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Kaithal News: फेसबुक पर दोस्ती के नाम पर 8.75 लाख की ठगी मामले में पांचों आरोपी भेजे जेल
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कैथल। जनकपुरी कॉलोनी निवासी एक बुजुर्ग से फेसबुक पर दोस्ती कर 8.75 लाख रुपये की ठगी करने के मामले में गिरफ्तार पांचों आरोपियों को पूछताछ के बाद जेल भेज दिया गया है। इससे पहले आरोपी रेखा सुहाग को अदालत के आदेश पर न्यायिक हिरासत में भेजा जा चुका था। पुलिस ने मामले में दो नाइजीरियन नागरिकों समेत कुल पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया था।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान बीर बहादुर गुरूंग उर्फ दीपक तमंग निवासी गोरखपुर (उत्तर प्रदेश) हाल निवासी उत्तम नगर दिल्ली, दीपा विश्वाकर्मा निवासी दक्षिणी दिल्ली, रेखा सुहाग निवासी दार्जिलिंग (पश्चिम बंगाल) हाल निवासी मालवीय नगर दिल्ली तथा नाइजीरिया निवासी नजूबे चूकवुड़ी और इटोहन मर्सी के रूप में हुई थी।
जांच अधिकारी एसआई रविंद्र कुमार ने बताया कि पूछताछ के दौरान नाइजीरियन आरोपियों के कब्जे से छह मोबाइल फोन और दो हजार रुपये नकद बरामद किए गए। वहीं बीर बहादुर गुरूंग उर्फ दीपक तमंग से अलग-अलग नामों के दो आधार कार्ड और दो हजार रुपये नकद बरामद हुए हैं। पुलिस जांच में सामने आया कि नाइजीरियन आरोपियों ने फर्जी फेसबुक आईडी बनाकर बुजुर्ग से संपर्क किया और यूनाइटेड किंगडम निवासी महिला बनकर बातचीत शुरू की। बाद में कस्टम ड्यूटी, बैंक चार्ज, विदेशी मुद्रा और अन्य शुल्क के नाम पर शिकायतकर्ता से मार्च से मई 2025 के बीच 8 लाख 75 हजार रुपये ठग लिए गए। नाइजीरियन आरोपी ठगी के मास्टरमाइंड थे, जबकि अन्य आरोपी उनके लिए बैंक खाते उपलब्ध करवाकर ठगी की रकम जमा कराने का काम करते थे।
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गिरफ्तार आरोपियों की पहचान बीर बहादुर गुरूंग उर्फ दीपक तमंग निवासी गोरखपुर (उत्तर प्रदेश) हाल निवासी उत्तम नगर दिल्ली, दीपा विश्वाकर्मा निवासी दक्षिणी दिल्ली, रेखा सुहाग निवासी दार्जिलिंग (पश्चिम बंगाल) हाल निवासी मालवीय नगर दिल्ली तथा नाइजीरिया निवासी नजूबे चूकवुड़ी और इटोहन मर्सी के रूप में हुई थी।
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जांच अधिकारी एसआई रविंद्र कुमार ने बताया कि पूछताछ के दौरान नाइजीरियन आरोपियों के कब्जे से छह मोबाइल फोन और दो हजार रुपये नकद बरामद किए गए। वहीं बीर बहादुर गुरूंग उर्फ दीपक तमंग से अलग-अलग नामों के दो आधार कार्ड और दो हजार रुपये नकद बरामद हुए हैं। पुलिस जांच में सामने आया कि नाइजीरियन आरोपियों ने फर्जी फेसबुक आईडी बनाकर बुजुर्ग से संपर्क किया और यूनाइटेड किंगडम निवासी महिला बनकर बातचीत शुरू की। बाद में कस्टम ड्यूटी, बैंक चार्ज, विदेशी मुद्रा और अन्य शुल्क के नाम पर शिकायतकर्ता से मार्च से मई 2025 के बीच 8 लाख 75 हजार रुपये ठग लिए गए। नाइजीरियन आरोपी ठगी के मास्टरमाइंड थे, जबकि अन्य आरोपी उनके लिए बैंक खाते उपलब्ध करवाकर ठगी की रकम जमा कराने का काम करते थे।