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Jind News: शीतलहर ने बढ़ाई परेशानी, दिनचर्या को किया प्रभावित
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Thu, 08 Jan 2026 12:53 AM IST
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07जेएनडी31-नागरिक अस्पताल में निकली हल्की धूप में बैठे मरीज के साथ आए परिजन। संवाद
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जींद। जिले में शीतलहर का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। कई दिनों से जारी ठंड ने लोगों की दिनचर्या को प्रभावित कर दिया है। तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है जिससे न्यूनतम तापमान लुढ़ककर छह डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है।
ठंडी हवा के साथ बढ़ती ठिठुरन ने आमजन की परेशानी बढ़ा दी है। वहीं बीमारियों का खतरा भी तेजी से बढ़ रहा है। सुबह और शाम के समय शीतलहर का असर सबसे अधिक देखने को मिल रहा है। बुधवार को अधिकतम तापमान 13 डिग्री और न्यूनतम छह डिग्री सेल्सियस रहा। सर्द हवा के चलते लोग घरों से बाहर निकलने से बच रहे हैं।
बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर भी सामान्य दिनों की तुलना में भीड़ कम दिखाई दे रही है। कई स्थानों पर लोग रात के समय अलाव जलाकर ठंड से राहत पाने की कोशिश करते नजर आ रहे हैं। हालांकि इसके बावजूद ठंड से पूरी तरह बच पाना उनके लिए मुश्किल हो रहा है।
ठंड बढ़ने के साथ ही अस्पतालों और निजी अस्पतालों में सर्दी, खांसी, जुकाम, बुखार और सांस संबंधी बीमारियों के मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। चिकित्सकों के अनुसार अचानक तापमान में गिरावट से शरीर की प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो जाती है, जिससे संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। चिकित्सकों ने लोगों को गर्म कपड़े पहनने, ठंडे पानी से परहेज करने और खानपान पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी है।
वर्जन
ठंड से फिलहाल राहत मिलने के आसार नहीं हैं। उत्तर-पश्चिमी हवाओं के चलते तापमान में और गिरावट दर्ज की जा सकती है। रात के समय पाला पड़ने की भी संभावना जताई गई है जिससे किसानों की फसलों को नुकसान पहुंच सकता है।
-- डॉ. राजेश, मौसम वैज्ञानिक, पांडु-पिंडारा, जींद
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ठंडी हवा के साथ बढ़ती ठिठुरन ने आमजन की परेशानी बढ़ा दी है। वहीं बीमारियों का खतरा भी तेजी से बढ़ रहा है। सुबह और शाम के समय शीतलहर का असर सबसे अधिक देखने को मिल रहा है। बुधवार को अधिकतम तापमान 13 डिग्री और न्यूनतम छह डिग्री सेल्सियस रहा। सर्द हवा के चलते लोग घरों से बाहर निकलने से बच रहे हैं।
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बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर भी सामान्य दिनों की तुलना में भीड़ कम दिखाई दे रही है। कई स्थानों पर लोग रात के समय अलाव जलाकर ठंड से राहत पाने की कोशिश करते नजर आ रहे हैं। हालांकि इसके बावजूद ठंड से पूरी तरह बच पाना उनके लिए मुश्किल हो रहा है।
ठंड बढ़ने के साथ ही अस्पतालों और निजी अस्पतालों में सर्दी, खांसी, जुकाम, बुखार और सांस संबंधी बीमारियों के मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। चिकित्सकों के अनुसार अचानक तापमान में गिरावट से शरीर की प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो जाती है, जिससे संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। चिकित्सकों ने लोगों को गर्म कपड़े पहनने, ठंडे पानी से परहेज करने और खानपान पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी है।
वर्जन
ठंड से फिलहाल राहत मिलने के आसार नहीं हैं। उत्तर-पश्चिमी हवाओं के चलते तापमान में और गिरावट दर्ज की जा सकती है। रात के समय पाला पड़ने की भी संभावना जताई गई है जिससे किसानों की फसलों को नुकसान पहुंच सकता है।