मिलेगा सम्मान
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26जेएनडी30: नागरिक अस्पताल में क्षय रोग केंद्र। संवाद
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जींद। जिले में क्षय रोग (टीबी) उन्मूलन की दिशा में सराहनीय प्रगति करते हुए स्वास्थ्य विभाग 65 ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त घोषित कर सम्मानित करेगा। इन पंचायतों में बेहतर कार्य करने वालों की छंटनी की है। छह पंचायतों को स्वर्ण, 19 को रजत और 40 पंचायतों को कांस्य पदक से नवाजा जाएगा।
यह सम्मान उन पंचायतों को दिया जा रहा है जिन्होंने टीबी की पहचान, इलाज और जागरुकता के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य किया है। स्वास्थ्य विभाग ने जिले को टीबी मुक्त बनाने के लक्ष्य के तहत 100 दिवसीय विशेष अभियान भी चलाया है। विभाग का कहना है कि समय पर जांच और नियमित दवा सेवन से टीबी पूरी तरह ठीक हो सकती है।
टीबी एक संक्रामक रोग है जो मुख्य रूप से फेफड़ों को प्रभावित करता है और खांसने या छींकने से फैलता है। इसके प्रमुख लक्षणों में दो सप्ताह से अधिक समय तक खांसी, बुखार, वजन कम होना और रात में पसीना आना शामिल हैं। ऐसे लक्षण दिखने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जांच करवानी चाहिए।
टीबी से बचाव के लिए लोगों को भीड़भाड़ वाले स्थानों पर सावधानी बरतनी चाहिए, खांसते या छींकते समय मुंह ढंकना चाहिए और रोगी के संपर्क में आने पर मास्क का उपयोग करना चाहिए। पौष्टिक आहार, स्वच्छता और मजबूत प्रतिरक्षा प्रणाली भी इस बीमारी से बचाव में सहायक हैं।
सरकारी अस्पतालों में इलाज हो रहा मुफ्त
स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि टीबी का इलाज सरकारी अस्पतालों में मुफ्त उपलब्ध है और दवाइयों का पूरा कोर्स करना बेहद जरूरी है। अधूरा इलाज बीमारी को गंभीर बना सकता है और दवाइयों का असर भी कम कर देता है।
वर्जन
आमजन को टीबी के प्रति जागरूक रहना चाहिए। लक्षण दिखने पर जांच करवाएं और इलाज में लापरवाही न बरतें ताकि जिले को जल्द से जल्द पूर्ण रूप से टीबी मुक्त बनाया जा सके। इस बार जिले की 65 ग्राम पंचायतों को सम्मानित किया जाएगा। जिन्होंने टीबी से बचाव के लिए बेहतर काम किया है।
-डॉ. वीएस राघव, जिला नोडल अधिकारी क्षय रोग
फोटो कैप्शन
26जेएनडी30: नागरिक अस्पताल में क्षय रोग केंद्र। संवाद
यह सम्मान उन पंचायतों को दिया जा रहा है जिन्होंने टीबी की पहचान, इलाज और जागरुकता के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य किया है। स्वास्थ्य विभाग ने जिले को टीबी मुक्त बनाने के लक्ष्य के तहत 100 दिवसीय विशेष अभियान भी चलाया है। विभाग का कहना है कि समय पर जांच और नियमित दवा सेवन से टीबी पूरी तरह ठीक हो सकती है।
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टीबी एक संक्रामक रोग है जो मुख्य रूप से फेफड़ों को प्रभावित करता है और खांसने या छींकने से फैलता है। इसके प्रमुख लक्षणों में दो सप्ताह से अधिक समय तक खांसी, बुखार, वजन कम होना और रात में पसीना आना शामिल हैं। ऐसे लक्षण दिखने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जांच करवानी चाहिए।
टीबी से बचाव के लिए लोगों को भीड़भाड़ वाले स्थानों पर सावधानी बरतनी चाहिए, खांसते या छींकते समय मुंह ढंकना चाहिए और रोगी के संपर्क में आने पर मास्क का उपयोग करना चाहिए। पौष्टिक आहार, स्वच्छता और मजबूत प्रतिरक्षा प्रणाली भी इस बीमारी से बचाव में सहायक हैं।
सरकारी अस्पतालों में इलाज हो रहा मुफ्त
स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि टीबी का इलाज सरकारी अस्पतालों में मुफ्त उपलब्ध है और दवाइयों का पूरा कोर्स करना बेहद जरूरी है। अधूरा इलाज बीमारी को गंभीर बना सकता है और दवाइयों का असर भी कम कर देता है।
वर्जन
आमजन को टीबी के प्रति जागरूक रहना चाहिए। लक्षण दिखने पर जांच करवाएं और इलाज में लापरवाही न बरतें ताकि जिले को जल्द से जल्द पूर्ण रूप से टीबी मुक्त बनाया जा सके। इस बार जिले की 65 ग्राम पंचायतों को सम्मानित किया जाएगा। जिन्होंने टीबी से बचाव के लिए बेहतर काम किया है।
-डॉ. वीएस राघव, जिला नोडल अधिकारी क्षय रोग
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26जेएनडी30: नागरिक अस्पताल में क्षय रोग केंद्र। संवाद