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Jind News: जिले के 3000 से अधिक कैंसर मरीजों को मिलेगा सीधा लाभ, महिलाओं के लिए हॉस्टल भी बनेगा

Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Mon, 02 Feb 2026 01:22 AM IST
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More than 3000 cancer patients in the district will directly benefit, and a hostel for women will also be built.
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जींद। केंद्र सरकार के बजट से जिले के 3000 से अधिक कैंसर मरीजों को बड़ी राहत मिली है। सरकार ने बजट में कैंसर के इलाज को सस्ता करने व अन्य दवाओं के दाम भी कम करने की घोषणा की है। इससे कैंसर पीड़ितों के अलावा अन्य मरीजों को भी फायदा होगा।
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जिले में लगभग 2500 कैंसर पीड़ित मरीज हैं जिनके सरकार की सुविधाओं के पास बने हैं। जबकि 600 से ज्यादा कैंसर के मरीज चौथी स्टेज के हैं। इसके अतिरिक्त जिले में महिलाओं के लिए हॉस्टल खोलने की घोषणा की गई है। इससे कामकाजी महिलाओं को सुविधा मिल सकेगी।
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शहर में हांसी रोड पर औद्यागिक इकाइयां हैं। इसके अलावा शहर के अंदर महिलाएं कार्यालयों में दूर दराज के क्षेत्रों से आकर काम करती हैं। शहर में प्रतिदिन पांच हजार महिलाएं सरकारी व निजी कार्यालयों में नौकरी करने के लिए आती हैं। महिलाओं के लिए हॉस्टल बनने से दूर से आने वाली महिलाओं को बड़े स्तर पर फायदा होगा।
फिलहाल, शहर में इस तरह की कोई व्यवस्था महिलाओं के लिए नहीं है। रेड क्रॉस की तरफ से हास्टल शुरू नहीं किया गया है। इसमें फिलहाल काम चला हुआ है। इस कारण महिलाओं को पीजी व शहर में महंगे दामों पर किराये पर कमरे लेने पड़ रहे हैं।
केंद्रीय बजट में युवाओं और महिलाओं को साधने की कोशिश

जींद। केंद्रीय बजट में सरकार ने रक्षा, रेलवे, किसान, युवा, महिलाएं, बुजुर्ग और कारोबारियों सहित सभी वर्गों को ध्यान में रखते हुए कई अहम घोषणाएं की हैं। रक्षा क्षेत्र के लिए बजट को बढ़ाकर 7.8 लाख करोड़ रुपये किया गया है जो पिछले वर्ष की तुलना में करीब 1.04 लाख करोड़ रुपये अधिक है। इसमें से लगभग 68 प्रतिशत राशि सैलरी और पेंशन पर खर्च होगी जबकि कैपिटल बजट 2.19 लाख करोड़ रुपये रखा गया है जिसका बड़ा हिस्सा हथियारों की खरीद पर जाएगा। वायुसेना और नौसेना के लिए भी विशेष प्रावधान किए गए हैं। रेलवे को इस वर्ष 2.81 लाख करोड़ रुपये का बजट मिला है जो पिछले साल से करीब 10 प्रतिशत से अधिक है। इसके साथ ही सात हाईस्पीड रेल कॉरिडोर और कई राज्यों में नए रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट की घोषणा की गई है।
डिजिटल स्किल्स पर जोर दिया गया
किसानों के लिए एआई आधारित भारत- विस्तार योजना, मत्स्य पालन और पशुपालन से जुड़ी नई योजनाएं शुरू होंगी। युवाओं के लिए एआई, गेमिंग, कॉमिक्स, हेल्थकेयर और डिजिटल स्किल्स पर जोर दिया गया है। महिलाओं के लिए स्वयं सहायता, उद्यमिता, छात्रावास और सुरक्षा से जुड़ी योजनाएं लाई गई हैं। बुजुर्गों के लिए सस्ती दवाइयों, आयुष और मानसिक स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान दिया गया है। कारोबारियों और एमएसएमई सेक्टर के लिए ग्रोथ फंड, टेक्सटाइल पार्क और इंफ्रास्ट्रक्चर सपोर्ट की घोषणाएं बजट को समग्र बनाती हैं।

बजट को लेकर विभिन्न वर्ग के लोगों की राय

केंद्रीय बजट में तटवर्ती इलाकों में होने वाली फसलों को बढ़ावा दिया गया है। परंपरागत खेती करने वाले किसानों की तरफ कोई ध्यान नहीं दिया गया। किसान बजट से काफी उम्मीद लिए बैठे थे लेकिन किसानों को निराश होना पड़ा। सरकार की तरफ से तकनीकी पोर्टल की तरफ भी ध्यान दिया गया है। नारियल की खेती की तरफ ज्यादा ध्यान है। नारियल से बने उत्पादों की लगातार अन्य देशों में मांग बढ़ रही है। जिले में होने वाली खेती की तरफ केंद्र सरकार का कोई ध्यान नहीं। -रामराजी ढुल, किसान



