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Jind News: महिला किसानों को वैज्ञानिकों ने बताए फसल सुरक्षा और कीटनाशक प्रबंधन के गुर
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फोटो 05जेएनडी29-चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय का भ्रमण करते हुए महिला किसान और अधि
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जींद। सुरक्षित छिड़काव तकनीक और कीटनाशकों के सही इस्तेमाल को लेकर आयोजित पांच दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण के तहत बुधवार को 66 महिला किसानों को चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय, हिसार का शैक्षणिक भ्रमण कराया गया। यह प्रशिक्षण हरियाणा कृषि प्रबंधन एवं विस्तार प्रशिक्षण संस्थान की ओर से अनुसूचित जाति की महिला किसानों के लिए आयोजित किया जा रहा है।
निदेशक डॉ. सुरेंद्र यादव और प्रशिक्षण कार्यक्रम के फैसिलिटेटर डॉ. वजीर चौहान के नेतृत्व में महिला किसानों ने विश्वविद्यालय की विभिन्न प्रयोगशालाओं का दौरा किया। इस दौरान वैज्ञानिकों ने उन्हें खाद्यान्न, फल और सब्जियों में कीटनाशकों के अवशेषों की जांच प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी। किसानों ने प्रयोगशाला में खाद्य पदार्थों में मौजूद रासायनिक अवशेषों के परीक्षण की तकनीक को भी देखा।
वैज्ञानिकों ने महिला किसानों को अनाज में लगने वाले कीटों, फसलों में होने वाली प्रमुख बीमारियों और उनके वैज्ञानिक प्रबंधन के बारे में विस्तार से बताया। इसके बाद किसानों ने विश्वविद्यालय के कृषि फार्म का भ्रमण किया, जहां उन्हें सुरक्षित छिड़काव तकनीक, कीटनाशकों के संतुलित उपयोग और फसल सुरक्षा के आधुनिक तरीकों की जानकारी दी गई।
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वैज्ञानिकों ने कहा कि कीटनाशकों का प्रयोग हमेशा अनुशंसित मात्रा और सुरक्षा मानकों के अनुसार करना चाहिए। इससे फसल की गुणवत्ता बेहतर होने के साथ मानव स्वास्थ्य और पर्यावरण की भी सुरक्षा होती है। प्रशिक्षण का उद्देश्य महिला किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों से जोड़कर उनकी खेती को अधिक सुरक्षित और लाभकारी बनाना है।
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निदेशक डॉ. सुरेंद्र यादव और प्रशिक्षण कार्यक्रम के फैसिलिटेटर डॉ. वजीर चौहान के नेतृत्व में महिला किसानों ने विश्वविद्यालय की विभिन्न प्रयोगशालाओं का दौरा किया। इस दौरान वैज्ञानिकों ने उन्हें खाद्यान्न, फल और सब्जियों में कीटनाशकों के अवशेषों की जांच प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी। किसानों ने प्रयोगशाला में खाद्य पदार्थों में मौजूद रासायनिक अवशेषों के परीक्षण की तकनीक को भी देखा।
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वैज्ञानिकों ने महिला किसानों को अनाज में लगने वाले कीटों, फसलों में होने वाली प्रमुख बीमारियों और उनके वैज्ञानिक प्रबंधन के बारे में विस्तार से बताया। इसके बाद किसानों ने विश्वविद्यालय के कृषि फार्म का भ्रमण किया, जहां उन्हें सुरक्षित छिड़काव तकनीक, कीटनाशकों के संतुलित उपयोग और फसल सुरक्षा के आधुनिक तरीकों की जानकारी दी गई।
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वैज्ञानिकों ने कहा कि कीटनाशकों का प्रयोग हमेशा अनुशंसित मात्रा और सुरक्षा मानकों के अनुसार करना चाहिए। इससे फसल की गुणवत्ता बेहतर होने के साथ मानव स्वास्थ्य और पर्यावरण की भी सुरक्षा होती है। प्रशिक्षण का उद्देश्य महिला किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों से जोड़कर उनकी खेती को अधिक सुरक्षित और लाभकारी बनाना है।