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Kaithal News: सीबी-नॉट किट की कमी, फिर भी टीबी मरीजों की पहचान में अव्वल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Tue, 17 Mar 2026 01:50 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। पिछले करीब पांच महीनों से टीबी की जांच में इस्तेमाल होने वाली सीबी-नॉट मशीन की किट की कमी बनी हुई थी। इसके बावजूद कैथल टीबी जांच विंग ने लगातार प्रयास करते हुए निर्धारित लक्ष्य से अधिक मरीजों की पहचान कर मिसाल पेश की है।
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सीमित संसाधनों के बावजूद दिन-रात जांच अभियान चलाकर टीबी के मरीजों की खोज जारी रखी। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार वर्ष 2025 में जिले में टीबी मरीजों की पहचान का लक्ष्य 3200 रखा गया था। टीम ने मेहनत करते हुए 3221 मरीजों की पहचान की, जो लक्ष्य से अधिक है।
किट की कमी के कारण जांच प्रक्रिया प्रभावित हो सकती थी, लेकिन विभाग ने वैकल्पिक व्यवस्थाएं कर मरीजों की जांच जारी रखी। जिला नागरिक अस्पताल में प्रतिदिन 100 से अधिक सैंपल टीबी जांच के लिए आते हैं।
टीबी जांच के लिए 4-4 और 2-2 मॉड्यूल की मशीनें उपलब्ध हैं, लेकिन सीबी-नॉट किट समाप्त होने के कारण जांच में तकनीकी चुनौती सामने आई। इसके बावजूद टीबी विंग की टीम ने अन्य संसाधनों और व्यवस्थाओं के माध्यम से मरीजों की पहचान का कार्य जारी रखा।
अब विभाग के पास पर्याप्त किट उपलब्ध : स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि पिछले तीन वर्षों से टीबी के मामलों की पहचान और उपचार पर विशेष जोर दिया जा रहा है। कई बार किट की कमी की स्थिति 6 से 7 महीने तक बनी रहती है, फिर भी टीबी नियंत्रण कार्यक्रम को प्रभावित नहीं होने दिया गया।
विभागीय टीम ने सीमित संसाधनों में बेहतर कार्य करते हुए लक्ष्य से अधिक मरीजों की पहचान की है। सभी अधिकारियों और कर्मचारियों ने मिलकर इस कार्य को सफल बनाया है। अब विभाग के पास पर्याप्त मात्रा में सीबी-नॉट और ट्रयू-नॉट किट उपलब्ध हैं।
-डॉ. रेनू चावला, सिविल सर्जन
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कैथल। पिछले करीब पांच महीनों से टीबी की जांच में इस्तेमाल होने वाली सीबी-नॉट मशीन की किट की कमी बनी हुई थी। इसके बावजूद कैथल टीबी जांच विंग ने लगातार प्रयास करते हुए निर्धारित लक्ष्य से अधिक मरीजों की पहचान कर मिसाल पेश की है।
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सीमित संसाधनों के बावजूद दिन-रात जांच अभियान चलाकर टीबी के मरीजों की खोज जारी रखी। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार वर्ष 2025 में जिले में टीबी मरीजों की पहचान का लक्ष्य 3200 रखा गया था। टीम ने मेहनत करते हुए 3221 मरीजों की पहचान की, जो लक्ष्य से अधिक है।
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किट की कमी के कारण जांच प्रक्रिया प्रभावित हो सकती थी, लेकिन विभाग ने वैकल्पिक व्यवस्थाएं कर मरीजों की जांच जारी रखी। जिला नागरिक अस्पताल में प्रतिदिन 100 से अधिक सैंपल टीबी जांच के लिए आते हैं।
टीबी जांच के लिए 4-4 और 2-2 मॉड्यूल की मशीनें उपलब्ध हैं, लेकिन सीबी-नॉट किट समाप्त होने के कारण जांच में तकनीकी चुनौती सामने आई। इसके बावजूद टीबी विंग की टीम ने अन्य संसाधनों और व्यवस्थाओं के माध्यम से मरीजों की पहचान का कार्य जारी रखा।
अब विभाग के पास पर्याप्त किट उपलब्ध : स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि पिछले तीन वर्षों से टीबी के मामलों की पहचान और उपचार पर विशेष जोर दिया जा रहा है। कई बार किट की कमी की स्थिति 6 से 7 महीने तक बनी रहती है, फिर भी टीबी नियंत्रण कार्यक्रम को प्रभावित नहीं होने दिया गया।
विभागीय टीम ने सीमित संसाधनों में बेहतर कार्य करते हुए लक्ष्य से अधिक मरीजों की पहचान की है। सभी अधिकारियों और कर्मचारियों ने मिलकर इस कार्य को सफल बनाया है। अब विभाग के पास पर्याप्त मात्रा में सीबी-नॉट और ट्रयू-नॉट किट उपलब्ध हैं।
-डॉ. रेनू चावला, सिविल सर्जन