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Kaithal News: गेहूं की फसल चौपट, 30 हजार एकड़ में नुकसान
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Tue, 17 Mar 2026 01:55 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। मौसम में अचानक आए बदलाव ने जिले के किसानों की चिंता बढ़ा दी है। रविवार रात हुई तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि से ढांड-पूंडरी, कलायत और राजौंद क्षेत्र में गेहूं की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है। तेज हवाओं के कारण पककर तैयार खड़ी गेहूं की फसल खेतों में जमीन पर बिछ गई, जिससे किसानों की महीनों की मेहनत पर पानी फिर गया।
उप तहसील क्षेत्र ढांड-पूंडरी, कलायत और राजौंद में करीब 30 हजार एकड़ में गेहूं की फसल प्रभावित होने का अनुमान लगाया जा रहा है। किसानों का कहना है कि फसल लगभग पककर तैयार थी, लेकिन अचानक आई तेज हवाओं और बारिश ने पूरी फसल को गिरा दिया।
किसान बलजीत सिंह, देशराज, प्रवीण कुमार, बलकार सिंह, जगदीश और राजेंद्र ने बताया कि फसल के जमीन पर गिर जाने से उत्पादन में भारी कमी आने की आशंका है। इससे उन्हें बड़ा आर्थिक नुकसान होगा। किसानों का कहना है कि वे पहले से ही कर्ज के बोझ तले दबे हुए हैं और अब इस नुकसान ने उनकी परेशानी और बढ़ा दी है।
किसानों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि प्रभावित क्षेत्रों में विशेष गिरदावरी करवाई जाए और प्रति एकड़ 20 हजार रुपये का मुआवजा दिया जाए, ताकि उन्हें कुछ राहत मिल सके।
पाई क्षेत्र में भी नुकसान : पाई क्षेत्र में रविवार रात तेज हवा के साथ हुई बारिश और ओलावृष्टि से किसानों की खड़ी गेहूं की फसल जमीन पर बिछ गई। किसान बलवान, दिलबाग, रामकुमार, जयसिंह, नरेंद्र और राजेश ने बताया कि इस समय गेहूं में दाना पक रहा है। फसल गिरने से दाना काला पड़ सकता है और उत्पादन में कमी आने की आशंका है।
हरा चारा भी खराब : पूंडरी क्षेत्र के कई गांवों में आए अंधड़, तेज बारिश व ओलावृष्टि ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। क्षेत्र के गांव मूंदड़ी सहित आसपास के गांवों में हुई ओलावृष्टि से गेहूं की फसल, जिसे किसान पीला सोना कहते हैं, खराब होने के कगार पर पहुंच गई है।
किसानों का कहना है कि मौसम की मार से फसलें खेतों में ही झुक गई हैं, जिससे उत्पादन पर असर पड़ने की आशंका है। इसके अलावा पशुओं के लिए लगाया गया हरा चारा भी बारिश व ओलों की वजह से खराब हो गया है। इससे पशुपालकों के सामने भी चारे की समस्या खड़ी हो गई है। किसानों ने बताया कि अगर आने वाले दिनों में मौसम साफ नहीं हुआ तो नुकसान और बढ़ सकता है। किसानों ने सरकार व प्रशासन से मांग की है कि प्रभावित क्षेत्रों का सर्वे करवाकर नुकसान का उचित मुआवजा दिया जाए, ताकि किसानों को राहत मिल सके।
रविवार रात को हुई बारिश व तूफान से फसलों में नुकसान की कोई शिकायत नहीं मिली है। जो बारिश हुई है उसका गेहूं की फसल में फायदा ही है। फिलहाल गेहूं की फसल के अनुकूल ही मौसम चल रहा है। -डॉ. करमचंद, कृषि उपनिदेशक
बिजली के खंभे गिरे, रात भर गुल रही बत्ती
कैथल/कुरुक्षेत्र। कैथल और कुरुक्षेत्र में कई जगह बिजली के खंभे टूट गए। जंपर और फ्यूज उड़ने से कई इलाकों में बिजली गुल हो गई। बिजली विभाग का कहना है कि बारिश बंद होते ही बिजली की लाइन दुरुस्त कर दी गई थी।
