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Jind News: एशियन लैक्रोस चैंपियनशिप में भारत ने जीता स्वर्ण पदक
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Sun, 08 Feb 2026 01:36 AM IST
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07जेएनडी02: एशियन लैक्रोस की विजेता टीम मेडल दिखाती हुई। स्रोत कोच
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जींद। सऊदी अरब की राजधानी रियाद में आयोजित एशियन लैक्रोस चैंपियनशिप में भारतीय लैक्रोस टीम ने शानदार प्रदर्शन कर इतिहास रच दिया। प्रतियोगिता में भारतीय महिला और पुरुष टीमों ने फाइनल मुकाबले जीतकर स्वर्ण पदक अपने नाम किए और देश का नाम रोशन किया।
भारतीय महिला टीम ने फाइनल मुकाबले में अपने पारंपरिक प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान को एकतरफा मुकाबले में 22-5 के बड़े अंतर से पराजित कर स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया। वहीं पुरुष वर्ग के फाइनल में भारत ने इराक को 9-2 से हराकर खिताब जीता। दोनों मुकाबलों में भारतीय खिलाड़ियों का आक्रामक खेल, मजबूत डिफेंस और शानदार तालमेल देखने को मिला।
पुरुष टीम की यह जीत खास इसलिए भी रही क्योंकि टीम ने टूर्नामेंट की शुरुआत सऊदी अरब के खिलाफ हार के साथ की थी। शुरुआती झटके के बावजूद खिलाड़ियों ने हिम्मत नहीं हारी और लगातार मुकाबले जीतते हुए फाइनल में दमदार प्रदर्शन किया। यह प्रतिष्ठित चैंपियनशिप रियाद स्थित टेक्निकल कॉलेज स्टेडियम में आयोजित की गई जिसमें सऊदी अरब, पाकिस्तान, हांगकांग, ईरान, इराक और भारत सहित कई एशियाई देशों की टीमों ने भाग लिया।
भारत के इस प्रदर्शन से अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारतीय लैक्रोस की पहचान और भी मजबूत हुई है। इस सफलता में हरियाणा के जींद जिले का योगदान विशेष रूप से रहा। जींद की बेटी खुशबू मलिक और बेटे आशीष गोयत ने अपने मजबूत डिफेंस, सटीक टैकल और बेहतरीन तरीके से विरोधी टीमों की आक्रमण पंक्ति को पूरी तरह नाकाम किया।
इसके साथ ही कोच राजपाल रेढू ने भी इस अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में बतौर असिस्टेंट रेफरी अपनी पहली अंतरराष्ट्रीय जिम्मेदारी निभाकर नया मुकाम हासिल किया। उन्होंने शांत, निष्पक्ष और प्रभावी निर्णायक की भूमिका निभाई। इस उपलब्धि का श्रेय उन्होंने हरियाणा लैक्रोस के जनरल सेक्रेटरी डॉ. राजेश टुर्ण, लैक्रोस संघ के अध्यक्ष सोमनाथ सैनी और अपने गुरु जितेंद्र बांगड़ को दिया।
एशियन लैक्रोस चैंपियनशिप में भारत की यह दोहरी स्वर्णिम सफलता आने वाले वर्षों में देश में लैक्रोस खेल के विकास के लिए मील का पत्थर साबित होगी। भारतीय टीम का यह प्रदर्शन संकेत देता है कि आने वाले समय में भारत एशिया ही नहीं, बल्कि विश्व स्तर पर भी लैक्रोस की एक मजबूत शक्ति बनकर उभरेगा।
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भारतीय महिला टीम ने फाइनल मुकाबले में अपने पारंपरिक प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान को एकतरफा मुकाबले में 22-5 के बड़े अंतर से पराजित कर स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया। वहीं पुरुष वर्ग के फाइनल में भारत ने इराक को 9-2 से हराकर खिताब जीता। दोनों मुकाबलों में भारतीय खिलाड़ियों का आक्रामक खेल, मजबूत डिफेंस और शानदार तालमेल देखने को मिला।
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पुरुष टीम की यह जीत खास इसलिए भी रही क्योंकि टीम ने टूर्नामेंट की शुरुआत सऊदी अरब के खिलाफ हार के साथ की थी। शुरुआती झटके के बावजूद खिलाड़ियों ने हिम्मत नहीं हारी और लगातार मुकाबले जीतते हुए फाइनल में दमदार प्रदर्शन किया। यह प्रतिष्ठित चैंपियनशिप रियाद स्थित टेक्निकल कॉलेज स्टेडियम में आयोजित की गई जिसमें सऊदी अरब, पाकिस्तान, हांगकांग, ईरान, इराक और भारत सहित कई एशियाई देशों की टीमों ने भाग लिया।
भारत के इस प्रदर्शन से अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारतीय लैक्रोस की पहचान और भी मजबूत हुई है। इस सफलता में हरियाणा के जींद जिले का योगदान विशेष रूप से रहा। जींद की बेटी खुशबू मलिक और बेटे आशीष गोयत ने अपने मजबूत डिफेंस, सटीक टैकल और बेहतरीन तरीके से विरोधी टीमों की आक्रमण पंक्ति को पूरी तरह नाकाम किया।
इसके साथ ही कोच राजपाल रेढू ने भी इस अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में बतौर असिस्टेंट रेफरी अपनी पहली अंतरराष्ट्रीय जिम्मेदारी निभाकर नया मुकाम हासिल किया। उन्होंने शांत, निष्पक्ष और प्रभावी निर्णायक की भूमिका निभाई। इस उपलब्धि का श्रेय उन्होंने हरियाणा लैक्रोस के जनरल सेक्रेटरी डॉ. राजेश टुर्ण, लैक्रोस संघ के अध्यक्ष सोमनाथ सैनी और अपने गुरु जितेंद्र बांगड़ को दिया।
एशियन लैक्रोस चैंपियनशिप में भारत की यह दोहरी स्वर्णिम सफलता आने वाले वर्षों में देश में लैक्रोस खेल के विकास के लिए मील का पत्थर साबित होगी। भारतीय टीम का यह प्रदर्शन संकेत देता है कि आने वाले समय में भारत एशिया ही नहीं, बल्कि विश्व स्तर पर भी लैक्रोस की एक मजबूत शक्ति बनकर उभरेगा।