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Jind News: मापतौल विभाग का राजस्व लक्ष्य बढ़ा, इस वर्ष आठ स्थानों पर कार्रवाई
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19जेएनडी30: विधिक माप विज्ञान निरीक्षक शहर में दुकानदारों को जागरूक करते हुए। संवाद
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जींद। जिले में खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की मापतौल टीम को इस वर्ष 81 लाख रुपये राजस्व एकत्र करने का लक्ष्य मिला है। पिछले वर्ष विभाग को 64 लाख रुपये का लक्ष्य दिया गया था। इस बार लक्ष्य बढ़ने के साथ-साथ जांच और कार्रवाई भी तेज कर दी गई है।
विभाग लगातार धर्मकांटे, पेट्रोल पंप, राशन डिपो और दुकानों की जांच कर रहा है ताकि उपभोक्ताओं को सही माप और वजन मिल सके।
पिछले वर्ष विभाग ने जिले में 30 स्थानों पर कार्रवाई की थी। इनमें धर्मकांटे, दुकानें, पेट्रोल पंप और राशन डिपो शामिल थे। जांच के दौरान अनियमितता मिलने पर करीब ढाई लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया था।
वहीं इस वर्ष अब तक आठ स्थानों पर कार्रवाई की जा चुकी है। इनमें चार धर्मकांटे, तीन राशन डिपो और एक दुकान शामिल है। विभाग अब तक करीब डेढ़ लाख रुपये का जुर्माना वसूल चुका है।
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मापतौल विभाग की टीम समय-समय पर बाजारों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में जाकर इलेक्ट्रॉनिक कांटे, बाट, पेट्रोल मशीनों और पैकिंग सामग्री की जांच करती है। विभाग यह सुनिश्चित करता है कि दुकानदार और व्यापारी निर्धारित मानकों के अनुसार ही वजन और माप का उपयोग करें।इसके अलावा पैकिंग वाले सामान पर अंकित वजन, निर्माण तिथि, एमआरपी और अन्य जरूरी जानकारी की भी जांच की जाती है।
वर्जन
जिन व्यापारियों या प्रतिष्ठानों के कांटों की वैधता समाप्त हो जाती है उन्हें समय पर विभाग से सालाना सत्यापन करवाना होता है। बिना सत्यापन वाले कांटों का उपयोग करने पर कार्रवाई की जाती है। व्यापारी समय-समय पर अपने उपकरणों की जांच करवाएं और उपभोक्ताओं को सही मात्रा में सामान दें। उपभोक्ताओं से अपील है कि जहां पर गड़बड़ी मिले उसकी शिकायत जरूर करें। -कुलदीप सिंह निरीक्षक विधिक माप विज्ञान
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विभाग लगातार धर्मकांटे, पेट्रोल पंप, राशन डिपो और दुकानों की जांच कर रहा है ताकि उपभोक्ताओं को सही माप और वजन मिल सके।
पिछले वर्ष विभाग ने जिले में 30 स्थानों पर कार्रवाई की थी। इनमें धर्मकांटे, दुकानें, पेट्रोल पंप और राशन डिपो शामिल थे। जांच के दौरान अनियमितता मिलने पर करीब ढाई लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया था।
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वहीं इस वर्ष अब तक आठ स्थानों पर कार्रवाई की जा चुकी है। इनमें चार धर्मकांटे, तीन राशन डिपो और एक दुकान शामिल है। विभाग अब तक करीब डेढ़ लाख रुपये का जुर्माना वसूल चुका है।
मापतौल विभाग की टीम समय-समय पर बाजारों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में जाकर इलेक्ट्रॉनिक कांटे, बाट, पेट्रोल मशीनों और पैकिंग सामग्री की जांच करती है। विभाग यह सुनिश्चित करता है कि दुकानदार और व्यापारी निर्धारित मानकों के अनुसार ही वजन और माप का उपयोग करें।इसके अलावा पैकिंग वाले सामान पर अंकित वजन, निर्माण तिथि, एमआरपी और अन्य जरूरी जानकारी की भी जांच की जाती है।
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जिन व्यापारियों या प्रतिष्ठानों के कांटों की वैधता समाप्त हो जाती है उन्हें समय पर विभाग से सालाना सत्यापन करवाना होता है। बिना सत्यापन वाले कांटों का उपयोग करने पर कार्रवाई की जाती है। व्यापारी समय-समय पर अपने उपकरणों की जांच करवाएं और उपभोक्ताओं को सही मात्रा में सामान दें। उपभोक्ताओं से अपील है कि जहां पर गड़बड़ी मिले उसकी शिकायत जरूर करें। -कुलदीप सिंह निरीक्षक विधिक माप विज्ञान