रविवार रात तेज बारिश में तूफान से कई जगह नुकसान हुआ। खेतों में पकाई की ओर पहुंची गेहूं की फसल बिछ गई। वहीं बिजली के कई पोल भी टूट गए जिसके कारण अधिकतर क्षेत्रों में रातभर बिजली गुल रही। बिजली निगम को सबसे ज्यादा नुकसान पिहोवा क्षेत्र में हुआ, जहां करीब 15 खंभे टूट जाने की सूचना निगम के पास पहुंची। वहीं अन्य क्षेत्रों में भी पोल टूटे हैं, जिन्हें दुरुस्त करने के लिए निगम की टीमें बारिश रुकते ही रात को जुट गई थीं।
सुबह होने पर अधिकतर क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति सुचारू कर दी गई लेकिन कई स्थानों पर दोपहर तक लोगों को बिजली आने पर राहत मिल सकी। बताते हैंकि अधिकतर फसल वहीं गिरी जिसमें किसानों की ओर से पानी दिया गया है। जो फसल ज्यादा गिरी है, उसमें नुकसान जरूर होगा और उत्पादन कम निकलेगा। संवाद
बारिश के बाद तापमान में आई गिरावट
रात को बारिश के बाद गर्मी से राहत मिली है। तापमान में गिरावट दर्ज की गई। मंगलवार को अधिकतम तापमान 28 डिग्री व न्यूनतम 15 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना जताई जा रही है।
कृषि विज्ञान केंद्र की वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉक्टर ममता के अनुसार अगले कई दिन तक मौसम में बदलाव रहने की आशंका है। उधर, बारिश से सरसों की कटाई भी प्रभावित हुई है। वहीं रात को बारिश होने की वजह से मंदिरों में आई सरसों की फसल भी भीग गई। सुबह करीब 11:00 बजे धूप खिली तो भीगी फसल को सुखाया गया। ऐसे में सरसों की फसल की बिकवाली पर भी असर पड़ा।
कमालपुर माइनर का कटाव बंद, खेतों से पानी निकाला
बड़सीकरी गांव में कमालपुर माइनर टूटने से कुछ खेतों में पानी भर गया था। सिंचाई विभाग ने तुरंत कार्रवाई करते हुए मिट्टी के कट्टों से कटाव बंद करवा दिया और खेतों से पानी की निकासी करवाई। जाखौली सब डिविजन के एसडीओ तरसेम गर्ग ने बताया कि मौसम ठीक होने पर माइनर की मरम्मत का कार्य पूरा करवा दिया जाएगा।
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कैथल। मौसम में अचानक आए बदलाव ने जिले के किसानों की चिंता बढ़ा दी है। रविवार रात हुई तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि से ढांड-पूंडरी, कलायत और राजौंद क्षेत्र में गेहूं की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है। तेज हवाओं के कारण पककर तैयार खड़ी गेहूं की फसल खेतों में जमीन पर बिछ गई, जिससे किसानों की महीनों की मेहनत पर पानी फिर गया।
उप तहसील क्षेत्र ढांड-पूंडरी, कलायत और राजौंद में करीब 30 हजार एकड़ में गेहूं की फसल प्रभावित होने का अनुमान लगाया जा रहा है। किसानों का कहना है कि फसल लगभग पककर तैयार थी, लेकिन अचानक आई तेज हवाओं और बारिश ने पूरी फसल को गिरा दिया।
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किसान बलजीत सिंह, देशराज, प्रवीण कुमार, बलकार सिंह, जगदीश और राजेंद्र ने बताया कि फसल के जमीन पर गिर जाने से उत्पादन में भारी कमी आने की आशंका है। इससे उन्हें बड़ा आर्थिक नुकसान होगा। किसानों का कहना है कि वे पहले से ही कर्ज के बोझ तले दबे हुए हैं और अब इस नुकसान ने उनकी परेशानी और बढ़ा दी है।
किसानों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि प्रभावित क्षेत्रों में विशेष गिरदावरी करवाई जाए और प्रति एकड़ 20 हजार रुपये का मुआवजा दिया जाए, ताकि उन्हें कुछ राहत मिल सके।
पाई क्षेत्र में भी नुकसान : पाई क्षेत्र में रविवार रात तेज हवा के साथ हुई बारिश और ओलावृष्टि से किसानों की खड़ी गेहूं की फसल जमीन पर बिछ गई। किसान बलवान, दिलबाग, रामकुमार, जयसिंह, नरेंद्र और राजेश ने बताया कि इस समय गेहूं में दाना पक रहा है। फसल गिरने से दाना काला पड़ सकता है और उत्पादन में कमी आने की आशंका है।