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बजट में रोजगार का सृजन करने उत्पादकता और विकास की गति प्रदान करने की दिशा में सुधार किए हैं। पिछले काफी समय से तटवर्ती क्षेत्रों के किसानों की तरफ ध्यान नहीं दिया गया था। इस बार उनकी तरफ ज्यादा फोकस है। वहीं पर्यटन के क्षेत्र की तरफ भी ध्यान दिया गया है।परिवहन, रक्षा, ग्रामीण विकास, गृह कार्य, कृषि, शिक्षा, ऊर्जा व स्वास्थ्य की तरफ ज्यादा ध्यान दिया गया। इस बजट काफी क्षेत्र में विकास के रास्ते खुलेंगे। -विनोद सैनी, भाजपा नेता



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युवाओं के लिए बजट में कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की गई हैं। सरकार ने युवाओं को नौकरी के बाजार में प्रवेश करने के लिए आर्थिक सहायता देने का प्रावधान किया है। पीएम इंटर्नशिप योजना के तहत एक करोड़ युवाओं को देश की टॉप 500 कंपनियों में ट्रेनिंग दिलाने का लक्ष्य रखा गया है। बजट से रोजगार, कृषि, और युवाओं के लिए कई महत्वपूर्ण लाभ होने की उम्मीद है। सरकार की इन घोषणाओं से देश के विकास को नई दिशा मिलने की संभावना है।- प्रोफेसर सुनील फौगाट, अध्यक्ष, अर्थशास्त्र विभाग, सीआरएसयू


केंद्रीय बजट में कुछ ज्यादा बदलाव नहीं किए गए हैं। इनकम टैक्स के तौर पर बजट में ज्यादा बदलाव नहीं किया गया। शेयर मार्केट और प्रोपर्टी में कुछ बदलाव देखने को नहीं मिला। ट्रेडिंग करने वाले लोगों के लिए बजट में टैक्स बढ़ाया गया है। इस बार का बजट ज्यादा प्रभावशाली न होने की बजाय सामान्य है। जिस तरह लोगों ने बजट में अपेक्षा रखी थी उस तरह का बजट लोगों के लिए नहीं रहा। -राजकुमार गोयल, समाजसेवी



बजट में युवा शक्ति को राष्ट्र निर्माण का केंद्र मानते हुए शिक्षा, कौशल विकास, स्टार्ट-अप और रोजगार सृजन पर विशेष ध्यान दिया गया है। इंफ्रास्ट्रक्चर, स्वास्थ्य और एमएसएमई सेक्टर को मजबूती देकर विकसित भारत के लक्ष्य को गति देने का प्रयास किया गया है। सोलर, ईवी-सीएनजी, ग्रीन एनर्जी और डिजिटल इकोनॉमी के माध्यम से आत्मनिर्भर और टिकाऊ विकास की दिशा में ठोस कदम उठाए गए हैं।-रीटा धीमान, सोशल वर्कर



विकसित भारत की नींव युवा शक्ति है। इंफ्रास्ट्रक्चर, हाई-स्पीड रेल, स्वास्थ्य क्षेत्र और बायोफार्मा शक्ति जैसी योजनाओं में निवेश से नए अवसर बनेंगे। टायर-2 और टायर-3 शहरों में लघु उद्योग, सर्विस सेक्टर, सस्ते फुटवियर, इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स, सोलर उपकरण, सीएनजी-ईवी और लेदर उद्योग को बढ़ावा देकर स्थानीय रोजगार सृजन होगा। इससे छोटे व्यापारियों को राहत मिलेगी। युवाओं को अपने शहर में काम मिलेगा और स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत होगी। किसानों के लिए केसीसी सीमा तीन लाख रुपये से बढ़ाकर पांच लाख रुपये करना भी आत्मनिर्भर भारत की दिशा में बड़ा कदम है। -डॉ. अनुराधा सैनी, चेयरपर्सन नगर परिषद जींद।



केंद्रीय बजट लोगों की उम्मीद अनुसार नहीं रहा। पहले अलग-अलग वर्गों के लोगों में बजट को लेकर उत्साह रहता था लेकिन अब ऐसा नहीं देखा गया। सर्विस करने वाले लोगों को टैक्स में रिलीफ की उम्मीद थी लेकिन बजट से कोई रिलीफ नहीं मिली। बजट में शिक्षा और स्वास्थ्य को भी महत्व दिया गया है। इसके अलावा शिक्षा में लगभग छह प्रतिशत बजट होना चाहिए, लेकिन तीन से साढ़े प्रतिशत बजट शिक्षा को दिया गया है। -डाॅ. रजनीश जैन, प्रदेशाध्यक्ष आम आदमी पार्टी



