{"_id":"6a74e0621ec408ccf80cdffd","slug":"workers-staged-a-sit-in-outside-the-labour-department-accusing-the-kiln-owner-of-seizing-the-trolley-jind-news-c-199-1-sroh1009-158005-2026-08-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jind News: मजदूरों ने श्रम विभाग के बाहर दिया धरना, भट्ठा मालिक पर ट्रॉली कब्जाने का आरोप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jind News: मजदूरों ने श्रम विभाग के बाहर दिया धरना, भट्ठा मालिक पर ट्रॉली कब्जाने का आरोप
विज्ञापन
06जेएनडी14: श्रम विभाग कार्यालय के बाहर धरने पर बैठे लाल झंडा भट्टा मजदूर। स्रोत : संगठन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जींद। गांव घोघड़िया निवासी ईंट-भट्ठा मजदूर अमित की शिकायत को लेकर वीरवार को लाल झंडा भट्ठा मजदूर यूनियन ने श्रम विभाग कार्यालय पर धरना दिया। यूनियन ने आरोप लगाया कि 5 अगस्त को श्रम विभाग कार्यालय में भट्ठा मालिक और मजदूर पक्ष के बीच कराया गया समझौता एकतरफा और फर्जी था।
साथ ही मांग की कि जब तक मजदूर की ट्रॉली वापस नहीं दिलाई जाती और मामले का निष्पक्ष समाधान नहीं होता, तब तक कार्रवाई की जाए। शिकायतकर्ता अमित ने बताया कि उसने शादीपुर-जुलाना स्थित एक ईंट-भट्ठे पर किए गए काम का पूरा हिसाब मांगा था।
आरोप है कि इसके बाद भट्ठा मालिक ने उसकी ट्रॉली अपने कब्जे में रख ली और सही हिसाब-किताब भी नहीं दिया। मजदूर का कहना है कि श्रम विभाग में हुई बैठक के दौरान ट्रॉली लौटाने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन बाद में भट्ठा मालिक ने इसे लौटाने से इन्कार कर दिया।
विज्ञापन
लाल झंडा भट्ठा मजदूर यूनियन के जिला प्रधान सुरेश करसोला और कोषाध्यक्ष पवन कुमार ने कहा कि किसी मजदूर के काम के औजार को जबरन अपने कब्जे में रखना बंधुआ मजदूरी प्रणाली (उन्मूलन) अधिनियम, 1976 की भावना के विपरीत है। उनका कहना था कि किसी मजदूर को उसके काम के साधनों से वंचित कर आर्थिक रूप से दबाव में रखना गंभीर मामला है, जिसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। यूनियन ने चेतावनी दी कि यदि पीड़ित मजदूर को न्याय नहीं मिला और प्रशासन ने निष्पक्ष कार्रवाई नहीं की तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
विज्ञापन
साथ ही मांग की कि जब तक मजदूर की ट्रॉली वापस नहीं दिलाई जाती और मामले का निष्पक्ष समाधान नहीं होता, तब तक कार्रवाई की जाए। शिकायतकर्ता अमित ने बताया कि उसने शादीपुर-जुलाना स्थित एक ईंट-भट्ठे पर किए गए काम का पूरा हिसाब मांगा था।
विज्ञापन
आरोप है कि इसके बाद भट्ठा मालिक ने उसकी ट्रॉली अपने कब्जे में रख ली और सही हिसाब-किताब भी नहीं दिया। मजदूर का कहना है कि श्रम विभाग में हुई बैठक के दौरान ट्रॉली लौटाने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन बाद में भट्ठा मालिक ने इसे लौटाने से इन्कार कर दिया।
विज्ञापन
लाल झंडा भट्ठा मजदूर यूनियन के जिला प्रधान सुरेश करसोला और कोषाध्यक्ष पवन कुमार ने कहा कि किसी मजदूर के काम के औजार को जबरन अपने कब्जे में रखना बंधुआ मजदूरी प्रणाली (उन्मूलन) अधिनियम, 1976 की भावना के विपरीत है। उनका कहना था कि किसी मजदूर को उसके काम के साधनों से वंचित कर आर्थिक रूप से दबाव में रखना गंभीर मामला है, जिसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। यूनियन ने चेतावनी दी कि यदि पीड़ित मजदूर को न्याय नहीं मिला और प्रशासन ने निष्पक्ष कार्रवाई नहीं की तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।