हरा चारा भी खराब : पूंडरी क्षेत्र के कई गांवों में आए अंधड़, तेज बारिश व ओलावृष्टि ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। क्षेत्र के गांव मूंदड़ी सहित आसपास के गांवों में हुई ओलावृष्टि से गेहूं की फसल, जिसे किसान पीला सोना कहते हैं, खराब होने के कगार पर पहुंच गई है।
किसानों का कहना है कि मौसम की मार से फसलें खेतों में ही झुक गई हैं, जिससे उत्पादन पर असर पड़ने की आशंका है। इसके अलावा पशुओं के लिए लगाया गया हरा चारा भी बारिश व ओलों की वजह से खराब हो गया है। इससे पशुपालकों के सामने भी चारे की समस्या खड़ी हो गई है। किसानों ने बताया कि अगर आने वाले दिनों में मौसम साफ नहीं हुआ तो नुकसान और बढ़ सकता है। किसानों ने सरकार व प्रशासन से मांग की है कि प्रभावित क्षेत्रों का सर्वे करवाकर नुकसान का उचित मुआवजा दिया जाए, ताकि किसानों को राहत मिल सके।
रविवार रात को हुई बारिश व तूफान से फसलों में नुकसान की कोई शिकायत नहीं मिली है। जो बारिश हुई है उसका गेहूं की फसल में फायदा ही है। फिलहाल गेहूं की फसल के अनुकूल ही मौसम चल रहा है। -डॉ. करमचंद, कृषि उपनिदेशक
बिजली के खंभे गिरे, रात भर गुल रही बत्ती
कैथल/कुरुक्षेत्र। कैथल और कुरुक्षेत्र में कई जगह बिजली के खंभे टूट गए। जंपर और फ्यूज उड़ने से कई इलाकों में बिजली गुल हो गई। बिजली विभाग का कहना है कि बारिश बंद होते ही बिजली की लाइन दुरुस्त कर दी गई थी।
रविवार रात तेज बारिश में तूफान से कई जगह नुकसान हुआ। खेतों में पकाई की ओर पहुंची गेहूं की फसल बिछ गई। वहीं बिजली के कई पोल भी टूट गए जिसके कारण अधिकतर क्षेत्रों में रातभर बिजली गुल रही। बिजली निगम को सबसे ज्यादा नुकसान पिहोवा क्षेत्र में हुआ, जहां करीब 15 खंभे टूट जाने की सूचना निगम के पास पहुंची। वहीं अन्य क्षेत्रों में भी पोल टूटे हैं, जिन्हें दुरुस्त करने के लिए निगम की टीमें बारिश रुकते ही रात को जुट गई थीं।
सुबह होने पर अधिकतर क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति सुचारू कर दी गई लेकिन कई स्थानों पर दोपहर तक लोगों को बिजली आने पर राहत मिल सकी। बताते हैंकि अधिकतर फसल वहीं गिरी जिसमें किसानों की ओर से पानी दिया गया है। जो फसल ज्यादा गिरी है, उसमें नुकसान जरूर होगा और उत्पादन कम निकलेगा। संवाद
बारिश के बाद तापमान में आई गिरावट
रात को बारिश के बाद गर्मी से राहत मिली है। तापमान में गिरावट दर्ज की गई। मंगलवार को अधिकतम तापमान 28 डिग्री व न्यूनतम 15 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना जताई जा रही है।
कृषि विज्ञान केंद्र की वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉक्टर ममता के अनुसार अगले कई दिन तक मौसम में बदलाव रहने की आशंका है। उधर, बारिश से सरसों की कटाई भी प्रभावित हुई है। वहीं रात को बारिश होने की वजह से मंदिरों में आई सरसों की फसल भी भीग गई। सुबह करीब 11:00 बजे धूप खिली तो भीगी फसल को सुखाया गया। ऐसे में सरसों की फसल की बिकवाली पर भी असर पड़ा।
कमालपुर माइनर का कटाव बंद, खेतों से पानी निकाला
बड़सीकरी गांव में कमालपुर माइनर टूटने से कुछ खेतों में पानी भर गया था। सिंचाई विभाग ने तुरंत कार्रवाई करते हुए मिट्टी के कट्टों से कटाव बंद करवा दिया और खेतों से पानी की निकासी करवाई। जाखौली सब डिविजन के एसडीओ तरसेम गर्ग ने बताया कि मौसम ठीक होने पर माइनर की मरम्मत का कार्य पूरा करवा दिया जाएगा।