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Jind News: खेत बेचकर डंकी के रास्ते गए थे अमेरिका, खाली हाथ लाैटे
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Sat, 10 Jan 2026 01:05 AM IST
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अंकित, जो अमेरिका से डिपोर्ट होकर लौटा है। स्रोत परिजन
- फोटो : मृतक रामू ।
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जींद। डंकी के रास्ते डॉलर कमाने गए जींद जिले के तीन युवकों को अमेरिका ने डिपोर्ट कर दिया है। तीनों खेत की जमीन बेचकर अमेरिका गए थे। अब इन युवकों और परिवार के सामने गंभीर स्थिति पैदा हो गई है।
बड़ौदा निवासी नरेंद्र वर्ष 2023 में डंकी के रास्ते अमेरिका गए थे। तीन दिन पहले ही वहां से डिपोर्ट होकर घर पहुंचे हैं। उन्होंने एक एकड़ जमीन बेचकर 47 लाख रुपये एकत्रित किए थे। डॉलर कमाने के चक्कर में इस राशि को खर्च कर अमेरिका पहुंच गए। अमेरिका तक पहुंचने में काफी कष्ट सहना पड़ा और कई माह बाद अमेरिका पहुंच सके। जिंदगी सुचारू चलने लगी थी लेकिन अब दो महीने पहले पुलिस ने उनको पकड़ लिया था। अब वह छह जनवरी को वह वापस लौटे हैं। नरेंद्र के पिता सुभाष बताया कि डंकी के रास्ते लोग जमीन बेचकर विदेश जा रहे हैं, लेकिन डॉलर कमाने के चक्कर में अपनी पहली पूंजी खत्म कर लेते हैं।
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जमीन बेचकर दो बेटों को अमेरिका भेजा, फायदा एक रुपये का नहीं हुआ
नरेंद्र की तरह मोरखी निवासी अंकित भी तीन साल में वापस घर लौट आया है। पिता सुनील ने बताया कि तीन साल पहले उसने जमीन बेचकर 45 लाख रुपये खर्च करके अपने बेटे को अमेरिका भेजा था। अंकित डंकी के रास्ते से अमेरिका गया था। वहां उसके पास वर्क परमिट था, लेकिन डेढ़ महीने पहले उसे पुलिस ने पकड़ लिया और अब वापस भेज दिया है। अंकित अमेरिका में स्टोर में काम करता था। उसने कुछ पैसे तो कमाए, लेकिन जितने पैसे खर्च हुए उतने भी पूरे नहीं हो पाए। वर्ष 2018 में उसका छोटा लड़का अंकुश भी डंकी के रास्ते से विदेश गया था। अंकुश को जाते ही पुलिस ने पकड़ लिया और 11 महीने की जेल के बाद उसे वर्ष 2019 में वापस भेज दिया। सुनील ने बताया कि उसने अपने दो बेटे विदेश में भेजे थे, जाे जमीन बेचकर गए थे, लेकिन एक भी पैसा वहां से नहीं आ पाया।
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अमेरिका पहुंचने में ही लग गए एक साल, वहां बेरोजगारी भी झेली
रायचंदवाला निवासी नरेश वर्ष 2023 में डंकी के रास्ते से अमेरिका गया था। एक साल तक तो वह रास्ते ही इधर-उधर भटकता रहा। एक साल बाद वह अमेरिका पहुंचा। वहां पहुंचने के बाद भी उसे काम नहीं मिला और छह महीने पहले ही अमेरिकी पुलिस ने उसे पकड़ लिया। छह महीने बाद अब सात जनवरी को वह वापस अपने घर पहुंचा है। वह 46 लाख रुपये खर्च करके अमेरिका गया था। पैसे का इंतजाम करने के लिए उसे अपनी जमीन भी बेचनी पड़ी थी। अब उसे वहां कुछ हाथ नहीं लगा है और वह खाली हाथ लौट आया है।
वर्जन
डंकी के रास्ते विदेश जाना गलत है। यदि विदेश जाना है तो अधिकृत संस्था के माध्यम से ही जाएं। गलत तरीके से जाना खुद और परिवार के लिए नुकसानदायक है।-- कुलदीप सिंह, एसपी, जींद
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जमीन बेचकर दो बेटों को अमेरिका भेजा, फायदा एक रुपये का नहीं हुआ
नरेंद्र की तरह मोरखी निवासी अंकित भी तीन साल में वापस घर लौट आया है। पिता सुनील ने बताया कि तीन साल पहले उसने जमीन बेचकर 45 लाख रुपये खर्च करके अपने बेटे को अमेरिका भेजा था। अंकित डंकी के रास्ते से अमेरिका गया था। वहां उसके पास वर्क परमिट था, लेकिन डेढ़ महीने पहले उसे पुलिस ने पकड़ लिया और अब वापस भेज दिया है। अंकित अमेरिका में स्टोर में काम करता था। उसने कुछ पैसे तो कमाए, लेकिन जितने पैसे खर्च हुए उतने भी पूरे नहीं हो पाए। वर्ष 2018 में उसका छोटा लड़का अंकुश भी डंकी के रास्ते से विदेश गया था। अंकुश को जाते ही पुलिस ने पकड़ लिया और 11 महीने की जेल के बाद उसे वर्ष 2019 में वापस भेज दिया। सुनील ने बताया कि उसने अपने दो बेटे विदेश में भेजे थे, जाे जमीन बेचकर गए थे, लेकिन एक भी पैसा वहां से नहीं आ पाया।
अमेरिका पहुंचने में ही लग गए एक साल, वहां बेरोजगारी भी झेली
रायचंदवाला निवासी नरेश वर्ष 2023 में डंकी के रास्ते से अमेरिका गया था। एक साल तक तो वह रास्ते ही इधर-उधर भटकता रहा। एक साल बाद वह अमेरिका पहुंचा। वहां पहुंचने के बाद भी उसे काम नहीं मिला और छह महीने पहले ही अमेरिकी पुलिस ने उसे पकड़ लिया। छह महीने बाद अब सात जनवरी को वह वापस अपने घर पहुंचा है। वह 46 लाख रुपये खर्च करके अमेरिका गया था। पैसे का इंतजाम करने के लिए उसे अपनी जमीन भी बेचनी पड़ी थी। अब उसे वहां कुछ हाथ नहीं लगा है और वह खाली हाथ लौट आया है।
वर्जन
डंकी के रास्ते विदेश जाना गलत है। यदि विदेश जाना है तो अधिकृत संस्था के माध्यम से ही जाएं। गलत तरीके से जाना खुद और परिवार के लिए नुकसानदायक है।