केंद्रीय बजट से व्यापारियों को मायूसी मिली है। व्यापारियों के हित के लिए कोई बात केंद्रीय बजट में नहीं है। छोटे व मध्यम वर्ग के व्यापारियों के लिए सरकार को सोचना चाहिए। व्यापार दिन पर दिन घट रहा है, लेकिन बजट में व्यापारियों को कोई राहत नहीं मिली। हरियाणा को कोई नया रेल कॉरिडोर की घोषणा नहीं हुई। व्यापारी दिन पर दिन व्यापार को छोड़ रहे हैं और आत्मनिर्भर ना बनकर नौकरी को प्राथमिकता दे रहे हैं। वहीं, ऑनलाइन से भी व्यापार का बुरा हाल है। स्लैब में भी कोई बदलाव नहीं किया गया। वहीं, कोरोना के बाद से व्यापार लगातार घटता जा रहता है।-रामबिलास मित्तल, नगर प्रधान व्यापार मंडल



केंद्रीय बजट ने शिक्षा बजट में बढ़ोतरी और पीएम-विद्यालक्ष्मी योजना के तहत बिना गारंटी शिक्षा ऋण ने मध्यमवर्गीय छात्राओं के लिए उच्च शिक्षा के रास्ते आसान किए हैं। इसके अलावा, हर जिले में कामकाजी महिलाओं के लिए हॉस्टल बनाने की घोषणा सुरक्षा और सुविधा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
-डॉ. रचना श्रीवास्तव सहायक प्राध्यापिका, सीआरएसयूस


केंद्र सरकार ने बजट में शिक्षा के क्षेत्र में ज्यादा महत्वपूर्ण नहीं है। यह बजट विकसित भारत योजना को देखते हुए अच्छा है। बजट मध्यम वर्ग के लिए ज्यादा लाभकारी है। इसमें किसान, कर्मचारी समेत हर वर्ग को कुछ न कुछ मिला है।
-एस के सिन्हा, पूर्व डीन अकादमिक अफेयर्स



केंद्रीय बजट भविष्य की दिशा तय करने वाला बजट है। शिक्षा बजट में बढ़ोतरी और पीएम-विद्यालक्ष्मी योजना के तहत बिना गारंटी शिक्षा ऋण ने यह भरोसा दिया है कि आर्थिक कारणों से अब किसी का सपना अधूरा नहीं रहेगा। इंटर्नशिप योजना में पांच हजार रुपये मासिक स्टाइफंड पढ़ाई के साथ आत्मनिर्भर बनने का अवसर देती है। साथ ही एआई, डिजिटल और स्किल-आधारित शिक्षा पर जोर यह दर्शाता है कि सरकार छात्रों को पढ़ाई के साथ रोजगार के लिए तैयार करना चाहती है।
-स्वीटी, युवा एवं विद्यार्थी।





प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार लगातार आम आदमी के हित में फैसले ले रही है और यह बजट उसी दिशा में एक और मजबूत कदम है। उन्होंने कहा कि बजट में महिलाओं के सशक्तिकरण, स्टार्टअप को बढ़ावा देने और डिजिटल इंडिया को और मजबूती देने के प्रावधान किए गए हैं, जो देश को आत्मनिर्भर बनाने में सहायक सिद्ध होंगे।
-डाॅ संजय जांगड़ा, नपा चेयरमैन जुलाना।

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यह बजट केवल कागजी आंकड़ों तक सीमित है और जमीनी स्तर पर आम जनता को इससे कोई खास राहत नहीं मिलने वाली। महंगाई, बेरोजगारी और किसानों की समस्याओं पर सरकार ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। आम आदमी की जेब पर बोझ लगातार बढ़ रहा है लेकिन बजट में महंगाई कम करने के लिए कोई प्रभावी योजना नजर नहीं आती। बजट में बड़े उद्योगपतियों को लाभ पहुंचाया है जबकि गरीब और मध्यम वर्ग को केवल आश्वासन ही मिले हैं। उन्होंने कहा कि युवाओं के लिए रोजगार के नाम पर सरकार फिर से पुराने वादों को दोहरा रही है। पूरे देश में सबसे ज्यादा टोल टैक्स हरियाणा से जाता है लेकिन बजट में कुछ नही मिला। -मोहित लाठर, प्रदेश प्रवक्ता कांग्रेस।



इस बजट में केवल घोषणाएं है। आमजन के लिए बजट में किसी प्रकार का प्रावधान नहीं है। कौन सी योजना कब तक लागू होगी। इसका भी कोई जिक्र बजट में नहीं किया गया। देश की जनता को गुमराह करने वाला बजट है। बजट में हर सुविधा कब तक मिलगी यह जरूरी होना चाहिए। केंद्र सरकार ने बजट के नाम पर देशवासियों के साथ छलावा किया है। युवाओं के रोजगार का बजट में कोई जिक्र नहींं किया गया।-बिजेंद्र रेढू इनेलो जिला प्रधान, जींद
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